कक्षा 6 विज्ञान पाठ: लम्बाई और गति का मापन

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पाठ: लम्बाई और गति का मापन

संक्षेप में: इस अध्याय में हम सीखेंगे कि लम्बाई और गति को कैसे मापा जाता है — सरल उपकरण (जैसे पैमाना, मीटर, रूलर), मात्राओं की उपयुक्त इकाइयाँ, तथा गति और लम्बाई से जुड़े दैनिक जीवन के उदाहरण। बच्चे प्रयोगों के जरिए समझेंगे कि मापन करते समय सावधानियाँ क्यों जरूरी हैं और मापन में होने वाली छोटी-छोटी गलतियाँ कैसे आती हैं।

मापन , कक्षा 6 लंबाई और गति का मापन

क्या आप जानते हैं? “मीटर” को फ्रांसिसी गणितज्ञों ने मानक इकाई के रूप में चुना था — इसलिए लम्बाई के लिए मीटर (m) सबसे सामान्य और उपयोगी इकाई है।

इस पाठ के उद्देश्य (Learning Objectives)

  • लम्बाई और गति की परिभाषा समझना।
  • मापन के साधन — मीट्रिक इकाइयाँ (मिमी, सेमी, मीटर, किलोमीटर) पहचानना।
  • सीधे और सटीक मापन कैसे किया जाता है, प्रयोग करके दिखाना।
  • दैनिक जीवन में गति और लम्बाई के उपयोग तथा उनकी गणनाएँ समझना।

बिंदु:-

  • मापन के समय यूनिट का चुनाव महत्वपूर्ण होता है — छोटी वस्तु के लिए मिमी/सेमी, लंबी दूरी के लिए मी/किमी।
  • रूलर या मीटर-टेप का शुरुआत बिंदु सही रखें — यह सटीकता के लिए आवश्यक है।

मुख्य अवधारणाएँ (Keywords)

लम्बाई, गति, मीटर (m), सेंटीमीटर (cm), मिलीमीटर (mm), किलोमीटर (km), मापन उपकरण, रूलर, मीटर-टेप, सटीकता

सीखने की गतिविधियाँ (Suggested Class Activities)

गतिविधि विवरण
रूलर अभ्यास छात्रों को रूलर देकर किताब, पेंसिल और कबाड़ की लंबाई नापवाएँ।
मीटर-टेप प्रयोग कक्षा के बाहर कुछ दूरी नापकर परिणामों की तुलना कराएँ।
छोटी रेस छात्रों की दौड़ में दूरी और समय नापकर गति की सरल गणना कराएँ।

 

हम कैसे मापते हैं?

जब हमें किसी वस्तु की लम्बाई या दूरी ज्ञात करनी होती है, तो हम उसे किसी मानक इकाई की सहायता से मापते हैं। उदाहरण के लिए, पैमाना (ruler), मीटर टेप (measuring tape) या स्केल का प्रयोग किया जाता है।

मापन के सामान्य उपकरण

  • रूलर (Scale): छोटी वस्तुओं जैसे पेंसिल, किताब आदि की लंबाई मापने के लिए।
  • मीटर टेप (Measuring Tape): लंबी वस्तुएँ या दूरी मापने के लिए।
  • मीटर रॉड (Meter Rod): निर्माण कार्यों या प्रयोगशाला में लंबाई मापने हेतु।

मापन करते समय सावधानियाँ

  • स्केल या रूलर को वस्तु के समानांतर रखें।
  • शून्य (0) अंक वस्तु के एक छोर पर होना चाहिए।
  • मापन करते समय आँखें स्केल के ठीक सामने होनी चाहिए, तिरछे नहीं।
  • यदि स्केल टूटा है या किनारा घिसा है तो मापन गलत हो सकता है।

उदाहरण

यदि किसी किताब की लंबाई 20 सेंटीमीटर और चौड़ाई 15 सेंटीमीटर है, तो हम कह सकते हैं कि किताब का आकार 20 सेमी × 15 सेमी है।

मुख्य बिंदु

  • मापन हमेशा किसी मानक इकाई में किया जाता है।
  • मापन के लिए सही उपकरण और सावधानी आवश्यक है।

इस प्रकार हम विभिन्न वस्तुओं की लम्बाई, दूरी या आकार का सटीक मापन कर सकते हैं।

प्राचीन काल से ही भारत में मापन प्रणालियों का एक समृद्ध इतिहास रहा है। प्राचीन भारतीय साहित्य में कुछ मात्रकों का वर्णन है जैसे- अँगुल (अँगुली की चौड़ाई), बहु-अँगुल, धनुष, योजन आदि। उनका उपयोग कलाकृतियों, वास्तुकला और नगर नियोजन में होता था। बढ़ई और दर्जी जैसे पारंपरिक शिल्पकार आज भी अँगुल का उपयोग करते हैं। सिंधु-सरस्वती (हड़प्पा) सभ्यता के उत्खनन स्थलों से प्राप्त अनेक वस्तुओं में रेखांकित चिह्न पाए गए हैं जो पैमाने हो सकते हैं।

मापन मात्रक

प्राचीन काल से ही भारत में मापन प्रणालियों का समृद्ध इतिहास रहा है। प्राचीन भारतीय साहित्य में कुछ प्रमुख मात्रक वर्णित हैं जैसे – अँगुल (अँगुली की चौड़ाई), बहु-अँगुल, धनुष, योजन आदि। इनका उपयोग कलाकृतियों, वास्तुकला और नगर नियोजन में होता था।

प्रमुख मापन मात्रक

मात्रक परिभाषा / लंबाई
अँगुल अँगुली की चौड़ाई (लगभग 1.9 से 2.0 से.मी.)
बहु-अँगुल कई अंगुलों का सम्मिलित माप
धनुष लगभग 4 फीट लंबाई
योजन लगभग 8-9 किलोमीटर
सिंधु-सरस्वती (हड़प्पा) सभ्यता के उत्खनन स्थलों से प्राप्त वस्तुओं में रेखांकित चिह्न पाए गए हैं जो पैमाने हो सकते हैं। बढ़ई और दर्जी जैसे पारंपरिक शिल्पकार आज भी अँगुल का उपयोग करते हैं।

 

मीटर, सेंटीमीटर और मिलीमीटर की अवधारणा

लंबाई मापन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक मात्रक प्रणाली (SI) में मीटर प्रमुख इकाई है। छोटी लंबाईयों को मापने के लिए सेंटीमीटर और मिलीमीटर का उपयोग किया जाता है।
ये मात्रक आपस में इस प्रकार जुड़े हैं:
इकाई संक्षेप मीटर में मान
मीटर (m) मुख्य लंबाई इकाई 1 m = 1 m
सेंटीमीटर (cm) छोटी लंबाई मापने के लिए 1 cm = 0.01 m
मिलीमीटर (mm) बहुत छोटी लंबाई मापने के लिए 1 mm = 0.001 m
उदाहरण: यदि किसी किताब की मोटाई 2 cm है, तो इसे मीटर में बदलने पर 0.02 m होगी। इसी प्रकार, यदि कागज की मोटाई 1 mm है, तो मीटर में 0.001 m होगी।

 

लंबाई मापने की सही विधि

लंबाई मापने के लिए कुछ सरल नियम और सावधानियाँ अपनाना आवश्यक है ताकि माप सही और सटीक हो।

लंबाई मापने के चरण

  1. मापने वाले यंत्र (मीटर, सेंटीमीटर, या स्केल) को सही ढंग से रखें।
  2. मापने की शुरुआत वस्तु के एक छोर से करें।
  3. स्केल को वस्तु के समानांतर और सीधा रखें।
  4. अंतिम बिंदु तक माप लें और रीडिंग ध्यानपूर्वक नोट करें।
  5. यदि लंबाई स्केल से बड़ी है तो इसे जोड़कर मापें।
  6. सटीकता के लिए छोटे इकाईयों (सेंटीमीटर या मिलीमीटर) में रीडिंग लें।

ध्यान दें:

  • स्केल को झुकाकर माप न लें।
  • राउंडिंग या अनुमान से बचें।
  • यदि आवश्यक हो तो माप दो बार लें और औसत निकालें।

 

नोट:- मात्रकों के प्रतीक हिंदी में भी वही रहते हैं जो हम अंग्रेजी में लिखते हैं। अतः किलोमीटर का संकेत km, मीटर का m, सेंटीमीटर का cm एवं मिलीमीटर का संकेत mm लिखा जाएगा।
ध्यान दें कि इन संकेतों का पहला अक्षर भी अंग्रेजी वर्णमाला का छोटा अक्षर ही है, जब तक कि ये वाक्य के आरंभ में न आ रहे हों।
मात्रकों और उनके संकेतों के बहुवचन नहीं होते हैं। इसलिए, इनके अंत में ‘s’ नहीं लगता है।
मात्रक के संकेत के अंत में बिंदु का चिह्न भी नहीं लगाया जाता। लंबाई का मान लिखते समय संख्या और मात्रक के बीच में स्थान छोड़ना होता है।

किसी वक्र रेखा की लंबाई मापना

वक्र रेखा (जैसे नदी का किनारा, किसी घुमावदार मार्ग या कागज पर बनी वक्र रेखा) की लंबाई को सीधे स्केल से मापना संभव नहीं होता। इसके लिए विशेष विधियाँ अपनाई जाती हैं।

वक्र रेखा की लंबाई मापने की विधि

  1. एक लचीली धातु या तार लें और उसे वक्र रेखा के ऊपर रखें।
  2. तार को पूरी वक्र रेखा के अनुसार सावधानीपूर्वक मोड़ें ताकि यह पूरी रेखा को कवर करे।
  3. तार को सीधे खींचकर मीटर या स्केल पर रखें।
  4. स्केल पर तार की लंबाई को मापें। यही वक्र रेखा की लंबाई होगी।

ध्यान दें:

  • यदि वक्र बहुत लंबी है तो इसे छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर मापें और जोड़ दें।
  • लचीला स्केल या धातु की तार का प्रयोग करें, जिससे माप सटीक हो।

 

स्थिति का निर्धारण

किसी वस्तु की स्थिति यह बताती है कि वह वस्तु किसी संदर्भ बिंदु या स्थान के सापेक्ष कहाँ स्थित है।
स्थिति का निर्धारण करने के लिए हम सामान्यतः संदर्भ बिंदु और दिशा का उपयोग करते हैं।

स्थिति निर्धारित करने के तरीके

  1. वस्तु और संदर्भ बिंदु के बीच की दूरी मापें।
  2. वस्तु की दिशा निर्धारित करें (जैसे उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम)।
  3. दूरी और दिशा दोनों मिलाकर वस्तु की स्थिति को सटीक रूप से बताया जा सकता है।
उदाहरण:
यदि आप कहते हैं कि “पेड़ स्कूल से 50 m उत्तर की दिशा में है”, तो पेड़ की स्थिति स्कूल के सापेक्ष पूरी तरह स्पष्ट हो जाती है।

 

गतिशील वस्तुएं

गतिशील वस्तुएं वे वस्तुएं होती हैं जो समय के साथ अपने स्थान को बदलती हैं।
वस्तु की गति का पता किसी स्थिर संदर्भ बिंदु के सापेक्ष लगाया जाता है।

आसपास की कुछ गतिशील वस्तुएं

वस्तु स्थान परिवर्तन उदाहरण
गाड़ी सड़क पर चलती है बस, कार, बाइक
मनुष्य चलकर या दौड़कर स्थान बदलता है आप, शिक्षक, खिलाड़ी
पक्षी हवा में उड़कर स्थान बदलता है कबूतर, गौरैया
पानी की बूंद नदी या नल में बहती है नदी का पानी, नल की धार
पवन या हवा स्थान बदलती रहती है हवा का झोंका

 

गति और गति के प्रकार

गति किसी वस्तु के स्थान परिवर्तन की दर है। यदि कोई वस्तु समय के साथ अपने स्थान को बदलती है, तो कहा जाता है कि वस्तु गति में है।

गति के प्रकार

गति का प्रकार विवरण उदाहरण
समान गति वस्तु एक समान दर से अपने स्थान को बदलती है। गाड़ी जो लगातार 40 km/h से चल रही है।
विसंगत गति वस्तु की गति समय के साथ बदलती रहती है। साइकिल जो कभी तेज और कभी धीमी होती है।
विशेष गति सिर्फ दिशा बदलने पर गति को रेखीय नहीं कहते। घड़ी की सुई, घूमती हुई चीज़ें।
नोट: गति हमेशा किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष मापी जाती है।

 

गति के प्रकार

गति किसी वस्तु के स्थान परिवर्तन की दर है। गति के प्रकार वस्तु की गति की दिशा और प्रकार के आधार पर भिन्न होते हैं। मुख्य प्रकार हैं: सरल रेखीय गति, वृतीय गति, और दोलन गति

1. सरल रेखीय गति (Rectilinear Motion)

परिभाषा: ऐसी गति जिसमें वस्तु की दिशा एक समान रहती है और यह सीधे मार्ग पर चलती है।

उदाहरण: सड़क पर चलती कार, रेलगाड़ी, दौड़ता हुआ व्यक्ति।

2. वृतीय गति (Circular Motion)

परिभाषा: ऐसी गति जिसमें वस्तु किसी निश्चित केंद्र के चारों ओर घूमती है।

उदाहरण: घड़ी की सुई, पंखा, कारूसल।

3. दोलन गति (Oscillatory Motion)

परिभाषा: ऐसी गति जिसमें वस्तु किसी स्थिर बिंदु के चारों ओर बार-बार आगे-पीछे झूलती है।

उदाहरण: झूला, पेंडुलम (घड़ी की घटिया), झूलती हुई दरवाजे की कड़ी।

गति के प्रकारों की तुलना

गति का प्रकार दिशा मार्ग उदाहरण
सरल रेखीय गति एक समान सीधा सड़क पर चलती कार, रेलगाड़ी
वृतीय गति केंद्र की ओर परिभाषित वृत्ताकार घड़ी की सुई, पंखा
दोलन गति आगे-पीछे आधा वृत्त या झूलन मार्ग झूला, पेंडुलम

 

प्रमुख शब्द और उनकी परिभाषाएँ

प्रमुख शब्द परिभाषा
सेंटीमीटर (cm) मीटर की एक छोटी इकाई, 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर।
मापन किसी वस्तु की लंबाई, वजन, समय आदि की मात्रा को आंकना।
वर्गीकरण करना वस्तुओं या जानकारियों को गुण, आकार, प्रकार या अन्य आधार पर समूह में बाँटना।
वृत्तीय गति ऐसी गति जिसमें वस्तु किसी निश्चित केंद्र के चारों ओर घूमती है।
मीटर (m) लंबाई का SI मात्रक, जो सबसे मुख्य मानक इकाई है।
दूरी दो बिंदुओं के बीच की लंबाई।
खोज करना किसी वस्तु, तथ्य या जानकारी को ढूँढना।
मिलीमीटर (mm) मीटर की सबसे छोटी इकाई, 1 मीटर = 1000 मिलीमीटर।
पहचान करना किसी वस्तु, व्यक्ति या तथ्य को सही ढंग से चिन्हित करना।
किलोमीटर (km) लंबाई की बड़ी इकाई, 1 किलोमीटर = 1000 मीटर।
गति किसी वस्तु के स्थान में समय के अनुसार परिवर्तन।
जाँच करना किसी वस्तु, प्रयोग या तथ्य को सही ढंग से देखना और मूल्यांकन करना।
लंबाई किसी वस्तु की दो सिरों के बीच की दूरी।
दोलन-गति ऐसी गति जिसमें वस्तु किसी स्थिर बिंदु के चारों ओर बार-बार आगे-पीछे झूलती है।
सरल रेखीय गति ऐसी गति जिसमें वस्तु एक सीधी रेखा पर लगातार और समान गति से चलती है।
संदर्भ बिंदु वह स्थिर बिंदु जिसके सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति या गति का मूल्यांकन किया जाता है।
अवलोकन करना किसी घटना, वस्तु या प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक देखना और नोट करना।
लंबाई का SI मात्रक लंबाई की अंतरराष्ट्रीय मानक इकाई मीटर (m)

 

आइए और अधिक सीखें – हल

प्रश्न 1:

तालिका 5.5 के स्तंभ I में दी गई लंबाइयों का उनके मापन के लिए स्तंभ II में दिए गए मात्रकों से मिलान कीजिए।

स्तंभ I स्तंभ II
दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी किलोमीटर
सिक्के की मोटाई मिलीमीटर
रबड़ (इरेज़र) की लंबाई मीटर
विद्यालय के मैदान की लंबाई सेंटीमीटर

प्रश्न 2:

निम्न कथनों को पढ़िए एवं सत्य अथवा असत्य लिखिए।

  • (क) एक सीधी सड़क पर चलती कार की गति सरल रेखीय गति का उदाहरण है। सत्य
  • (ख) कोई वस्तु यदि समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह गति में है। सत्य
  • (ग) 1 km = 100 cm। असत्य (सही है: 1 km = 1000 m)

प्रश्न 3:

निम्न में से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नहीं है?

  • (क) मिलीमीटर ✅
  • (ख) सेंटीमीटर ✅
  • (ग) किलोमीटर ✅
  • (घ) बालिश्त ❌ (सही उत्तर)

प्रश्न 4:

अपने घर एवं विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पैमाने अथवा मापन फीते मापें।

  • मापी गई लंबाई को सभी पैमाने में से प्रत्येक द्वारा मापकर तालिका में लिखें।
  • उदाहरण तालिका:
वस्तु मीटर (m) सेंटीमीटर (cm) मिलीमीटर (mm)
घर से विद्यालय की दूरी 1500 m 150,000 cm 1,500,000 mm

प्रश्न 5:

अपने विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 1.5 km है। इसे मीटर में व्यक्त करें।

उत्तर: 1.5 km = 1.5 × 1000 m = 1500 m

प्रश्न 6:

एक गिलास या बोतल लीजिए। गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापिए।

उत्तर:
मापने के लिए flexible फीता या धागा का उपयोग करें। फीता को वक्र भाग के चारों ओर रखें और लंबाई मापें। इसे मीटर/सेंटीमीटर में लिखें।

प्रश्न 7:

अपने दोस्त की लंबाई मापें और उसे मीटर, सेंटीमीटर एवं मिलीमीटर में व्यक्त करें।

उदाहरण: यदि दोस्त की लंबाई = 1.6 m

  • मीटर में: 1.6 m
  • सेंटीमीटर में: 160 cm
  • मिलीमीटर में: 1600 mm

 

प्रश्न 8:

आपको एक सिक्का दिया गया है। अनुमान लगाइए कि किसी पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्त स्थान छोड़े बिना एक के बाद एक रखने पर कितने सिक्कों की आवश्यकता होगी? पुस्तिका के उसी किनारे और सिक्के को 15 cm के पैमाने पर मापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी कीजिए।

उत्तर:मान लें कि सिक्का का व्यास लगभग 2 cm है और पुस्तिका का किनारा 15 cm लंबा है।
आवश्यक सिक्कों की संख्या = पुस्तिका की लंबाई ÷ सिक्का का व्यास = 15 ÷ 2 ≈ 7.5।
चूँकि आधे सिक्के नहीं रख सकते, इसलिए लगभग 8 सिक्के लगेंगे।

प्रश्न 9:

सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-गति के दो-दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर:

  • सरल रेखीय गति: कार का सड़क पर चलना, रेलगाड़ी का पटरी पर चलना।
  • वृत्तीय गति: घड़ी की सुई का घूमना, पंखे का घूमना।
  • दोलन गति: झूले का आगे-पीछे झूलना, पेंडुलम का हिलना।

प्रश्न 10:

अपने चारों ओर की विभिन्न वस्तुओं पर ध्यान दीजिए। कुछ वस्तुओं की लंबाई को mm में, कुछ की cm में और कुछ की m में व्यक्त करना आसान होता है। प्रत्येक श्रेणी में 3 वस्तुओं की सूची तालिका 5.6 में लिखिए।

लंबाई का उपयुक्त मात्रक मापनीय वस्तु
mm पेंसिल की मोटाई, कील, सिक्का
cm पुस्तक, स्टेशनरी बॉक्स, मोबाइल फोन
m कक्ष की लंबाई, कक्षा का मैदान, घर की ऊँचाई

 

प्रश्न 12:

तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है। वह उसके लिए निम्नलिखित सामग्री पर विचार करती है- प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्टील आदि। इनमें से उसे किसका उपयोग नहीं करना चाहिए और क्यों?

उत्तर:

  • कागज, कपड़ा और लचीली रबड़ का उपयोग मीटर पैमाना बनाने के लिए नहीं करना चाहिए।
  • कारण: ये सामग्री **लचीली और फैलने वाली** होती हैं। इनसे लंबाई मापते समय सही परिणाम नहीं मिलेंगे क्योंकि ये आसानी से खिंच सकती हैं या सिकुड़ सकती हैं।
  • सही सामग्री: प्लाईवुड या स्टील, क्योंकि ये **कठोर और स्थिर** होती हैं और माप में त्रुटि नहीं आती।

प्रश्न 13:

अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए लंबाई के मात्रकों के रुपांतरण पर एक कार्ड का खेल (कार्ड गेम) बनाने के संबंध में विचार कीजिए। इसकी योजना बनाइए और इसे विकसित कीजिए।

उत्तर (कार्ड गेम योजना):

  1. उद्देश्य: लंबाई के मात्रकों (mm, cm, m, km) का अभ्यास करना।
  2. सामग्री: कार्ड (कागज/कार्डबोर्ड), मार्कर/प्रिंटेड संख्याएँ और मात्रक।
  3. तैयारी:
    • प्रत्येक कार्ड पर एक संख्या और मात्रक लिखें। उदाहरण: “5 cm”, “120 mm”, “2 m”, “0.5 km”।
    • कुछ कार्ड पर रूपांतरण के प्रश्न लिखें। उदाहरण: “2 m = ? cm”।
  4. खेल के नियम:
    • सभी कार्ड को उल्टा करके रख दें।
    • खिलाड़ी बारी-बारी से एक कार्ड उठाए और दिए गए कार्ड के अनुसार रूपांतरण करे।
    • सही उत्तर पर खिलाड़ी कार्ड रख सकता है, गलत उत्तर पर कार्ड वापस रख दिया जाता है।
    • जो खिलाड़ी सबसे अधिक सही कार्ड इकट्ठा करता है, वह जीतता है।
  5. विकास: खेल को और रोचक बनाने के लिए:
    • समय सीमा जोड़ें, जैसे 30 सेकंड में उत्तर देना अनिवार्य।
    • विशेष कार्ड बना सकते हैं: “दोहरा अंक”, “पलटें और फिर उत्तर दें” आदि।

अतिरिक्त अध्ययन के लिए वेबसाइटें:

  • 1. NCERT पुस्तकें (Official Source)

    यहां आप कक्षा 6 के लिए NCERT विज्ञान की आधिकारिक पुस्तक का वह अध्याय डाउनलोड कर सकते हैं जिसमें लम्बाई और गति के मापन का विस्तृत वर्णन है।

    NCERT विज्ञान पुस्तक (अध्याय 10)

  • 2. Byju’s – लम्बाई का मापन (Measurement of Length)

    यह लिंक लम्बाई के मापन से संबंधित विभिन्न अवधारणाओं, इकाइयों और विधियों पर एक संक्षिप्त और समझने योग्य स्पष्टीकरण प्रदान करता है।

    Byju’s – लम्बाई का मापन

  • 3. Vedantu – गति (Motion)

    यह पृष्ठ गति के विभिन्न प्रकारों, जैसे सरल रेखीय गति, आवर्ती गति, और वृत्तीय गति की व्याख्या करता है, जो गति के मापन से संबंधित हैं।

    Vedantu – गति

  • 4. Khan Academy – भौतिकी (Physics)

    खान अकादमी भौतिकी के मूल सिद्धांतों पर उत्कृष्ट वीडियो और अभ्यास प्रदान करता है। आप यहां लम्बाई, दूरी, गति और समय से संबंधित विषयों को खोज सकते हैं।

    Khan Academy – भौतिकी

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