कक्षा 7:अध्याय 3 : ऊष्मा (Heat)

कक्षा 7:अध्याय 3: ऊष्मा ushma science ncert notes in hindi

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अध्याय 3 : ऊष्मा (Heat)

परिचय : हमारे चारों ओर वस्तुएँ या तो गर्म होती हैं या ठंडी। यह गर्मी या ठंडक जिस भौतिक राशि के कारण महसूस होती है, उसे ऊष्मा (Heat) कहते हैं। ऊष्मा ऊर्जा का एक रूप है जो एक शरीर से दूसरे शरीर में स्थानांतरित हो सकती है।

रुचिकर तथ्य :
जब हम चाय का कप पकड़ते हैं, तो हमारे हाथ में गर्माहट महसूस होती है। इसका अर्थ है कि ऊष्मा चाय से हमारे हाथ की ओर प्रवाहित हो रही है।

ऊष्मा क्या है?

ऊष्मा वह ऊर्जा है जो किसी गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर प्रवाहित होती है जब तक कि दोनों का ताप समान न हो जाए।

तापमान (Temperature)

तापमान वह भौतिक राशि है जिससे यह ज्ञात किया जाता है कि कोई वस्तु कितनी गर्म या ठंडी है। तापमान का मापन थर्मामीटर से किया जाता है।

महत्वपूर्ण : तापमान को सेल्सियस (°C) या फ़ारेनहाइट (°F) में मापा जाता है।

सामान्य मानव शरीर का तापमान = 37°C या 98.6°F

ऊष्मा के संचरण के तीन प्रकार

क्रम संचरण का प्रकार विवरण उदाहरण
1. चालकता (Conduction) ठोस पदार्थों में कणों के संपर्क से ऊष्मा का संचरण। लोहे की छड़ को आग में गर्म करने पर दूसरे सिरे तक गर्मी पहुंचना।
2. संवहन (Convection) द्रव या गैसों में कणों के ऊपर-नीचे होने से ऊष्मा का स्थानांतरण। पानी को गर्म करने पर ऊपर-नीचे घूमना।
3. विकिरण (Radiation) ऊष्मा का संचरण बिना किसी माध्यम के होता है। सूर्य की ऊष्मा का पृथ्वी तक पहुँचना।

चालक और कुचालक

वे पदार्थ जो ऊष्मा को आसानी से प्रवाहित होने देते हैं, उन्हें चालक (Conductors) कहते हैं।
जो ऊष्मा को नहीं प्रवाहित होने देते, उन्हें कुचालक (Insulators) कहते हैं।

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उदाहरण :
चालक – तांबा, एल्युमिनियम, लोहा
कुचालक – लकड़ी, प्लास्टिक, रबर

थर्मामीटर के प्रकार

  • क्लिनिकल थर्मामीटर (Clinical Thermometer)
  • प्रयोगशाला थर्मामीटर (Laboratory Thermometer)
  • डिजिटल थर्मामीटर (Digital Thermometer)

क्लिनिकल थर्मामीटर की सीमा

क्लिनिकल थर्मामीटर 35°C से 42°C (या 94°F से 108°F) तक का तापमान मापने के लिए बनाया गया है। इसमें एक संकीर्ण नली होती है जिसे बल्ब कहते हैं, जिसमें पारा (Mercury) भरा होता है।

ध्यान दें : यदि थर्मामीटर को बहुत गर्म वस्तु में डालें, तो उसका पारा स्तंभ टूट सकता है।

अभ्यास प्रश्न

  1. ऊष्मा क्या है और यह किस दिशा में प्रवाहित होती है?
  2. तापमान और ऊष्मा में क्या अंतर है?
  3. ऊष्मा के संचरण के तीन प्रकार कौन-कौन से हैं?
  4. चालक और कुचालक में क्या अंतर है? उदाहरण सहित लिखिए।
  5. क्लिनिकल थर्मामीटर की तापमान सीमा क्या होती है?

संक्षेप में :

  • ऊष्मा ऊर्जा का एक रूप है।
  • ऊष्मा का प्रवाह हमेशा गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर होता है।
  • ऊष्मा संचरण के तीन प्रकार – चालकता, संवहन, विकिरण।
  • चालक ऊष्मा प्रवाहित करते हैं, कुचालक नहीं।

गर्म तथा ठंडा (Hot and Cold)

हम अपने आसपास की वस्तुओं को छूकर यह पहचान सकते हैं कि कोई वस्तु गर्म (Hot) है या ठंडी (Cold)। उदाहरण के लिए, गरम चाय का कप गर्म महसूस होता है, जबकि आइसक्रीम ठंडी लगती है।

रुचिकर तथ्य :
यदि आप एक हाथ को ठंडे पानी में और दूसरे को गर्म पानी में कुछ देर रखें, फिर दोनों हाथों को एक साथ सामान्य पानी में डालें, तो ठंडे पानी में रखा हाथ गर्मी महसूस करेगा और गर्म पानी में रखा हाथ ठंडक।
यह दर्शाता है कि हमारा स्पर्श सटीक मापन का साधन नहीं है।

स्पर्श से तापमान ज्ञात करना सटीक नहीं है

हम यह कह सकते हैं कि कोई वस्तु दूसरे की तुलना में अधिक गर्म या ठंडी है, लेकिन स्पर्श द्वारा सही तापमान नहीं बताया जा सकता।
तापमान को सही मापने के लिए हमें थर्मामीटर का प्रयोग करना पड़ता है।

वस्तु अनुभव तापमान
गरम चाय गर्म उच्च (लगभग 70°C)
ठंडा दूध ठंडा निम्न (लगभग 10°C)
सामान्य पानी ना बहुत गर्म ना बहुत ठंडा लगभग 25°C

ध्यान दें :

  • गर्म और ठंडे का अनुभव सापेक्ष (Relative) होता है।
  • हमेशा थर्मामीटर से ही तापमान का सही मापन करें।

तापमान का माप (Measurement of Temperature)

तापमान मापने के लिए थर्मामीटर का प्रयोग किया जाता है। इसमें पारे (Mercury) का उपयोग होता है, जो तापमान बढ़ने पर फैलता और घटने पर सिकुड़ता है।

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महत्वपूर्ण तथ्य :
सेल्सियस तापमान पैमाना 0°C से 100°C तक होता है, जिसमें –
0°C → बर्फ का गलनांक (Melting point of ice)
100°C → जल का क्वथनांक (Boiling point of water)

अभ्यास प्रश्न :

  1. हम किन वस्तुओं को गर्म और किन्हें ठंडा कहते हैं? उदाहरण सहित बताइए।
  2. क्या केवल स्पर्श द्वारा यह ज्ञात किया जा सकता है कि कोई वस्तु कितनी गर्म या ठंडी है? कारण सहित समझाइए।
  3. थर्मामीटर क्या है? इसका उपयोग क्यों किया जाता है?
  4. 0°C और 100°C किसके प्रतीक हैं?

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संक्षेप में :

  • गर्म और ठंडा शब्द सापेक्ष हैं।
  • स्पर्श द्वारा केवल अनुमान लगाया जा सकता है, सटीक तापमान नहीं।
  • तापमान मापने के लिए थर्मामीटर का प्रयोग किया जाता है।
  • सेल्सियस पैमाने पर 0°C बर्फ का गलनांक और 100°C जल का क्वथनांक होता है।

ताप मापन (Measurement of Temperature)

हम अपने अनुभव से यह तो जान सकते हैं कि कोई वस्तु गर्म है या ठंडी, परंतु यह नहीं बता सकते कि उसका तापमान कितना है।
तापमान का सही मापन करने के लिए हमें थर्मामीटर की आवश्यकता होती है।

रुचिकर तथ्य :
थर्मामीटर का आविष्कार 1714 में डेनियल फारेनहाइट ने किया था। उन्होंने पारे से भरे काँच के थर्मामीटर का निर्माण किया था।

थर्मामीटर क्या है?

थर्मामीटर एक उपकरण है जो किसी वस्तु या शरीर के तापमान को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है।
यह सामान्यतः काँच की नली होती है जिसके एक सिरे पर पारे (Mercury) या कभी-कभी रंगीन अल्कोहल से भरा बल्ब होता है।
पारा ऊष्मा मिलने पर फैलता है और ठंडा होने पर सिकुड़ता है, जिससे तापमान का अनुमान लगाया जाता है।

ध्यान दें :
थर्मामीटर को मुँह में डालने से पहले और बाद में झटका देकर पारे को नीचे लाना चाहिए ताकि वह सही तापमान दिखाए।

थर्मामीटर के प्रकार

  • क्लिनिकल थर्मामीटर (Clinical Thermometer): यह मानव शरीर का तापमान मापने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • प्रयोगशाला थर्मामीटर (Laboratory Thermometer): यह प्रयोगों में विभिन्न पदार्थों के तापमान को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • डिजिटल थर्मामीटर: यह इलेक्ट्रॉनिक सेंसर से तापमान दिखाता है और पारे का उपयोग नहीं करता।

क्लिनिकल और प्रयोगशाला थर्मामीटर में अंतर

क्रम क्लिनिकल थर्मामीटर प्रयोगशाला थर्मामीटर
1. यह मानव शरीर का तापमान मापने के लिए प्रयोग होता है। यह प्रयोगशाला में तरल या अन्य पदार्थों का तापमान मापने के लिए प्रयोग होता है।
2. इसकी ताप सीमा 35°C से 42°C तक होती है। इसकी ताप सीमा -10°C से 110°C तक होती है।
3. इसमें एक संकीर्ण मोड़ (किंक) होता है जिससे पारा वापस नीचे नहीं आता। इसमें ऐसा मोड़ नहीं होता, इसलिए पारा तुरंत नीचे आ जाता है।
4. इसे शरीर के संपर्क में कुछ सेकंड के लिए रखा जाता है। इसे द्रव या गैस में सीधे डुबोकर प्रयोग किया जाता है।
महत्वपूर्ण :
क्लिनिकल थर्मामीटर को उबलते पानी या बहुत ठंडे पानी में नहीं डालना चाहिए क्योंकि इससे पारा स्तंभ टूट सकता है।

तापमान की सामान्य इकाइयाँ

  • सेल्सियस (°C)
  • फारेनहाइट (°F)
  • केल्विन (K) — वैज्ञानिक प्रयोगों में प्रयुक्त होती है।
इकाई प्रयोग क्षेत्र संबंध सूत्र
सेल्सियस (°C) सामान्य तापमान मापन
फारेनहाइट (°F) अमेरिका आदि देशों में °F = (9/5 × °C) + 32
केल्विन (K) वैज्ञानिक प्रयोग K = °C + 273

अभ्यास प्रश्न :

  1. थर्मामीटर क्या है? इसका कार्य क्या है?
  2. क्लिनिकल थर्मामीटर और प्रयोगशाला थर्मामीटर में दो अंतर लिखिए।
  3. मानव शरीर का सामान्य तापमान कितना होता है?
  4. सेल्सियस और फारेनहाइट तापमान में संबंध सूत्र लिखिए।
  5. थर्मामीटर के उपयोग में क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?

संक्षेप में :

  • तापमान का मापन थर्मामीटर से किया जाता है।
  • क्लिनिकल थर्मामीटर 35°C–42°C सीमा तक काम करता है।
  • प्रयोगशाला थर्मामीटर की सीमा -10°C–110°C होती है।
  • फारेनहाइट और सेल्सियस के बीच संबंध: °F = (9/5 × °C) + 32

 

प्रयोगशाला तापमापी (Laboratory Thermometer)

प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग विभिन्न प्रयोगों में तरल पदार्थों, ठोसों या गैसों के तापमान को मापने के लिए किया जाता है।
यह क्लिनिकल थर्मामीटर से थोड़ा अलग होता है क्योंकि इसकी ताप सीमा अधिक होती है।

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रुचिकर तथ्य :
प्रयोगशाला तापमापी से पानी का उबलनांक (Boiling point), गलनांक (Melting point), या किसी द्रव का तापमान मापा जाता है।
यह आमतौर पर वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में उपयोग किया जाता है।

संरचना (Structure)

  • यह एक लंबी, पतली काँच की नली होती है।
  • इसका निचला सिरा एक बल्ब के रूप में होता है जिसमें पारा (Mercury) या रंगीन अल्कोहल भरा होता है।
  • नली के साथ-साथ एक मापांक पैमाना (Graduated Scale) होता है जो तापमान को दर्शाता है।
  • इस पर तापमान की सीमा –10°C से 110°C तक अंकित होती है।
ध्यान दें :
प्रयोगशाला तापमापी में पारे का स्तर ऊपर-नीचे होता रहता है क्योंकि इसमें क्लिनिकल थर्मामीटर की तरह संकीर्ण मोड़ (किंक) नहीं होता।

कार्यविधि (Working)

जब तापमापी के बल्ब को किसी गर्म द्रव में डाला जाता है, तो बल्ब के अंदर का पारा ऊष्मा प्राप्त कर फैलता है और नली में ऊपर की ओर चढ़ता है।
पारा जितना ऊपर जाता है, तापमान उतना अधिक दर्शाता है।
द्रव को हिलाने से तापमान समान रूप से फैल जाता है और सटीक मापन मिलता है।

सही मापन के लिए सावधानियाँ

  • थर्मामीटर को द्रव में सीधा और इस प्रकार डुबोएँ कि बल्ब द्रव में पूरी तरह हो।
  • थर्मामीटर के बल्ब को बर्तन की दीवार या तले को न छूने दें।
  • थर्मामीटर को द्रव से निकालने से पहले तापमान पढ़ लें।
  • माप हमेशा आंखों की समान ऊँचाई से करें ताकि पैमाना सही दिखे।
  • मापन के बाद थर्मामीटर को सावधानी से साफ करें और सुरक्षित रखें।
महत्वपूर्ण :
प्रयोगशाला तापमापी का प्रयोग शरीर का तापमान मापने के लिए नहीं किया जा सकता क्योंकि इसकी सीमा बहुत अधिक होती है और इसमें kink नहीं होता जिससे पारा वापस नीचे आ जाता है।

क्लिनिकल और प्रयोगशाला तापमापी में अंतर

बिंदु क्लिनिकल तापमापी प्रयोगशाला तापमापी
1. उपयोग मानव शरीर का तापमान मापने के लिए। प्रयोगों में तरल, ठोस या गैसों का तापमान मापने के लिए।
2. ताप सीमा 35°C – 42°C –10°C – 110°C
3. संरचना इसमें kink होता है ताकि पारा नीचे न आए। इसमें kink नहीं होता, इसलिए पारा तुरंत नीचे आ जाता है।
4. प्रयोग स्थान घर या अस्पताल विद्यालय या वैज्ञानिक प्रयोगशाला

अभ्यास प्रश्न :

  1. प्रयोगशाला तापमापी क्या है? इसका उपयोग कहाँ किया जाता है?
  2. इसकी ताप सीमा क्या होती है?
  3. क्लिनिकल तापमापी और प्रयोगशाला तापमापी में दो अंतर लिखिए।
  4. ताप मापते समय कौन-कौन सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
  5. प्रयोगशाला तापमापी का बल्ब बर्तन की दीवार को क्यों नहीं छूना चाहिए?

संक्षेप में :

  • प्रयोगशाला तापमापी प्रयोगों में पदार्थों का तापमान मापने के लिए प्रयुक्त होती है।
  • इसकी ताप सीमा –10°C से 110°C तक होती है।
  • इसमें kink नहीं होता, इसलिए पारा तुरंत नीचे आता है।
  • मापते समय थर्मामीटर को सीधा और द्रव में पूरी तरह डुबोना चाहिए।

ऊष्मा का स्थानांतरण (Transfer of Heat)

जब दो वस्तुएँ अलग-अलग तापमान पर होती हैं और आपस में संपर्क में आती हैं, तो ऊष्मा उच्च ताप वाली वस्तु से निम्न ताप वाली वस्तु की ओर प्रवाहित होती है।
यह प्रवाह तब तक जारी रहता है जब तक दोनों का ताप समान नहीं हो जाता।
इसे ही ऊष्मा का स्थानांतरण कहते हैं।

उदाहरण:
जब हम गर्म चाय का कप पकड़ते हैं, तो कप से ऊष्मा हमारे हाथ में आती है और हाथ को गर्म महसूस होता है।

ऊष्मा के स्थानांतरण के तीन तरीके

  1. चालन (Conduction): यह ऊष्मा का स्थानांतरण ठोस पदार्थों में होता है।
    ऊष्मा एक कण से दूसरे कण में ऊर्जा के रूप में प्रवाहित होती है, परंतु पदार्थ स्वयं नहीं चलता।उदाहरण: जब धातु की छड़ को आग में गर्म किया जाता है तो उसका दूसरा सिरा भी गर्म हो जाता है।
  2. संवहन (Convection): यह ऊष्मा का स्थानांतरण द्रव (तरल या गैस) में होता है।
    द्रव के गर्म भाग ऊपर उठते हैं और ठंडे भाग नीचे आते हैं, जिससे ऊष्मा का प्रवाह होता है।उदाहरण: पानी को गर्म करने पर नीचे का गर्म पानी ऊपर आता है और ठंडा पानी नीचे चला जाता है।
  3. विकिरण (Radiation): इस विधि में ऊष्मा का प्रवाह माध्यम (medium) के बिना होता है।
    सूर्य की ऊष्मा इसी प्रकार पृथ्वी तक पहुँचती है।उदाहरण: सूर्य की किरणों से हमें गर्मी महसूस होती है।

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महत्वपूर्ण तथ्य:
– धातुएँ ऊष्मा की अच्छी चालक (Good Conductors) होती हैं।
– लकड़ी, रबर, प्लास्टिक आदि ऊष्मा की कुचालक (Bad Conductors) होती हैं।
– ऊष्मा का स्थानांतरण हमेशा उच्च ताप से निम्न ताप की दिशा में होता है।

संवहन धाराएँ (Convection Currents)

जब तरल पदार्थ को गर्म किया जाता है, तो उसके गर्म कण ऊपर उठते हैं और ठंडे कण नीचे आते हैं।
इस तरह एक परिक्रामी प्रवाह बनता है, जिसे संवहन धारा कहते हैं।
यही कारण है कि कमरे में रखे हीटर से पूरा कमरा धीरे-धीरे गर्म हो जाता है।

सारांश:
ऊष्मा के स्थानांतरण के तीन तरीके हैं — चालन, संवहन, और विकिरण
इनके माध्यम से ऊष्मा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती है।

समुद्र समीर और थल समीर में ताप का स्थानांतरण

दिन और रात में समुद्र तथा भूमि (थल) के तापमान में अंतर के कारण समुद्र समीर (Sea Breeze) और थल समीर (Land Breeze) उत्पन्न होती है।
यह घटना संवहन द्वारा ऊष्मा के स्थानांतरण का एक सुंदर उदाहरण है।

(1) समुद्र समीर (Sea Breeze)

दिन के समय भूमि जल्दी गर्म हो जाती है जबकि समुद्र का तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है।
भूमि की गर्म हवा ऊपर उठती है, जिससे वहाँ निम्न दाब क्षेत्र बनता है।
समुद्र की ठंडी हवा भूमि की ओर आती है ताकि यह स्थान भर सके —
इसी ठंडी हवा को समुद्र समीर कहते हैं।

उदाहरण:
समुद्र तट पर दिन के समय समुद्र की ओर से चलने वाली ठंडी हवा शरीर को ठंडक देती है।

(2) थल समीर (Land Breeze)

रात के समय स्थिति उलट जाती है।
भूमि जल्दी ठंडी हो जाती है जबकि समुद्र का जल अपेक्षाकृत गर्म रहता है।
अब समुद्र के ऊपर की हवा ऊपर उठती है और वहाँ निम्न दाब बनता है।
भूमि की ठंडी हवा समुद्र की ओर प्रवाहित होती है —
इसी को थल समीर कहते हैं।

उदाहरण:
रात के समय समुद्र तट पर हवा भूमि से समुद्र की ओर बहती है।

समुद्र समीर और थल समीर में ताप का अंतर

तुलना का आधार समुद्र समीर थल समीर
समय दिन के समय रात के समय
हवा की दिशा समुद्र से भूमि की ओर भूमि से समुद्र की ओर
भूमि और समुद्र का तापमान भूमि गर्म, समुद्र ठंडा भूमि ठंडी, समुद्र गर्म
हवा का प्रभाव ठंडी और सुखद हवा हल्की गर्म हवा
सारांश:
समुद्र समीर और थल समीर दोनों ही संवहन से उत्पन्न होती हैं।
यह प्रकृति में ताप के असमान वितरण के कारण उत्पन्न वायु की प्राकृतिक गति का सुंदर उदाहरण हैं।

सर्दियों व गर्मियों में हमारे पहनने के वस्त्रों के प्रकार

हम अपने शरीर का ताप संतुलन बनाए रखने के लिए मौसम के अनुसार वस्त्र पहनते हैं।
विभिन्न ऋतुओं में अलग-अलग वस्त्र इसलिए पहने जाते हैं क्योंकि वे ऊष्मा के स्थानांतरण को प्रभावित करते हैं।
यह हमारे शरीर को ठंड और गर्मी से बचाते हैं।

गर्मियों के वस्त्र (Summer Clothes)

गर्मियों में तापमान अधिक होता है।
हम हल्के और सूती वस्त्र पहनते हैं क्योंकि:

  • सूती वस्त्र पसीने को सोख लेते हैं और उसे वाष्पित होने देते हैं।
  • पसीने के वाष्पीकरण से शरीर की ऊष्मा बाहर निकल जाती है और शरीर ठंडा रहता है।
  • हल्के रंग के वस्त्र सूर्य की ऊष्मा को कम अवशोषित करते हैं।
उदाहरण:
सफेद या हल्के रंग के सूती कुर्ते, शर्ट, सलवार, या फ्रॉक गर्मियों में उपयुक्त होते हैं।

सर्दियों के वस्त्र (Winter Clothes)

सर्दियों में तापमान कम होता है।
हम ऊनी वस्त्र पहनते हैं क्योंकि:

  • ऊन के रेशों के बीच हवा की परत होती है जो ऊष्मा की कुचालक होती है।
  • यह हवा की परत हमारे शरीर की ऊष्मा को बाहर जाने से रोकती है।
  • इससे शरीर गर्म रहता है और ठंडी हवा का प्रभाव कम होता है।
उदाहरण:
ऊन के स्वेटर, जैकेट, कोट, और टोपी सर्दियों में पहनने के लिए उपयुक्त होते हैं।

सर्दी और गर्मी के वस्त्रों में मुख्य अंतर

तुलना का आधार गर्मियों के वस्त्र सर्दियों के वस्त्र
मुख्य कपड़ा सूती ऊन
रंग हल्के रंग के गहरे रंग के
ऊष्मा पर प्रभाव ऊष्मा को बाहर निकलने देते हैं ऊष्मा को अंदर रोकते हैं
मुख्य उद्देश्य शरीर को ठंडा रखना शरीर को गर्म रखना
सारांश:
गर्मियों में सूती और हल्के रंग के वस्त्र पहनना शरीर की ऊष्मा को बाहर निकलने में मदद करता है,
जबकि सर्दियों में ऊनी वस्त्र शरीर की ऊष्मा को बनाए रखते हैं।
इस प्रकार हमारे वस्त्र मौसम के अनुसार ऊष्मा के स्थानांतरण को नियंत्रित करते हैं।

प्रमुख शब्दावली (Key Terms of Chapter – ऊष्मा)

क्रम सं. शब्द अर्थ / परिभाषा
1. सेल्सियस स्केल (Celsius Scale) तापमापी पर ताप मापने का पैमाना, जिसमें पानी का जमने का बिंदु 0°C और उबलने का बिंदु 100°C माना जाता है।
2. संवहन (Convection) ऊष्मा का स्थानांतरण द्रव (तरल या गैस) के माध्यम से होता है, जिसे संवहन कहते हैं।
3. कुचालक (Insulator) ऐसे पदार्थ जो ऊष्मा या विद्युत का संचालन नहीं करते, जैसे लकड़ी, रबर, या ऊन।
4. अधिकतम-न्यूनतम तापमापी (Maximum-Minimum Thermometer) एक ऐसा यंत्र जो एक दिन में अधिकतम और न्यूनतम तापमान मापने के लिए प्रयोग किया जाता है।
5. ऊष्मा-रोधी (Heat Resistant) वे पदार्थ जो ऊष्मा के प्रभाव को सहन कर सकते हैं और पिघलते या जलते नहीं हैं।
6. चालन (Conduction) ठोस पदार्थों में ऊष्मा का एक कण से दूसरे कण में प्रवाह बिना पदार्थ के स्थान परिवर्तन के।
7. चालक (Conductor) ऐसे पदार्थ जो ऊष्मा या विद्युत को आसानी से प्रवाहित करते हैं, जैसे तांबा, लोहा, और एल्युमिनियम।
8. थल समीर (Land Breeze) रात के समय भूमि से समुद्र की ओर बहने वाली ठंडी हवा।
9. समुद्र समीर (Sea Breeze) दिन के समय समुद्र से भूमि की ओर बहने वाली ठंडी हवा।
10. विकिरण (Radiation) ऊष्मा का स्थानांतरण बिना किसी माध्यम के, जैसे सूर्य की ऊष्मा का पृथ्वी तक पहुँचना।
11. ताप (Temperature) किसी वस्तु के गर्म या ठंडा होने की मात्रा का माप।
12. तापमापी (Thermometer) ताप को मापने के लिए प्रयुक्त उपकरण।
13. थर्मामीटर (Thermometer) तापमापी का अंग्रेज़ी नाम — यह पारा या डिजिटल रूप में ताप को दर्शाता है।
14. अंकीय तापमापी (Digital Thermometer) एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र जो तापमान को अंकों (digits) में प्रदर्शित करता है।
15. पूतिरोधी (Polished or Reflective Surface) ऐसी चमकीली सतह जो विकिरण को परावर्तित करती है और ऊष्मा को अवशोषित नहीं करती।

आपने क्या सीखा

किसी वस्तु की उष्णता की कोटि ज्ञात करने के लिए हम सदैव अपनी स्पर्श इंद्रिय पर विश्वास नहीं कर सकते।

ताप किसी वस्तु की उष्णता की कोटि की माप है।

तापमापी वह युक्ति है जिससे ताप मापा जाता है।

डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग शरीर का ताप मापने के लिए किया जाता है। इस थर्मामीटर का परिसर 35°C से 42°C होता है। अन्य प्रयोजनों के लिए हम प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते हैं, जिनका परिसर प्रायः -10°C से 110°C होता है।

मानव शरीर का सामान्य ताप 37°C होता है।

ऊष्मा का स्थानांतरण: ऊष्मा सदैव उच्च ताप के पिंड से निम्न ताप के पिंड की ओर जाती है। यह तीन प्रकार से हो सकती है — चालन, संवहन और विकिरण
  • चालन (Conduction): ठोसों में ऊष्मा का स्थानांतरण चालन द्वारा होता है।
  • संवहन (Convection): द्रवों और गैसों में ऊष्मा का स्थानांतरण संवहन द्वारा होता है।
  • विकिरण (Radiation): ऊष्मा का स्थानांतरण बिना किसी माध्यम के होता है।

जो पदार्थ अपने से होकर ऊष्मा को आसानी से प्रवाहित होने देते हैं उन्हें ऊष्मा चालक कहते हैं, और जो नहीं देते उन्हें कुचालक कहते हैं।

रंग और ऊष्मा: गहरे रंग की वस्तुएँ ऊष्मीय विकिरणों की अच्छी अवशोषक होती हैं, जबकि हल्के रंग की वस्तुएँ ऊष्मा को परावर्तित करती हैं। इसलिए गर्मियों में हल्के रंग के कपड़े पहनना आरामदायक होता है।
सर्दियों में ऊनी वस्त्र: ऊन ऊष्मा-रोधी होती है तथा इसके रेशों के बीच फँसी हुई वायु ऊष्मा को बाहर जाने से रोकती है, जिससे शरीर गरम रहता है।

अभ्यास — हल (Chapter: ऊष्मा)

1. प्रयोगशाला तापमापी तथा डॉक्टरी (क्लिनिकल) थर्मामीटर — समानताएँ व अंतर

पक्ष प्रयोगशाला तापमापी डॉक्टरी (क्लिनिकल) थर्मामीटर
उपयोग प्रयोगों में द्रव/ठोस/गैस का ताप मापने के लिए। मानव शरीर का ताप मापने के लिए।
ताप सीमा आम तौर पर −10°C से 110°C तक। लगभग 35°C से 42°C तक।
संरचना विशेष काँच की लंबी नली, इसमें kink नहीं होता; पारा ऊपर-नीचे freely चलता है। नाज़ुक नली और अक्सर एक कांच का kink (narrow bend) ताकि पारा नीचे न आ सके।
सावधानियाँ बल्ब को बर्तन की दीवार/तले से न लगाएँ; सीधे द्रव में डुबोएँ। मुंह/बगल में सावधानी से रखें; उबलते पदार्थ के लिए प्रयोग न करें।

2. ऊष्मा चालक तथा ऊष्मा-रोधी — प्रत्येक के दो उदाहरण

  • ऊष्मा चालक (Conductors): तांबा (Copper), लोहा (Iron)
  • ऊष्मा-रोधी / कुचालक (Insulators): लकड़ी (Wood), प्लास्टिक (Plastic)

3. रिक्त स्थान भरिए — (उत्तर)

(क) कोई वस्तु कितनी गरम है इसकी जानकारी थर्मामीटर / तापमापी द्वारा प्राप्त होती है।
(ख) उबलते हुए पानी का ताप डॉक्टरी थर्मामीटर (क्लिनिकल थर्मामीटर) से नहीं मापा जा सकता।
(ग) ताप को डिग्री सेल्सियस (°C) में मापा जाता है।
(घ) बिना किसी माध्यम द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण के प्रक्रम को विकिरण कहते हैं।
(च) स्टील की एक ठंडी चम्मच गर्म दूध के प्याले में रखी गई है। यह अपने दूसरे सिरे तक ऊष्मा का स्थानांतरण चालन (Conduction) प्रक्रम द्वारा करेगी।
(छ) हल्के रंग के वस्त्रों की अपेक्षा गहरे रंग के वस्त्र ऊष्मा का अधिक अवशोषण करते हैं।

4. कॉलम A के कथनों का कॉलम B के शब्दों से मिलान कीजिये

कॉलम A कॉलम B (उत्तर)
(क) थल समीर के बहने का समय रात (iv)
(ख) समुद्र समीर के बहने का समय दिन (iii)
(ग) गहरे रंग के कपड़े पसंद करने का समय सर्दियाँ (ii)
(घ) हल्के रंग के कपड़े पसंद करने का समय गर्मियाँ (i)

संक्षेप में (नोट):

  • समुद्र समीर = दिन में, ठंडी हवा समुद्र से भूमि की ओर।
  • थल समीर = रात में, ठंडी हवा भूमि से समुद्र की ओर।
  • गहरे रंग गर्मी अधिक अवशोषित करते हैं — सर्दियों में सहायक; हल्के रंग गर्मियों में आरामदायक।

5. सर्दियों में एक मोटा वस्त्र पहनने की तुलना में उसी मोटाई का कई परतों का बना वस्त्र अधिक ऊष्मा क्यों प्रदान करता है?

कई परतों वाले वस्त्रों की परतों के बीच वायु की परतें फँसी रहती हैं। वायु ऊष्मा की कुचालक (Insulator) होती है,
जिससे शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं निकल पाती और ठंडी हवा अंदर नहीं जा पाती। इसलिए, कई परतों का बना वस्त्र
एक मोटे वस्त्र की तुलना में अधिक ऊष्मा प्रदान करता है।

6. चित्र 3.13 को देखिए और अंकित कीजिए कि कहाँ-कहाँ चालन, संवहन तथा विकिरण द्वारा ऊष्मा स्थानांतरित हो रही है।

  • चालन (Conduction): बर्नर से बर्तन के तले तक ऊष्मा का स्थानांतरण।
  • संवहन (Convection): बर्तन के अंदर गर्म जल के अणुओं द्वारा ऊपर-नीचे चलकर ऊष्मा का स्थानांतरण।
  • विकिरण (Radiation): बर्नर की लौ से निकलने वाली ऊष्मा जो सीधे आसपास के वातावरण में फैलती है।

7. गर्म जलवायु के स्थानों पर यह परामर्श दिया जाता है कि घरों की बाहरी दीवारों पर श्वेत (सफेद) पेंट किया जाए — व्याख्या कीजिए।

सफेद या हल्के रंग की दीवारें सूर्य के विकिरण (heat rays) को कम अवशोषित करती हैं और अधिक परावर्तित करती हैं।
इससे घर के अंदर कम ऊष्मा प्रवेश करती है और घर ठंडा रहता है। इसलिए गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में
सफेद पेंट का उपयोग करना लाभदायक होता है।

8. 30°C के एक लीटर जल को 50°C के एक लीटर जल के साथ मिलाया गया। मिश्रण का ताप होगा —

उत्तर: (घ) 30°C तथा 50°C के बीच

क्योंकि गर्म पानी ऊष्मा खोएगा और ठंडा पानी ऊष्मा प्राप्त करेगा जब तक दोनों का ताप समान न हो जाए।
अतः मिश्रण का अंतिम ताप 30°C और 50°C के बीच रहेगा, लगभग 40°C के आसपास।

9. 40°C ताप के लोहे की गोली को किसी कटोरी में भरे 40°C ताप के जल में डुबाया गया। इस प्रक्रिया में ऊष्मा—

उत्तर: (ख) न तो लोहे की गोली से जल को और न ही जल से लोहे की गोली को ऊष्मा का स्थानांतरण होगा।

क्योंकि दोनों का ताप समान (40°C) है, अतः तापांतर न होने से ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होगा।

कक्षा 7 विज्ञान – अध्याय : ऊष्मा

प्रश्न 10.

लकड़ी की एक चम्मच को आइसक्रीम के प्याले में डुबोया गया है। इसका दूसरा सिरा—

  1. चालन के कारण ठंडा हो जाएगा।
  2. संवहन के कारण ठंडा हो जाएगा।
  3. विकिरण के कारण ठंडा हो जाएगा।
  4. ठंडा नहीं होगा।
 सही उत्तर: (घ) ठंडा नहीं होगा।
कारण: लकड़ी ऊष्मा की कुचालक होती है। इसलिए आइसक्रीम की ठंडक लकड़ी के दूसरे सिरे तक नहीं पहुँचती और वह सिरा ठंडा नहीं होता।

 

प्रश्न 11.

स्टेनलेस इस्पात की कड़ाही में प्रायः ताँबे की तली लगाई जाती है। इसका कारण हो सकता है—

  1. ताँबे की तली कड़ाही को अधिक टिकाऊ बना देती है।
  2. ऐसी कड़ाही देखने में सुंदर लगती है।
  3. स्टेनलेस इस्पात की अपेक्षा ताँबा ऊष्मा का अच्छा चालक है।
  4. स्टेनलेस इस्पात की अपेक्षा ताँबे को साफ करना अधिक आसान है।
 सही उत्तर: (ग) स्टेनलेस इस्पात की अपेक्षा ताँबा ऊष्मा का अच्छा चालक है।
कारण: ताँबा ऊष्मा का श्रेष्ठ चालक है, जिससे भोजन समान रूप से और जल्दी पकता है।

अध्याय: ऊष्मा — 20 MCQ (Hindi)

(प्रत्येक प्रश्न के बाद सही उत्तर दिया गया है — अभ्यास के लिए छिपा/दिखा कर उपयोग कर सकते हैं)

  1. ऊष्मा क्या है?
    1. क) किसी वस्तु का तापमान
    2. ख) ऊर्जा जो ऊष्मीय रूप में वस्तु से वस्तु में स्थानांतरित हो सके
    3. ग) केवल गैसों की ऊर्जा
    4. घ) दाब का माप
    सही उत्तर:
  2. तापमान और ऊष्मा में मुख्य अंतर क्या है?
    1. क) तापमान ऊर्जा है, ऊष्मा मात्रक है
    2. ख) ऊष्मा ऊर्जा का रूप है, तापमान किसी वस्तु की ‘गरम/ठंडी’ की माप है
    3. ग) दोनों समान हैं
    4. घ) तापमान पर कोई इकाई नहीं होती
    सही उत्तर:
  3. कौन सा माध्यम आवश्यक नहीं है — जिससे ऊष्मा का स्थानांतरण हो सके?
    1. क) ठोस
    2. ख) द्रव
    3. ग) गैस
    4. घ) माध्यम की आवश्यकता नहीं (Radiation)
    सही उत्तर:
  4. चालन (Conduction) किसमें प्रमुख रूप से होता है?
    1. क) ठोस
    2. ख) द्रव
    3. ग) गैस
    4. घ) निर्वात
    सही उत्तर:
  5. संवहन (Convection) किस प्रकार के माध्यम में होता है?
    1. क) केवल ठोस
    2. ख) तरल और गैस
    3. ग) केवल गैस
    4. घ) केवल निर्वात
    सही उत्तर:
  6. विकिरण (Radiation) की एक उदाहरण क्या है?
    1. क) लोहे में गर्मी का फैलना
    2. ख) पानी में उबलने पर धाराएँ बनना
    3. ग) सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा का आना
    4. घ) लकड़ी का गर्म होने पर फैलना
    सही उत्तर:
  7. निम्नमें से कौन सा पदार्थ ऊष्मा का अच्छा चालक है?
    1. क) लकड़ी
    2. ख) रबर
    3. ग) ताँबा (Copper)
    4. घ) प्लास्टिक
    सही उत्तर:
  8. कुचालक (Insulator) उदाहरण है —
    1. क) एल्युमिनियम
    2. ख) ताँबा
    3. ग) पलस्तिक / रबर
    4. घ) लोहा
    सही उत्तर:
  9. क्लिनिकल (डॉक्टरी) थर्मामीटर की सामान्य कार्य सीमा है —
    1. क) −10°C से 110°C
    2. ख) 0°C से 100°C
    3. ग) 35°C से 42°C
    4. घ) 100°C से 200°C
    सही उत्तर:
  10. अंकीय (डिजिटल) तापमापी की विशेषता क्या है?
    1. क) इसमें पारे का उपयोग होता है
    2. ख) यह तापमान को डिजिट में दिखाता है
    3. ग) केवल प्रयोगशाला में उपयोगी है
    4. घ) इसका कोई इलेक्ट्रॉनिक सेंसर नहीं होता
    सही उत्तर:
  11. सेल्सियस पैमाने पर बर्फ का गलनांक और जल का क्वथनांक क्रमशः क्या हैं?
    1. क) 0°C और 100°C
    2. ख) −273°C और 0°C
    3. ग) 32°F और 212°F
    4. घ) 100°C और 200°C
    सही उत्तर:
  12. यदि 1 L जल at 30°C और 1 L जल at 50°C मिलाया जाए तो मिश्रण का अनुमानित ताप होगा—
    1. क) 80°C
    2. ख) 50°C से अधिक
    3. ग) 20°C
    4. घ) 30°C और 50°C के बीच (लगभग 40°C)
    सही उत्तर:
  13. ऊष्मा किस दिशा में प्रवाहित होती है?
    1. क) निम्न ताप से उच्च ताप की ओर
    2. ख) उच्च ताप से निम्न ताप की ओर
    3. ग) दोनों दिशाओं में बराबर
    4. घ) बिना किसी नियम के
    सही उत्तर:
  14. समुद्र समीर (Sea Breeze) दिन में क्यों बहती है?
    1. क) क्योंकि समुद्र जमीन से अधिक गर्म होता है
    2. ख) क्योंकि जमीन समुद्र से अधिक गर्म होती है और ठंडी हवा समुद्र से भूमि की ओर आती है
    3. ग) क्योंकि रात में जमीन ठंडी होती है
    4. घ) यह केवल हवाओं का भ्रम है
    सही उत्तर:
  15. थल समीर (Land Breeze) रात में क्यों बहती है?
    1. क) क्योंकि जमीन रात में समुद्र से ठंडी होती है
    2. ख) क्योंकि समुद्र रात में जमीन से ठंडी होता है
    3. ग) क्योंकि सूर्य रात में समुद्र को गर्म करता है
    4. घ) क्योंकि हवा हमेशा समुद्र की ओर बहती है
    सही उत्तर:
  16. गहरे रंग की वस्तुएँ सूर्य की किरणों को तुलनात्मक रूप से —
    1. क) अधिक परावर्तित करती हैं
    2. ख) कम अवशोषित करती हैं
    3. ग) अधिक अवशोषित करती हैं
    4. घ) विकिरण नहीं करतीं
    सही उत्तर:
  17. क्यों ऊनी वस्त्र सर्दियों में गर्म रखते हैं?
    1. क) ऊन ऊष्मा का अच्छा चालक है
    2. ख) ऊन में फँसी हवा ऊष्मा को बाहर जाने से रोकती है
    3. ग) ऊन हल्का रंग होता है
    4. घ) ऊनी वस्त्र में पानी भरता है
    सही उत्तर:
  18. अधिकतम-न्यूनतम तापमापी (Maximum-Minimum thermometer) किस लिए इस्तेमाल होती है?
    1. क) केवल दिन के तापमान का औसत
    2. ख) एक दिन में अधिकतम तथा न्यूनतम ताप रिकॉर्ड करने के लिए
    3. ग) केवल रात का तापमान मापने के लिए
    4. घ) केवल पानी के ताप मापन के लिए
    सही उत्तर:
  19. यदि किसी वस्तु A का ताप 40°C और वस्तु B का ताप 20°C है, तो ऊष्मा किस ओर जाएगी?
    1. क) B से A की ओर
    2. ख) A से B की ओर
    3. ग) दोनों दिशाओं में
    4. घ) कोई स्थानांतरण नहीं होगा
    सही उत्तर:
  20. स्टेनलेस इस्पात की कड़ाही में ताँबे की तली क्यों लगाई जाती है?
    1. क) सुन्दरता के कारण
    2. ख) ताँबा ऊष्मा का अच्छा चालक है — भोजन समान रूप से पकता है
    3. ग) ताँबा सस्ता होता है
    4. घ) ताँबे की तली कड़ाही को हल्का बनाती है
    सही उत्तर:
  21. किस बारे में कहना सही है: “स्पर्श इंद्रिय हमेशा वस्तु के वास्तविक ताप को बताती है”?
    1. क) सही
    2. ख) गलत — स्पर्श सापेक्ष (relative) अनुभव देता है
    3. ग) केवल धातु के लिए सही
    4. घ) केवल पानी के लिए सही
    सही उत्तर:
  22. किस रंग के कपड़े गर्मियों में अधिक आरामदायक होते हैं?
    1. क) गहरे रंग
    2. ख) हल्के रंग
    3. ग) चमकीले रंग केवल
    4. घ) रंग का प्रभाव नहीं पड़ता
    सही उत्तर:

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