कक्षा 10: अध्याय 7-गति

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अध्याय 7 – गति (Motion)

हमारे आसपास की अधिकतर वस्तुएँ किसी न किसी प्रकार की गति में होती हैं। जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है, तो कहा जाता है कि वह गति में है।
इस अध्याय में हम गति के विभिन्न प्रकारों और उन्हें मापने के तरीकों को समझेंगे।

फैक्ट: गति का अध्ययन करने को कायिकी (Mechanics) कहा जाता है, जो भौतिक विज्ञान की एक प्रमुख शाखा है।

गति को समझने के लिए हमें कुछ मुख्य राशियों की आवश्यकता होती है, जैसे — दूरी (Distance), विचलन (Displacement), चाल (Speed), वेग (Velocity) और त्वरन (Acceleration)।
इन सभी राशियों के माध्यम से हम किसी वस्तु की गति को मात्रात्मक रूप से व्यक्त कर सकते हैं।

उदाहरण: जब कोई ट्रेन समान समय में समान दूरी तय करती है, तो वह एकसमान गति में होती है।

इस अध्याय में हम यह भी जानेंगे कि गति का ग्राफ कैसे बनाया जाता है और गति के समीकरणों का उपयोग करके किसी वस्तु की स्थिति, वेग और समय के बीच संबंध कैसे स्थापित किया जाता है।

नोट: गति को समझना आवश्यक है क्योंकि यह हमारे दैनिक जीवन की कई घटनाओं को स्पष्ट करता है, जैसे वाहन की चाल, वर्षा की गति या वस्तुओं का गिरना।

गति का वर्णन (Description of Motion)

जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है, तो कहा जाता है कि वह गति कर रही है। गति का अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि वस्तु किस दिशा में और कितनी तेज़ी से चल रही है।
गति का वर्णन तीन मुख्य राशियों द्वारा किया जाता है — दूरी (Distance), विचलन (Displacement) और समय (Time)।

फैक्ट: गति के अध्ययन को कायिकी (Mechanics) कहते हैं और इसके अंतर्गत गति के कारणों का नहीं बल्कि गति के प्रकारों का अध्ययन किया जाता है।

गति को सामान्यतः तीन प्रकारों में बाँटा जाता है — सरल रेखीय गति, वृत्तीय गति और दोलन गति
इनमें सबसे सरल रूप है — सरल रेखीय गति

सरल रेखीय गति (Rectilinear Motion)

यदि कोई वस्तु एक सीधी रेखा पर चलती है, तो उसे सरल रेखीय गति कहा जाता है।
इस प्रकार की गति में वस्तु की दिशा नहीं बदलती — केवल स्थिति बदलती है। उदाहरण के लिए, सड़क पर चलती कार, सीधे रास्ते पर दौड़ता धावक, या गिरती हुई वस्तु — सभी सरल रेखीय गति के उदाहरण हैं।

उदाहरण: जब कोई ट्रेन एक सीधी पटरी पर समान दिशा में चलती है, तो वह सरल रेखीय गति में होती है।

सरल रेखीय गति दो प्रकार की हो सकती है:

  • एकसमान गति (Uniform Motion): जब वस्तु समान समयांतराल में समान दूरी तय करती है।
  • अ-एकसमान गति (Non-Uniform Motion): जब वस्तु समान समयांतराल में असमान दूरी तय करती है।
नोट: सरल रेखीय गति का अध्ययन हमें वस्तुओं के वेग, चाल और त्वरन को समझने की नींव प्रदान करता है।

एकसमान गति और अ-एकसमान गति (Uniform and Non-Uniform Motion)

जब कोई वस्तु एक सीधी रेखा पर चलती है, तो उसकी गति दो प्रकार की हो सकती है — एकसमान गति और अ-एकसमान गति
इन दोनों प्रकारों को समझना गति के अध्ययन के लिए बहुत आवश्यक है।

1. एकसमान गति (Uniform Motion)

यदि कोई वस्तु समान समयांतराल में समान दूरी तय करती है, तो उसे एकसमान गति कहा जाता है।
अर्थात् वस्तु की चाल (speed) समय के साथ नहीं बदलती है।

उदाहरण: कोई कार यदि हर 2 सेकंड में 10 मीटर की दूरी तय करती है, तो उसकी गति एकसमान है।
पहले 2 सेकंड में 10 मीटर, अगले 2 सेकंड में फिर 10 मीटर — दूरी बराबर है, इसलिए गति भी बराबर है।

एकसमान गति का ग्राफ (Distance-Time Graph) हमेशा एक सीधी रेखा होता है क्योंकि दूरी समय के साथ समान रूप से बढ़ती है।

फैक्ट: एकसमान गति में औसत चाल = तात्कालिक चाल होती है।

2. अ-एकसमान गति (Non-Uniform Motion)

यदि कोई वस्तु समान समयांतराल में असमान दूरी तय करती है, तो उसकी गति अ-एकसमान कहलाती है।
इसमें वस्तु की चाल समय के साथ बदलती रहती है — कभी अधिक, कभी कम।

उदाहरण: कोई बस जो ट्रैफिक सिग्नल, मोड़ और रुकावटों के कारण अपनी गति बार-बार बदलती है, वह अ-एकसमान गति करती है।

अ-एकसमान गति के Distance-Time ग्राफ में रेखा सीधी नहीं होती, बल्कि वक्र (curve) के रूप में दिखाई देती है क्योंकि गति स्थिर नहीं रहती।

नोट: एकसमान गति में त्वरन (acceleration) शून्य होता है, जबकि अ-एकसमान गति में त्वरन शून्य नहीं होता।

प्रश्नोत्तर – एकसमान गति और आसमान गति

प्रश्न 1:

एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई। क्या उसका विस्थापन (Displacement) शून्य हो सकता है?
अगर हाँ, तो अपने उत्तर को उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर: हाँ, विस्थापन शून्य हो सकता है।
जब कोई वस्तु घूमकर अपनी प्रारंभिक स्थिति पर लौट आती है, तो उसकी प्रारंभिक और अंतिम स्थिति समान होती है, इसलिए विस्थापन शून्य होता है।
उदाहरण: यदि कोई लड़का गोल मैदान में दौड़कर फिर प्रारंभिक बिंदु पर लौट आता है, तो उसने दूरी तय की है, पर उसका विस्थापन शून्य है।

प्रश्न 2:

एक किसान 10 m × 10 m की भुजा वाले वर्गाकार खेत की सीमा पर 40 सेकंड में एक चक्कर लगाता है।
2 मिनट 20 सेकंड (अर्थात् 140 सेकंड) के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?

उत्तर:
कुल समय = 2 मिनट 20 सेकंड = 140 सेकंड
एक चक्कर का समय = 40 सेकंड
किसान द्वारा पूरे चक्करों की संख्या = 140 ÷ 40 = 3.5 चक्कर
इसका मतलब किसान 3 पूरे चक्कर लगा चुका है और चौथे चक्कर का आधा भाग तय किया है।
वर्गाकार खेत की एक भुजा 10 m है, तो आधा चक्कर का विस्थापन होगा — खेत के विकर्ण (diagonal) के बराबर।
विकर्ण = √(10² + 10²) = √200 = 14.14 m
अतः किसान का विस्थापन = 14.14 मीटर

प्रश्न 3:

विस्थापन के लिए निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

  1. यह शून्य नहीं हो सकता है।
  2. इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है।
  3. इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी के बराबर या उससे कम होता है।
सही उत्तर: (c) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी के बराबर या उससे कम होता है।
कारण: विस्थापन वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की सबसे छोटी दूरी होती है, इसलिए यह कभी दूरी से अधिक नहीं हो सकता।

गति की दर का मापन (Measurement of Rate of Motion)

जब कोई वस्तु गति करती है, तो हमें यह जानने की आवश्यकता होती है कि वह कितनी तेज़ी से चल रही है।
गति की दर का मापन हमें बताता है कि कोई वस्तु एक निश्चित समय में कितनी दूरी तय करती है।
गति की दर को चाल (Speed) कहते हैं।

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परिभाषा: किसी वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी और उसे तय करने में लगे कुल समय के अनुपात को वस्तु की चाल कहते हैं।
सूत्र: चाल = दूरी / समय
(Speed = Distance / Time)

गति की दर को मापने के लिए दूरी को मीटर (m) में और समय को सेकंड (s) में मापा जाता है।
इस प्रकार चाल की इकाई होती है — मीटर प्रति सेकंड (m/s)

SI इकाई: चाल की SI इकाई = मीटर प्रति सेकंड (m/s)

अन्य इकाइयाँ: किलोमीटर प्रति घंटा (km/h)

चाल के प्रकार:

  • एकसमान चाल (Uniform Speed): जब कोई वस्तु समान समयांतराल में समान दूरी तय करती है।
  • अ-एकसमान चाल (Non-uniform Speed): जब कोई वस्तु समान समयांतराल में असमान दूरी तय करती है।
उदाहरण: यदि एक कार 100 मीटर दूरी 10 सेकंड में तय करती है,
तो उसकी चाल = 100 ÷ 10 = 10 m/s

यदि चाल को दिशा सहित मापा जाए, तो उसे वेग (Velocity) कहते हैं।
वेग हमें यह बताता है कि वस्तु किस दिशा में कितनी तेजी से चल रही है।

महत्वपूर्ण: चाल केवल परिमाण बताती है, जबकि वेग चाल के साथ दिशा भी बताता है।

उदाहरण:-

एक वस्तु 16 m की दूरी 4 s में तय करती है तथा पुनः 16 m की दूरी 2 s में तय करती है।
हमें वस्तु की औसत चाल (Average Speed) ज्ञात करनी है।

दिया गया:
दूरी 1, d₁ = 16 m, समय 1, t₁ = 4 s
दूरी 2, d₂ = 16 m, समय 2, t₂ = 2 s

औसत चाल का सूत्र:
Average Speed = Total Distance / Total Time

समाधान:
कुल दूरी = d₁ + d₂ = 16 + 16 = 32 m
कुल समय = t₁ + t₂ = 4 + 2 = 6 s
औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय = 32 ÷ 6 ≈ 5.33 m/s

अतः वस्तु की औसत चाल ≈ 5.33 m/s है।

दिशा के साथ चाल (Velocity)

जब किसी वस्तु की गति को केवल परिमाण (चाल) के रूप में नहीं बल्कि दिशा सहित व्यक्त किया जाता है, तो इसे वेग (Velocity) कहा जाता है।
वेग हमें बताता है कि वस्तु कितनी तेजी से और किस दिशा में चल रही है।

परिभाषा: किसी वस्तु द्वारा किसी निश्चित समय में किया गया विस्थापन और समय का अनुपात वेग कहलाता है।
सूत्र: Velocity = Displacement / Time

वेग की SI इकाई मीटर प्रति सेकंड (m/s) होती है और इसमें दिशा शामिल होती है।
यदि वस्तु एक ही दिशा में समान गति से चलती है, तो उसका औसत वेग और औसत चाल समान होंगे।

उदाहरण:
यदि कोई कार 100 m उत्तर दिशा में 20 सेकंड में चलती है, तो उसका वेग = विस्थापन / समय = 100 ÷ 20 = 5 m/s उत्तर।

ध्यान दें कि यदि वस्तु अपनी प्रारंभिक स्थिति पर लौट आती है, तो उसका विस्थापन शून्य होगा, और इस प्रकार उसका औसत वेग भी शून्य होगा, चाहे उसने दूरी तय की हो।

महत्वपूर्ण: चाल (Speed) हमेशा धनात्मक (positive) होती है, जबकि वेग (Velocity) धनात्मक या ऋणात्मक (negative) हो सकता है, जो दिशा पर निर्भर करता है।

 

प्रश्नोत्तर – चाल और वेग

प्रश्न 1:

चाल (Speed) और वेग (Velocity) में अंतर बताइए।

उत्तर:

  • चाल (Speed): यह वस्तु द्वारा तय की गई दूरी और समय का अनुपात है। इसमें दिशा शामिल नहीं होती।
  • वेग (Velocity): यह विस्थापन और समय का अनुपात है। इसमें दिशा शामिल होती है।
  • संक्षेप में: चाल = परिमाण मात्र, वेग = परिमाण + दिशा

प्रश्न 2:

किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा?

उत्तर: जब वस्तु समान दिशा में चलती है और अपनी प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच कोई दिशा परिवर्तन नहीं होता, तब औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा।

प्रश्न 3:

एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है?

उत्तर: ओडोमीटर गाड़ी द्वारा तय की गई कुल दूरी को मापता है।
यह चाल या वेग नहीं बल्कि केवल कुल दूरी दिखाता है।

प्रश्न 4:

जब वस्तु एकसमान गति में होती है, तो इसका मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है?

उत्तर:
एकसमान गति में दूरी-समय (Distance-Time) ग्राफ हमेशा सीधी रेखा होती है।
इसका अर्थ है कि वस्तु समान अंतराल में समान दूरी तय करती है।

प्रश्न 5:

एक प्रयोग के दौरान, अंतरिक्षयान से एक सिग्नल को पृथ्वी पर पहुँचने में 5 मिनट का समय लगता है।
पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से उस अंतरिक्षयान की दूरी ज्ञात कीजिए।
(सिग्नल की चाल = प्रकाश की चाल = 3 × 10⁸ m/s)

उत्तर:
समय, t = 5 मिनट = 5 × 60 = 300 s
चाल, c = 3 × 10⁸ m/s
दूरी = चाल × समय = c × t = 3 × 10⁸ × 300 = 9 × 10¹⁰ m

अतः अंतरिक्षयान और पृथ्वी पर स्थित स्टेशन के बीच दूरी = 9 × 10¹⁰ मीटर

उदाहरण:-

ऊषा 90 m लंबे तालाब में तैरती है। वह एक सिरे से दूसरे सिरे तक सरल रेखीय पथ पर जाती है और फिर वापस आती है।
इस दौरान वह कुल 180 m की दूरी 1 मिनट में तय करती है। हमें औसत चाल (Average Speed) और औसत वेग (Average Velocity) ज्ञात करनी है।

दिया गया:
दूरी = 180 m, समय = 1 मिनट = 60 s
तालाब की लंबाई = 90 m

औसत चाल (Average Speed)

औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय
= 180 ÷ 60 = 3 m/s

औसत वेग (Average Velocity)

औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल समय
चूंकि ऊषा वापस अपनी प्रारंभिक स्थिति पर लौटती है, इसलिए विस्थापन = 0 m
अतः औसत वेग = 0 ÷ 60 = 0 m/s

उत्तर:
औसत चाल = 3 m/s
औसत वेग = 0 m/s

वेग में परिवर्तन की दर (Rate of Change of Velocity)

जब किसी वस्तु का वेग समय के साथ बदलता है, तो इस परिवर्तन की दर को त्वरण (Acceleration) कहते हैं।
त्वरण यह बताता है कि वस्तु की गति कितनी तेजी से बदल रही है।

परिभाषा:
किसी वस्तु का त्वरन = समय के प्रति वेग में परिवर्तनसूत्र: a = (v – u) / t
जहाँ,
u = प्रारंभिक वेग,
v = अंतिम वेग,
t = समय,
a = त्वरन

त्वरण का परिमाण यह बताता है कि किसी वस्तु की वेग एक इकाई समय में कितनी बढ़ी या घट गई।
यदि त्वरन सकारात्मक है, तो वेग बढ़ रहा है; यदि त्वरन ऋणात्मक है, तो वेग घट रहा है।

SI इकाई: मीटर प्रति सेकंड² (m/s²)

उदाहरण:

यदि एक गाड़ी की वेग 0 m/s से 20 m/s हो गई और समय 10 सेकंड था, तो गाड़ी का त्वरन होगा:

a = (v – u) / t = (20 – 0) / 10 = 2 m/s²

अतः गाड़ी का त्वरन = 2 m/s²

उदाहरण;

विरामावस्था से राहुल अपनी साइकिल को चलाना शुरू करता है और 30 सेकंड में 6 m/s का वेग प्राप्त करता है।
फिर वह ब्रेक लगाता है और साइकिल का वेग 55 सेकंड में 4 m/s हो जाता है।
हमें दोनों स्थितियों में साइकिल के त्वरन (Acceleration) ज्ञात करने हैं।

दिया गया:
स्थिति 1 (साइकिल शुरू होती है):
प्रारंभिक वेग, u₁ = 0 m/s
अंतिम वेग, v₁ = 6 m/s
समय, t₁ = 30 s
स्थिति 2 (ब्रेक लगाते समय):
प्रारंभिक वेग, u₂ = 6 m/s
अंतिम वेग, v₂ = 4 m/s
समय, t₂ = 55 s

स्थिति 1: त्वरण (Acceleration)

a₁ = (v₁ – u₁) / t₁
a₁ = (6 – 0) / 30 = 6 / 30 = 0.2 m/s²

स्थिति 2: त्वरण (Deceleration)

a₂ = (v₂ – u₂) / t₂
a₂ = (4 – 6) / 55 = (-2) / 55 ≈ -0.03636 m/s²

उत्तर:
पहले स्थिति में त्वरन = 0.2 m/s² (सकारात्मक)
ब्रेक लगाते समय त्वरन = -0.036 m/s² (ऋणात्मक, घटने वाला)

प्रश्नोत्तर – त्वरण (Acceleration)

प्रश्न 1:

आप किसी वस्तु के बारे में कब कहेंगे कि वह एकसमान त्वरन से गति में है?

उत्तर:
जब किसी वस्तु का वेग समय के साथ समान दर से बढ़े या घटे, यानी वेग का परिवर्तन हर सेकंड समान हो, तब वह एकसमान त्वरन से गति में है।

प्रश्न 2:

एक बस की वेग 5 सेकंड में 80 km/h से घटकर 60 km/h हो जाती है। बस का त्वरण ज्ञात कीजिए।

दिया गया:
u = 80 km/h = 80 × 1000/3600 = 22.22 m/s
v = 60 km/h = 60 × 1000/3600 = 16.67 m/s
t = 5 s

सूत्र: a = (v – u) / t

a = (16.67 – 22.22) / 5 = (-5.55) / 5 = -1.11 m/s²

अतः बस का त्वरण = -1.11 m/s² (ऋणात्मक, क्योंकि गति घट रही है)


प्रश्न 3:

एक रेलगाड़ी स्टेशन से चलना प्रारंभ करती है और एकसमान त्वरण के साथ चलते हुए 10 मिनट में 40 km/h की चाल प्राप्त करती है। इसका त्वरण ज्ञात कीजिए।

दिया गया:
u = 0 (स्टेशन से प्रारंभ)
v = 40 km/h = 40 × 1000 / 3600 = 11.11 m/s
t = 10 मिनट = 600 s

सूत्र: a = (v – u) / t

a = (11.11 – 0) / 600 ≈ 0.0185 m/s²

अतः रेलगाड़ी का त्वरण ≈ 0.0185 m/s²

गति का ग्राफीय निरूपण (Graphical Representation of Motion)

गति का ग्राफीय निरूपण वस्तु की गति और स्थिति के बीच संबंध को दृष्टिगत रूप में दिखाता है।
मुख्य ग्राफ जो उपयोग किए जाते हैं, वे हैं:

1. दूरी-समय ग्राफ (Distance-Time Graph)

इस ग्राफ में x-अक्ष पर समय और y-अक्ष पर दूरी को दर्शाया जाता है।
एकसमान गति: ग्राफ सीधी रेखा होती है।
अ-एकसमान गति: ग्राफ वक्र (curve) होता है।

विशेषताएँ:

  • रेखा की ढलान = चाल (Speed)
  • सीधी रेखा = चाल समान
  • वक्र = चाल बदलती रहती है

2. वेग-समय ग्राफ (Velocity-Time Graph)

इस ग्राफ में x-अक्ष पर समय और y-अक्ष पर वेग को दर्शाया जाता है।
– रेखा की ढलान = त्वरन (Acceleration)
– यदि रेखा ऊपर की ओर ढलान वाली है, तो त्वरन सकारात्मक
– यदि रेखा नीचे की ओर ढलान वाली है, तो त्वरन ऋणात्मक

महत्वपूर्ण: वेग-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल = वस्तु द्वारा तय की गई दूरी

3. त्वरण-समय ग्राफ (Acceleration-Time Graph)

इस ग्राफ में x-अक्ष पर समय और y-अक्ष पर त्वरन को दर्शाया जाता है।
– यदि त्वरन समान है, तो ग्राफ एक क्षैतिज रेखा होता है।
– त्वरन बढ़ता या घटता है तो ग्राफ ऊपर या नीचे की ओर झुका होता है।

नोट: ग्राफ के माध्यम से किसी वस्तु की चाल, वेग और त्वरन का विश्लेषण सरल और स्पष्ट रूप में किया जा सकता है।

प्रश्नोत्तर – गति का ग्राफीय निरूपण

प्रश्न 1:

किसी वस्तु के एकसमान और अ-एकसमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ़ की प्रकृति क्या होती है?

उत्तर:

  • एकसमान गति: दूरी-समय ग्राफ़ एक सीधी रेखा होती है।
  • अ-एकसमान गति: दूरी-समय ग्राफ़ वक्र (curve) के रूप में होती है।

प्रश्न 2:

किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका दूरी-समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?

उत्तर: यदि दूरी-समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर है, तो वस्तु स्थिर है, यानी उसकी गति शून्य है।

प्रश्न 3:

किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका चाल-समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?

उत्तर: यदि चाल-समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर है, तो वस्तु की चाल स्थिर है।
यानी वस्तु एकसमान गति से चल रही है।

प्रश्न 4:

वेग-समय ग्राफ़ के नीचे के क्षेत्र से मापी गई राशि क्या होती है?

उत्तर: वेग-समय ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई दूरी को दर्शाता है।

गति के समीकरण (Equations of Motion)

जब किसी वस्तु की गति एकसमान त्वरन से हो, तो उसकी चाल, समय और दूरी के बीच कुछ मुख्य समीकरण होते हैं। इन्हें गति के तीन मुख्य समीकरण कहते हैं।
यह समीकरण हमें वस्तु की स्थिति, चाल और समय का विश्लेषण करने में मदद करते हैं।

प्रथम समीकरण (First Equation of Motion)

समीकरण:
v = u + atजहाँ,
u = प्रारंभिक वेग (Initial Velocity)
v = अंतिम वेग (Final Velocity)
a = त्वरन (Acceleration)
t = समय (Time)व्याख्या: यह समीकरण बताता है कि एकसमान त्वरन में समय t के बाद अंतिम वेग प्रारंभिक वेग और त्वरन के गुणनफल के बराबर होता है।

द्वितीय समीकरण (Second Equation of Motion)

समीकरण:
s = ut + ½ a t²जहाँ,
s = दूरी (Displacement)
u = प्रारंभिक वेग (Initial Velocity)
a = त्वरन (Acceleration)
t = समय (Time)व्याख्या: यह समीकरण बताता है कि प्रारंभिक वेग और एकसमान त्वरन में t समय में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी कितनी होगी।

तृतीय समीकरण (Third Equation of Motion)

समीकरण:
v² = u² + 2 a sजहाँ,
v = अंतिम वेग (Final Velocity)
u = प्रारंभिक वेग (Initial Velocity)
a = त्वरन (Acceleration)
s = दूरी (Displacement)व्याख्या: यह समीकरण समय को शामिल नहीं करता।
यह केवल वेग, त्वरन और दूरी के बीच संबंध बताता है।

महत्वपूर्ण नोट्स:

  • सभी समीकरण केवल एकसमान त्वरन के लिए मान्य हैं।
  • यदि त्वरन ऋणात्मक (negative) है, तो इसे समीकरण में ऋणांक के साथ प्रयोग किया जाता है।
  • प्रारंभिक और अंतिम वेग हमेशा समान दिशा में लिए जाते हैं।

सारांश तालिका:

समीकरण समीकरण का रूप प्रयोग
प्रथम v = u + at समय और त्वरन से अंतिम वेग ज्ञात करना
द्वितीय s = ut + ½ a t² समय और त्वरन से दूरी ज्ञात करना
तृतीय v² = u² + 2as दूरी और त्वरन से अंतिम वेग ज्ञात करना (समय शामिल नहीं)

 

गति के उदाहरण

प्रश्न 1:

कोई बस विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है तथा 2 मिनट तक 0.1 m/s² के एकसमान त्वरण से चलती है।
परिकलन कीजिए: (a) प्राप्त की गई चाल, (b) तय की गई दूरी।

दिया गया:
u = 0 m/s (विरामावस्था)
a = 0.1 m/s²
t = 2 मिनट = 120 s

(a) प्राप्त की गई चाल

प्रथम समीकरण: v = u + at

v = 0 + 0.1 × 120 = 12 m/s

(b) तय की गई दूरी

द्वितीय समीकरण: s = ut + ½ a t²

s = 0 × 120 + ½ × 0.1 × (120)² = 0.05 × 14400 = 720 m

उत्तर: चाल = 12 m/s, दूरी = 720 m


प्रश्न 2:

कोई रेलगाड़ी 90 km/h के चाल से चल रही है। ब्रेक लगाए जाने पर वह -0.5 m/s² का एकसमान त्वरण उत्पन्न करती है।
रेलगाड़ी विरामावस्था में आने से पहले कितनी दूरी तय करेगी?

दिया गया:
u = 90 km/h = 90 × 1000 / 3600 = 25 m/s
v = 0 m/s (विरामावस्था)
a = -0.5 m/s²

तृतीय समीकरण: v² = u² + 2as

0 = (25)² + 2(-0.5) s

0 = 625 – s

s = 625 m

उत्तर: रेलगाड़ी 625 m दूरी तय करेगी।


प्रश्न 3:

एक ट्रॉली एक तट पर 2 m/s² के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारंभ करने के 35 s पश्चात् उसका वेग क्या होगा?

दिया गया:
u = 0 m/s (प्रारंभिक)
a = 2 m/s²
t = 35 s

प्रथम समीकरण: v = u + at

v = 0 + 2 × 35 = 70 m/s

उत्तर: v = 70 m/s


प्रश्न 4:

एक रेसिंग कार का एकसमान त्वरण 4 m/s² है। गति प्रारंभ करने के 10 s पश्चात् वह कितनी दूरी तय करेगी?

दिया गया:
u = 0 m/s
a = 4 m/s²
t = 10 s

द्वितीय समीकरण: s = ut + ½ a t²

s = 0 × 10 + ½ × 4 × (10)² = 2 × 100 = 200 m

उत्तर: s = 200 m


प्रश्न 5:

किसी पत्थर को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर 5 m/s के वेग से फेंका जाता है।
यदि गति के दौरान पत्थर का नीचे की ओर त्वरन 10 m/s² है, तो पत्थर की अधिकतम ऊँचाई और वहाँ पहुँचने में समय ज्ञात कीजिए।

दिया गया:
u = 5 m/s (ऊर्ध्वाधर ऊपर)
v = 0 m/s (अधिकतम ऊँचाई पर)
a = -10 m/s² (नीचे की ओर)

अधिकतम ऊँचाई:

तृतीय समीकरण: v² = u² + 2 a s

0 = 5² + 2(-10) s

0 = 25 – 20 s

s = 25 / 20 = 1.25 m

समय:

प्रथम समीकरण: v = u + at

0 = 5 + (-10) t

t = 5 / 10 = 0.5 s

उत्तर: अधिकतम ऊँचाई = 1.25 m, समय = 0.5 s

 

एकसामान वृतीय गति (Uniform Circular Motion)

जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ पर एकसमान चाल से गति करती है, तो इसे एकसामान वृतीय गति कहते हैं।
यह गति केवल परिमाण में समान होती है, दिशा समय के साथ बदलती रहती है क्योंकि वस्तु हमेशा पथ की केंद्र की ओर मुड़ती रहती है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • वस्तु का चाल स्थिर रहता है, परंतु वेग की दिशा लगातार बदलती है।
  • केंद्र की ओर लगातार त्वरण (centripetal acceleration) कार्य करता है।
  • केंद्र की ओर बल (centripetal force) इस त्वरण के कारण लगता है।

सूत्र:

  • केंद्र की ओर त्वरण: a_c = v² / r
  • केंद्र की ओर बल: F_c = m v² / r
  • समान काल चक्र (Time period): T = 2π r / v
  • आवृत्ति (Frequency): f = 1/T

जहाँ,
v = वस्तु का चाल,
r = वृत्त का त्रिज्या,
m = वस्तु का द्रव्यमान,
a_c = केंद्र की ओर त्वरण,
F_c = केंद्र की ओर बल,
T = एक चक्र पूरा करने का समय,
f = प्रति सेकंड चक्रों की संख्या।

नोट: एकसामान वृतीय गति में वस्तु का चाल स्थिर रहते हुए दिशा बदलती है, इसलिए इसमें त्वरण हमेशा शून्य नहीं होता, बल्कि केवल केंद्र की ओर होता है।

अभ्यास समाधान – गति और वृतीय गति

प्रश्न 1:

एक एथलीट वृत्तीय रास्ते, जिसका व्यास 200 m है, का एक चक्कर 40 s में लगाता है। 2 min 20 s के बाद वह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा?

दिया गया:
व्यास D = 200 m → त्रिज्या r = 100 m
परिधि P = 2πr = 2 × 3.14 × 100 ≈ 628 m
समय = 2 min 20 s = 140 s
एक चक्कर का समय = 40 s

दूरी:

140 s में कितने चक्कर? = 140 ÷ 40 = 3.5 चक्कर

कुल दूरी = 3.5 × 628 ≈ 2198 m

विस्थापन:

3 पूर्ण चक्कर → विस्थापन = 0 (प्रारंभिक बिंदु पर)
अर्धा चक्कर → विस्थापन = व्यास = 200 m
अतः कुल विस्थापन = 200 m


प्रश्न 2:

जोसेफ़ 300 m सीधे रास्ते पर 2 min 50 s में A से B पहुँचता है और फिर 1 min में C पहुँचता है। औसत चाल और औसत वेग ज्ञात कीजिए।

(a) A से B तक:
दूरी s = 300 m
समय t = 2 min 50 s = 170 s
औसत चाल = दूरी / समय = 300 / 170 ≈ 1.76 m/s
विस्थापन = 300 m (सीधे) → औसत वेग = 300 / 170 ≈ 1.76 m/s
(b) A से C तक:
कुल दूरी = 300 + 100 = 400 m
कुल समय = 170 + 60 = 230 s
औसत चाल = 400 / 230 ≈ 1.74 m/s
विस्थापन = A से C = 300 – 100 = 200 m
औसत वेग = 200 / 230 ≈ 0.87 m/s

प्रश्न 3:

अब्दुल गाड़ी से स्कूल जाने के क्रम में औसत चाल 20 km/h पाता है और लौटते समय 40 km/h। पूरी यात्रा में औसत चाल ज्ञात कीजिए।

सूत्र: कुल दूरी / कुल समय
मान लीजिए दूरी = D km
समय जाना = D / 20 h, लौटना = D / 40 h
कुल समय = D/20 + D/40 = 3D/40 h
कुल दूरी = 2D km
औसत चाल = 2D / (3D/40) = 80 / 3 ≈ 26.67 km/h

प्रश्न 4:

कोई मोटरबोट झील में विरामावस्था से सरल रेखीय पथ पर 3 m/s² की नियत त्वरण से 8 s तक चलती है। दूरी ज्ञात कीजिए।

u = 0 m/s, a = 3 m/s², t = 8 s
s = ut + ½ a t² = 0 + 0.5 × 3 × 64 = 96 m

प्रश्न 5:

दो कारें ब्रेक लगाती हैं: पहली 52 km/h से 5 s में रुकती है, दूसरी 30 km/h से 10 s में। दोनों का चाल-समय ग्राफ और तय दूरी ज्ञात कीजिए।

पहली कार:
u = 52 km/h = 14.44 m/s, v = 0, t = 5 s
त्वरण a = (v-u)/t = -14.44/5 ≈ -2.89 m/s²
दूरी s = ut + ½ a t² = 14.44×5 + 0.5×(-2.89)×25 ≈ 72.2 – 36.1 ≈ 36.1 m
दूसरी कार:
u = 30 km/h = 8.33 m/s, v = 0, t = 10 s
a = (0-8.33)/10 = -0.833 m/s²
s = 8.33×10 + 0.5×(-0.833)×100 = 83.3 – 41.65 ≈ 41.65 m

निष्कर्ष: ब्रेक लगाने के बाद दूसरी कार पहली कार की तुलना में अधिक दूरी तय करेगी।

गति के अभ्यास – समाधान

प्रश्न 7:

20 m की ऊँचाई से एक गेंद गिराई जाती है। यदि उसका वेग 10 m/s² के एकसमान त्वरण से बढ़ता है, तो धरातल से टकराने का वेग और समय ज्ञात कीजिए।

दिया गया:
h = 20 m, a = 10 m/s², u = 0 m/s

वेग (v) ज्ञात करें:

तृतीय समीकरण: v² = u² + 2 a s

v² = 0 + 2 × 10 × 20 = 400

v = √400 = 20 m/s

समय (t) ज्ञात करें:

प्रथम समीकरण: v = u + at

20 = 0 + 10 t → t = 2 s

उत्तर: धरातल से टकराने का वेग = 20 m/s, समय = 2 s


प्रश्न 8:

कार का चाल-समय ग्राफ (चित्र 7.11) के आधार पर:

(a) पहले 4 s में तय की गई दूरी:

ग्राफ में 4 s तक क्षेत्रफल (त्रिभुज+आयत) से दूरी ज्ञात होती है।

आयत क्षेत्रफल = 4 × 6 = 24 m (लगभग, ग्राफ से अनुमान)
त्रिभुज क्षेत्रफल = 0.5 × 4 × 6 = 12 m
कुल दूरी ≈ 24 + 12 = 36 m

(b) ग्राफ का कौन सा भाग कार की एकसमान गति दिखाता है?

ग्राफ का 6 s से 10 s तक का सीधा रेखीय भाग (समांतर) दर्शाता है कि चाल स्थिर है।
यानी कार इस समय एकसमान गति से चल रही है।


प्रश्न 9:

निम्नलिखित अवस्थाओं के उदाहरण:

  • (a) कोई वस्तु जिसका त्वरण नियत हो परंतु वेग शून्य हो।
    उदाहरण: विरामावस्था में रखा हुआ गेंद (u=0, g = 9.8 m/s² गिराने पर)।
  • (b) कोई त्वरित वस्तु एकसमान चाल से गति कर रही हो।
    उदाहरण: किसी कार का हाईवे पर स्थिर चाल से चलना।
  • (c) कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में गति कर रही हो तथा उसका त्वरण लंबवत हो।
    उदाहरण: एकसमान वृतीय गति करने वाली गेंद, जिसमें त्वरण हमेशा केंद्र की ओर है।

प्रश्न 10:

कृत्रिम उपग्रह 42250 km त्रिज्या के वृत्ताकार कक्षा में 24 घंटे में पृथ्वी की परिक्रमा करता है। चाल ज्ञात कीजिए।

दिया गया:
r = 42250 km = 4.225 × 10⁷ m, T = 24 h = 86400 s

परिधि:

C = 2π r = 2 × 3.14 × 4.225 × 10⁷ ≈ 2.654 × 10⁸ m

चाल (v):

v = C / T = 2.654 × 10⁸ / 86400 ≈ 3071 m/s

उत्तर: उपग्रह की चाल ≈ 3.07 km/s


External Study Resources – अध्याय : गति (Motion)

नीचे दिए गए लिंक गति अध्याय के गहन अध्ययन, प्रश्नोत्तर और वीडियो व्याख्यान के लिए उपयोगी हैं।

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