कक्षा 10: अध्याय 7 : राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं

Table of Contents

अध्याय 7 : राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं

परिचय

भारत एक विशाल देश है जिसकी विविध भौगोलिक परिस्थितियाँ, संसाधन और जनसंख्या पूरे देश में फैली हुई है।
इन सबको जोड़ने और संसाधनों के आदान-प्रदान में सहायता करने का कार्य परिवहन और संचार के माध्यमों द्वारा किया जाता है।
यही कारण है कि इन्हें “राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं” कहा जाता है।

क्या आप जानते हैं?

  • भारत का पहला रेलमार्ग 1853 में मुंबई से ठाणे तक शुरू हुआ था।
  • भारत का पहला हवाई अड्डा मुंबई में स्थापित किया गया था।
  • भारतीय डाक सेवा विश्व की सबसे बड़ी डाक नेटवर्क प्रणाली है।
परिवहन का प्रकार उदाहरण मुख्य उपयोग
स्थलीय परिवहन रेलमार्ग, सड़कमार्ग, पाइपलाइन घरेलू व्यापार, वस्तुओं का परिवहन
जल परिवहन अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, अंतर्देशीय जलमार्ग विदेशी व्यापार और सस्ता परिवहन
वायु परिवहन विमान सेवाएँ तेज यात्रा और दूरस्थ क्षेत्रों से संपर्क

मुख्य बिंदु

  • परिवहन और संचार के साधन किसी भी देश की प्रगति के मापक होते हैं।
  • रेल, सड़क, जल और वायु मार्ग एक-दूसरे के पूरक हैं।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है।

परिवहन के साधन – स्थल, जल और वायु का वर्गीकरण

परिवहन किसी देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
भारत में परिवहन को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा गया है —
स्थलीय परिवहन, जल परिवहन और वायु परिवहन
नीचे इनके प्रमुख वर्ग और उदाहरण दिए गए हैं:

परिवहन का प्रकार मुख्य वर्गीकरण उदाहरण
स्थलीय परिवहन सड़क परिवहन राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण सड़कें
रेल परिवहन भारतीय रेलमार्ग, मेट्रो रेल
पाइपलाइन परिवहन तेल, गैस और जल आपूर्ति की पाइपलाइनें
जल परिवहन अंतर्देशीय जल परिवहन गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, मांडवी आदि नदियों पर नौकायन
विदेशी (समुद्री) परिवहन मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, कोच्चि जैसे बंदरगाह
वायु परिवहन घरेलू वायु परिवहन इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट जैसी सेवाएँ
अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता से विदेशी उड़ानें

महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारत में सभी प्रकार के परिवहन साधन उपलब्ध हैं।
  • रेल परिवहन को “देश की रीढ़” कहा जाता है।
  • जल परिवहन सबसे सस्ता साधन है, जबकि वायु परिवहन सबसे तेज़ है।

 

परिवहन (Transport)

परिवहन का अर्थ है – लोगों और वस्तुओं का एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचलन
यह किसी भी देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ माना जाता है क्योंकि उत्पादन, वितरण और उपभोग – सभी क्रियाएँ परिवहन पर निर्भर करती हैं।

परिवहन का महत्व

  • देश के विभिन्न भागों में आर्थिक एकता और विकास को बढ़ावा देता है।
  • संसाधनों और वस्तुओं को उपयुक्त स्थान तक पहुँचाने में सहायता करता है।
  • व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को सशक्त बनाता है।
  • रोज़गार के अवसर और औद्योगिक विकास में मदद करता है।

स्थल परिवहन (Land Transport)

भारत में स्थल परिवहन सबसे प्राचीन और व्यापक रूप से प्रयुक्त साधन है।
यह उन मार्गों से होता है जो भूमि पर निर्मित होते हैं। स्थल परिवहन को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा गया है —
सड़क परिवहन, रेल परिवहन और पाइपलाइन परिवहन।

स्थल परिवहन के प्रकार मुख्य उदाहरण विशेषताएँ
1. सड़क परिवहन राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण सड़कें लचीला और घर-से-घर पहुँच देने वाला साधन
2. रेल परिवहन भारतीय रेल, मेट्रो रेल, मालगाड़ी भारी वस्तुओं के परिवहन में उपयोगी, लंबी दूरी के लिए उपयुक्त
3. पाइपलाइन परिवहन तेल, गैस और जल की पाइपलाइनें कम लागत में तरल पदार्थों का सतत परिवहन

क्या आप जानते हैं?

  • भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग – NH-44 (श्रीनगर से कन्याकुमारी तक) है।
  • भारत में रेलवे का संचालन भारतीय रेल (Indian Railways) द्वारा किया जाता है।
  • पाइपलाइन द्वारा तेल परिवहन का पहला प्रोजेक्ट असम से बराौनी तक शुरू हुआ था।

स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग (Golden Quadrilateral Highway)

स्वर्णिम चतुर्भुज महामार्ग परियोजना भारत की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण सड़क विकास योजनाओं में से एक है।
इसका उद्देश्य देश के चार प्रमुख महानगरों — दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता — को चार-लेन राजमार्गों के माध्यम से जोड़ना है।
यह परियोजना भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (NHDP) का पहला चरण है।

मुख्य विशेषताएँ

  • यह एक चार-लेन सुपरहाइवे नेटवर्क है जो भारत के चारों दिशाओं को जोड़ता है।
  • इसकी कुल लंबाई लगभग 5,846 किलोमीटर है।
  • इसका निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया गया।
  • परियोजना की शुरुआत 2001 में की गई और इसे लगभग 2012 तक पूरा किया गया।
मुख्य खंड मार्ग प्रमुख शहर
उत्तर–दक्षिण खंड दिल्ली – चेन्नई आगरा, ग्वालियर, नागपुर, बेंगलुरु
पूर्व–पश्चिम खंड कोलकाता – मुंबई रांची, राउरकेला, रायपुर, नागपुर
पश्चिमी खंड मुंबई – चेन्नई पुणे, बेलगाम, बेंगलुरु
उत्तरी खंड दिल्ली – कोलकाता कानपुर, वाराणसी, पटना

महत्व

  • देश के प्रमुख औद्योगिक, कृषि और व्यापारिक क्षेत्रों को जोड़ता है।
  • यात्रा और माल परिवहन समय में भारी कमी आई।
  • व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रोत्साहन मिला।

क्या आप जानते हैं?

स्वर्णिम चतुर्भुज के अतिरिक्त, भारत सरकार ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर नामक एक और विशाल राजमार्ग परियोजना भी प्रारंभ की है।

राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग

भारत में सड़क परिवहन का जाल बहुत व्यापक है। देश में सड़कों को उनकी उपयोगिता और प्रशासनिक नियंत्रण के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बाँटा गया है।
इनमें सबसे प्रमुख हैं — राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) और राज्य मार्ग (State Highways)

1. राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways)

राष्ट्रीय राजमार्ग देश के विभिन्न राज्यों, महानगरों, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों को आपस में जोड़ते हैं।
इनका निर्माण और रख-रखाव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।

  • इनका निर्माण केंद्रीय सरकार के नियंत्रण में होता है।
  • भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई लगभग 1,44,000 किलोमीटर से अधिक है।
  • सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग — NH-44 (श्रीनगर से कन्याकुमारी) है।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों का नामकरण 2010 के बाद नए क्रम में किया गया है।

2. राज्य मार्ग (State Highways)

राज्य मार्ग एक राज्य के प्रमुख नगरों, औद्योगिक क्षेत्रों और ज़िलों को जोड़ते हैं तथा इन्हें अन्य राज्यों या राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
इनका निर्माण और रख-रखाव राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है।

  • राज्य मार्ग राज्य की राजधानी को विभिन्न ज़िलों और पड़ोसी राज्यों से जोड़ते हैं।
  • इनकी कुल लंबाई भारत में लगभग 1,90,000 किलोमीटर के आसपास है।
  • राज्य मार्ग राज्य स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को जोड़ने में सहायक हैं।
तुलनात्मक सारणी राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य मार्ग
नियंत्रण केंद्रीय सरकार (NHAI) राज्य सरकार
मुख्य उद्देश्य राज्यों और प्रमुख नगरों को जोड़ना राज्य के अंदर प्रमुख नगरों व जिलों को जोड़ना
उदाहरण NH-44, NH-27, NH-48 लखनऊ–वाराणसी मार्ग (उत्तर प्रदेश), भोपाल–इंदौर मार्ग (मध्य प्रदेश)

क्या आप जानते हैं?

भारत का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग NH-1 था जो दिल्ली से अमृतसर को जोड़ता है।

जिला मार्ग और अन्य सड़कें

भारत में सड़क परिवहन व्यवस्था को राष्ट्रीय और राज्य मार्गों के अतिरिक्त
जिला मार्ग तथा अन्य सड़कों में भी वर्गीकृत किया गया है।
ये मार्ग स्थानीय स्तर पर ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

1. जिला मार्ग (District Roads)

जिला मार्ग किसी जिले के मुख्यालय को उसके अन्य कस्बों, तहसीलों, ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ते हैं।
इन सड़कों का रख-रखाव जिला परिषद या राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जाता है।

  • ये मार्ग स्थानीय प्रशासन के नियंत्रण में होते हैं।
  • जिला स्तर पर व्यापारिक और प्रशासनिक संपर्क बनाए रखने में सहायक हैं।
  • इनकी लंबाई भारत में लगभग 5 लाख किलोमीटर से अधिक है।

2. अन्य सड़कें (Other Roads)

अन्य सड़कों में मुख्य रूप से ग्रामीण सड़कें, सीमांत सड़कें और शहरी सड़कें शामिल हैं।
ये सड़कों का नेटवर्क देश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ता है।

  • ग्रामीण सड़कें (Rural Roads): गाँवों को कस्बों और मंडियों से जोड़ती हैं।
    इनका विकास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत किया जाता है।
  • सीमांत सड़कें (Border Roads): देश की सीमाओं के पास स्थित क्षेत्रों में रक्षा और रणनीतिक दृष्टि से बनाई जाती हैं।
    इनका निर्माण सीमांत सड़क संगठन (BRO) करता है।
  • शहरी सड़कें (Urban Roads): नगर निगम या नगरपालिका के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में बनाई जाती हैं।
सड़क का प्रकार नियंत्रण मुख्य उद्देश्य
जिला मार्ग जिला परिषद / राज्य लोक निर्माण विभाग जिला मुख्यालय को ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से जोड़ना
ग्रामीण सड़कें ग्राम पंचायत / PMGSY गाँवों को कस्बों व बाजारों से जोड़ना
सीमांत सड़कें सीमांत सड़क संगठन (BRO) रक्षा और सीमांत क्षेत्रों का विकास
शहरी सड़कें नगर निगम / नगरपालिका शहरों के अंदर आवागमन को सुगम बनाना

क्या आप जानते हैं?

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की शुरुआत 2000 में की गई थी ताकि हर गाँव को पक्की सड़कों से जोड़ा जा सके।
आज भारत में लगभग 70% ग्रामीण क्षेत्र सड़क नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।

रेल परिवहन (Rail Transport)

भारत में रेल परिवहन को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा कहा जाता है। यह देश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ने वाला सबसे प्रमुख स्थल परिवहन साधन है। रेलें देश में वस्तुओं और यात्रियों दोनों के आवागमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

क्या आप जानते हैं?
भारत में विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यह भारतीय रेल (Indian Railways) द्वारा संचालित किया जाता है।

रेल परिवहन का महत्व

  • लंबी दूरी की यात्रा के लिए सबसे सस्ता और सुविधाजनक साधन है।
  • भारी और थोक माल जैसे कोयला, लोहा, इस्पात, खाद्यान्न आदि के परिवहन में उपयोगी।
  • उद्योगों के विकास में सहायक।
  • पर्यटन के विकास में योगदान।
  • राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है।

भारतीय रेल नेटवर्क

भारतीय रेल की लंबाई लगभग 68,000 किलोमीटर से अधिक है। यह पूरे देश में 16 ज़ोन में विभाजित है। प्रमुख रेल ज़ोन इस प्रकार हैं –

क्रम रेल ज़ोन मुख्यालय
1 उत्तरी रेल नई दिल्ली
2 पूर्वी रेल कोलकाता
3 पश्चिमी रेल मुंबई
4 दक्षिणी रेल चेन्नई

रेल परिवहन की प्रमुख समस्याएँ

  • पटरियों की असमान चौड़ाई (मीटर गेज, ब्रॉड गेज आदि)।
  • पुराने डिब्बे और इंजन।
  • दुर्घटनाओं की संभावना।
  • यात्री भार अधिक होने से सेवाओं की कमी।
तथ्य बॉक्स :
भारत में सबसे पहली रेलगाड़ी 1853 में बॉम्बे (मुंबई) से ठाणे के बीच चली थी। इसकी दूरी 34 किलोमीटर थी।

पाइपलाइन परिवहन (Pipeline Transport)

पाइपलाइन परिवहन का उपयोग मुख्य रूप से तरल पदार्थों और गैसों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने के लिए किया जाता है। यह एक आधुनिक और कुशल परिवहन प्रणाली है जो ऊर्जा संसाधनों को तेजी से और सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने में मदद करती है।

क्या आप जानते हैं?
भारत में सबसे पहली पाइपलाइन 1960 में अहमदाबाद से कॉयली (गुजरात) के बीच बिछाई गई थी।

पाइपलाइन परिवहन का महत्व

  • तेल, गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में उपयोगी।
  • लंबी दूरी तक तरल पदार्थों का परिवहन कम खर्च में संभव।
  • सड़क और रेल पर बोझ कम करता है।
  • पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित साधन है।

भारत की प्रमुख पाइपलाइनें

क्रम पाइपलाइन मार्ग मुख्य उपयोग
1 असम-बाराौनी पाइपलाइन असम से बिहार (बाराौनी) कच्चे तेल का परिवहन
2 हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) पाइपलाइन गुजरात से उत्तर प्रदेश प्राकृतिक गैस का परिवहन
3 सालाया-जालंधर पाइपलाइन गुजरात से पंजाब पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन

पाइपलाइन परिवहन के लाभ

  • कम लागत और कम ऊर्जा में अधिक परिवहन।
  • कम स्थान घेरता है।
  • निरंतर (24 घंटे) संचालन संभव।
  • दुर्घटनाओं की संभावना कम।

पाइपलाइन परिवहन की सीमाएँ

  • स्थापना में प्रारंभिक लागत अधिक।
  • केवल तरल और गैसों के लिए उपयुक्त।
  • लीक या रिसाव से पर्यावरण प्रदूषण की संभावना।
तथ्य बॉक्स :
भारत गैस प्राधिकरण लिमिटेड (GAIL) देश में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का संचालन करता है।

जल परिवहन (Water Transport)

जल परिवहन का अर्थ है – नदियों, झीलों, समुद्र और बंदरगाहों के माध्यम से लोगों और माल का परिवहन।
यह एक सस्ता, विशाल और ऊर्जा-कुशल साधन है। भारत में जल परिवहन का उपयोग अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तर पर होता है।

क्या आप जानते हैं?
भारत की सबसे लंबी नदियों – गंगा, ब्रह्मपुत्र और गोदावरी – पर अंतर्देशीय जलमार्ग विकसित किए गए हैं।

जल परिवहन के प्रकार

प्रकार मुख्य मार्ग उपयोग
अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, कोच्चि जैसे बंदरगाह विदेशी व्यापार और आयात-निर्यात
अंतर-राज्यीय / अंतर्देशीय जलमार्ग गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, मांडवी आदि नदियाँ सस्ता माल परिवहन और पर्यटन
स्थानीय जलमार्ग झील, नहर और तालाब स्थानीय लोगों के आवागमन और व्यापार

जल परिवहन के लाभ

  • सबसे सस्ता और बड़े पैमाने पर माल का परिवहन संभव।
  • ऊर्जा की खपत कम और पर्यावरण के अनुकूल।
  • घरेलू और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।

जल परिवहन की समस्याएँ

  • जलमार्ग का स्वच्छ और गहरा न होना।
  • नदियों में जल स्तर में बदलाव और बाढ़।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सीमित बंदरगाह सुविधाएँ।
तथ्य बॉक्स :
भारत में कुल 12 प्रमुख और 200 से अधिक छोटे बंदरगाह हैं।
कोलकाता और मुंबई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह हैं।

प्रमुख समुद्री बंदरगाह (Major Sea Ports)

भारत में समुद्री बंदरगाह देश के व्यापार और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
ये अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू व्यापार का प्रमुख केंद्र हैं। भारत में कुल 12 प्रमुख बंदरगाह और लगभग 200 छोटे बंदरगाह हैं।

प्रमुख बंदरगाह और उनके विवरण

क्रम बंदरगाह स्थिति (राज्य) मुख्य उपयोग
1 मुंबई पोर्ट महाराष्ट्र कच्चा तेल, कंटेनर, वाणिज्यिक माल
2 चेन्नई पोर्ट तमिलनाडु कच्चा माल, पेट्रोलियम उत्पाद, ऑटोमोटिव माल
3 कोलकाता पोर्ट (हुगली) पश्चिम बंगाल कच्चा माल, कंटेनर, आयात-निर्यात
4 कोच्चि पोर्ट केरल माल ढुलाई, कंटेनर, पेट्रोलियम उत्पाद
5 विशाखापट्टनम पोर्ट आंध्र प्रदेश खनिज, लौह अयस्क, कंटेनर
6 जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (Nhava Sheva) महाराष्ट्र मुख्य कंटेनर पोर्ट, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
7 मंगालोर पोर्ट कर्नाटक खनिज, पेट्रोलियम उत्पाद, कंटेनर

बंदरगाहों का महत्व

  • विदेशी व्यापार और आयात-निर्यात के लिए आवश्यक।
  • औद्योगिक विकास और नौकरियों के अवसर प्रदान करते हैं।
  • देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों की सुरक्षा करते हैं।
  • जल परिवहन नेटवर्क के माध्यम से माल की लागत कम करते हैं।
तथ्य बॉक्स :
भारत का सबसे व्यस्त और आधुनिक कंटेनर पोर्ट जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (Nhava Sheva) है, जो मुंबई के पास स्थित है।

 

वायु परिवहन (Air Transport)

वायु परिवहन का अर्थ है – हवाई मार्गों के माध्यम से लोगों और माल का परिवहन
यह सबसे तेज़ और आधुनिक परिवहन साधन है, जिसका उपयोग लंबी दूरी की यात्राओं और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में किया जाता है।
भारत में वायु परिवहन नागरिक और माल दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

क्या आप जानते हैं?
भारत में सबसे पहला वाणिज्यिक विमान सेवा 1932 में शुरू हुई थी, जो मुंबई और नागपुर के बीच संचालित होती थी।

वायु परिवहन के प्रकार

  • आंतरिक (Domestic) विमान सेवाएँ: देश के भीतर यात्रियों और माल का परिवहन।
  • अंतरराष्ट्रीय (International) विमान सेवाएँ: अन्य देशों के साथ व्यापार और यात्री सेवा।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं

भारत के प्रमुख हवाई अड्डे

क्रम हवाई अड्डा स्थान मुख्य उपयोग
1 इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नई दिल्ली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय यात्री एवं माल
2 छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मुंबई विदेशी यात्री और व्यापारिक माल
3 नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कोलकाता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
4 चेंनई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चेन्नई दक्षिण भारत के लिए प्रमुख हब
5 केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बेंगलुरु IT और व्यापारिक यात्रा के लिए प्रमुख

वायु परिवहन के लाभ

  • सबसे तेज़ और सुरक्षित लंबी दूरी का परिवहन।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा।
  • दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँच।
  • मूल्यवान और नाजुक माल के लिए उपयुक्त।

वायु परिवहन की समस्याएँ

  • संपन्न और बड़ी लागत वाली परियोजनाएँ।
  • वायु प्रदूषण और उच्च ईंधन लागत।
  • मौसम और प्राकृतिक आपदाओं पर निर्भरता।
  • अधिकतर लोगों के लिए महंगा साधन।
तथ्य बॉक्स :
भारत का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (नई दिल्ली) है, जहाँ प्रतिदिन हजारों उड़ानें संचालित होती हैं।

संचार सेवाएँ (Communication Services)

संचार सेवाएँ किसी देश के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
ये सेवाएँ सूचना और संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में मदद करती हैं।
भारत में संचार सेवाओं को मुख्य रूप से तार-रहित और तारयुक्त सेवाओं में वर्गीकृत किया गया है।

क्या आप जानते हैं?
भारत में पहला डाकघर 1854 में स्थापित हुआ था। आज भारत में 1.5 लाख से अधिक डाकघर हैं।

संचार सेवाओं के प्रकार

प्रकार मुख्य साधन उपयोग
तारयुक्त (Wired) टेलीफोन, फैक्स, इंटरनेट केबल स्थानीय और राष्ट्रीय संदेश एवं डेटा ट्रांसफर
तार-रहित (Wireless) मोबाइल नेटवर्क, रेडियो, टीवी, सैटेलाइट लंबी दूरी की संचार, सूचना और मनोरंजन

संचार सेवाओं का महत्व

  • सूचना का त्वरित और विश्वसनीय आदान-प्रदान।
  • व्यापार, उद्योग और बैंकिंग के लिए आवश्यक।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में सहायक।
  • आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण।
  • देश की एकता और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत बनाना।

भारत में प्रमुख संचार सेवाएँ

  • डाक सेवाएँ (Postal Services): पत्र, पार्सल और सरकारी संदेश का वितरण।
  • टेलीफोन और मोबाइल नेटवर्क: दूरसंचार के लिए आधारभूत सेवा।
  • इंटरनेट और डेटा सेवाएँ: ई-कॉमर्स, ऑनलाइन शिक्षा और बैंकिंग में उपयोग।
  • सैटेलाइट संचार: दूरदराज के क्षेत्रों तक संदेश पहुँचाने में मदद।
  • रेडियो और टेलीविजन: सूचना, शिक्षा और मनोरंजन।
तथ्य बॉक्स :
भारत में दूरसंचार का तेजी से विकास हुआ है। 2025 तक मोबाइल उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 12 करोड़ तक पहुँच गई है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार (International Trade)

अंतरराष्ट्रीय व्यापार का अर्थ है – देशों के बीच माल और सेवाओं का आदान-प्रदान
यह किसी देश की आर्थिक स्थिति, रोजगार और उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है।
भारत का अंतरराष्ट्रीय व्यापार मुख्य रूप से आयात और निर्यात के माध्यम से होता है।

क्या आप जानते हैं?
भारत का सबसे बड़ा निर्यातक बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (Nhava Sheva) है, जबकि सबसे बड़ा आयातक बंदरगाह मुंबई पोर्ट है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रकार

  • निर्यात (Export): किसी देश से अन्य देशों को माल या सेवाएँ बेचना।
  • आयात (Import): अन्य देशों से माल या सेवाएँ खरीदना।
  • दोहरी व्यापार (Bilateral Trade): दो देशों के बीच व्यापार समझौते के आधार पर।
  • बहुपक्षीय व्यापार (Multilateral Trade): कई देशों के बीच व्यापार और समझौते।

भारत के प्रमुख निर्यात और आयात

क्रम श्रेणी मुख्य उत्पाद
1 निर्यात गहने, टेक्सटाइल, चावल, औषधियाँ, पेट्रोलियम उत्पाद
2 आयात कच्चा तेल, सोना, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रासायनिक पदार्थ

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लाभ

  • देश की आर्थिक वृद्धि और रोजगार सृजन।
  • औद्योगिक और तकनीकी विकास को बढ़ावा।
  • विदेशी मुद्रा अर्जन।
  • उत्पादों और सेवाओं की विविधता।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार की चुनौतियाँ

  • मुद्रास्फीति और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव।
  • आयात-निर्यात नियम और कस्टम शुल्क।
  • वैश्विक आर्थिक मंदी और व्यापार युद्ध।
  • भू-राजनीतिक संकट और प्राकृतिक आपदाएँ।
तथ्य बॉक्स :
भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन हैं।
2024-25 में भारत का कुल व्यापार लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।

पर्यटन – एक व्यापार के रूप में (Tourism as a Business)

पर्यटन न केवल मनोरंजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि भी है।
देश में पर्यटन उद्योग रोजगार, राजस्व और विदेशी मुद्रा अर्जन का प्रमुख स्रोत है।
भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर इसे पर्यटन के लिए विशेष बनाती है।

क्या आप जानते हैं?
भारत में पर्यटन उद्योग देश की कुल जीडीपी में लगभग 9% का योगदान देता है और लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करता है।

पर्यटन के प्रकार

  • सांस्कृतिक पर्यटन: ऐतिहासिक स्थल, महल, मंदिर और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • प्राकृतिक पर्यटन: पर्वत, नदियाँ, समुद्र तट, वन्यजीव सफारी।
  • आध्यात्मिक पर्यटन: तीर्थ स्थल और ध्यान केंद्र।
  • व्यावसायिक पर्यटन: सम्मेलन, व्यापार मेला, औद्योगिक दौरे।

पर्यटन के लाभ

  • रोजगार और व्यवसाय के अवसर प्रदान करता है।
  • देश की विदेशी मुद्रा आय बढ़ाता है।
  • स्थानीय हस्तशिल्प और उद्योग को प्रोत्साहित करता है।
  • सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण में मदद करता है।
  • पर्यटन से जुड़ी सेवाओं में निवेश और आर्थिक विकास।

भारत के प्रमुख पर्यटन स्थल

क्रम पर्यटन स्थल स्थान विशेषता
1 ताज महल आगरा, उत्तर प्रदेश विश्व धरोहर, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
2 जयपुर – हवा महल राजस्थान सांस्कृतिक पर्यटन और वास्तुकला
3 केरल बैकवॉटर केरल प्राकृतिक पर्यटन, हाउसबोट यात्रा
4 कश्मीर घाटी जम्मू-कश्मीर पर्वतीय पर्यटन, प्राकृतिक सुंदरता
5 गोवा समुद्र तट गोवा सागर पर्यटन, मनोरंजन और जलक्रीड़ा
तथ्य बॉक्स :
2024 में भारत में लगभग 1.2 करोड़ विदेशी पर्यटक आए और देश को 40 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आय हुई।

 प्रश्नोत्तर

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न (MCQs)

  1. (i) निम्न से कौन-से दो दूरस्थ स्थित स्थान पूर्वी-पश्चिमी गलियारे से जुड़े हैं?
    • (क) मुंबई तथा नागपुर ✅
    • (ख) मुंबई और कोलकाता
    • (ग) सिलचर तथा पोरबंदर
    • (घ) नागपुर तथा सिलिगुड़ी
  2. (ii) निम्नलिखित में से परिवहन का कौन-सा साधन वहनांतरण हानियों तथा देरी को घटाता है?
    • (क) रेल परिवहन
    • (ख) पाइपलाइन ✅
    • (ग) सड़क परिवहन
    • (घ) जल परिवहन
  3. (iii) निम्न में से कौन-सा राज्य हजीरा विजयपुर-जगदीशपुर पाइप लाइन से नहीं जुड़ा है?
    • (क) मध्य प्रदेश ✅
    • (ख) गुजरात
    • (ग) महाराष्ट्र
    • (घ) उत्तर प्रदेश
  4. (iv) इनमें से कौन-सा पत्तन पूर्वी तट पर स्थित है जो अंतःस्थलीय तथा अधिकतम गहराई का पत्तन है तथा पूर्ण सुरक्षित है?
    • (क) चेन्नई
    • (ख) वी.ओ. चिदंबरनार (तूतीकोरिन)
    • (ग) पारादीप
    • (घ) विशाखापट्नम ✅
  5. (v) निम्न में से कौन-सा परिवहन साधन भारत में प्रमुख साधन है?
    • (क) पाइपलाइन
    • (ख) सड़क परिवहन
    • (ग) रेल परिवहन ✅
    • (घ) वायु परिवहन
  6. (vi) निम्न से कौन-सा शब्द दो या अधिक देशों के व्यापार को दर्शाता है-
    • (क) आंतरिक व्यापार
    • (ख) बाहरी व्यापार
    • (ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार ✅
    • (घ) स्थानीय व्यापार

2. लगभग 30 शब्दों में उत्तर

  • सड़क परिवहन के तीन गुण: लचीला, छोटा दूरी के लिए सस्ता, दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँच।
  • रेल परिवहन कहाँ सुविधाजनक है और क्यों: लंबी दूरी और भारी माल के लिए; सुरक्षित, सस्ता और बड़ी मात्रा में ले जाने में सक्षम।
  • सीमांत सड़कों का महत्त्व: ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य शहर और बाजार से जोड़ना; आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक।
  • व्यापार क्या है और अंतर: माल एवं सेवाओं का आदान-प्रदान। स्थानीय व्यापार सीमित क्षेत्र में, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार दो या अधिक देशों के बीच।

3. लगभग 120 शब्दों में उत्तर

(i) परिवहन और संचार के साधन किसी देश की जीवन रेखा क्यों:
ये देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सड़क, रेल, जल, वायु और पाइपलाइन माल और लोगों को तेजी से पहुँचाते हैं।
संचार सेवाएँ सूचना, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुँच सुनिश्चित करती हैं। कुशल साधनों से उत्पादन, रोजगार और आर्थिक विकास बढ़ता है।
यदि ये साधन कमजोर हों, तो व्यापार, जीवन स्तर और प्रशासन प्रभावित होता है। इसलिए किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और जीवन की गुणवत्ता पर इनका सीधा प्रभाव है।
(ii) पिछले 15 वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रवृत्ति:
वैश्वीकरण और डिजिटल तकनीक ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को तेज और आसान बनाया। भारत ने निर्यात में विविधता लाई और नए बाजारों में प्रवेश किया।
ऊर्जा, आईटी, कृषि और औद्योगिक उत्पादों का व्यापार बढ़ा। महामारी और लॉकडाउन ने चुनौतियाँ दी, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और डिजिटल भुगतान ने इसे संभव बनाया।
वर्तमान में, भारत का अंतरराष्ट्रीय व्यापार अधिक प्रतिस्पर्धी, तकनीकी और वैश्विक मानकों के अनुसार विकसित हो गया है।

Read more chapters:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top