पाठ: 3- कोयला और पेट्रोलियम (Coal and Petroleum)
इस अध्याय में हम पृथ्वी के अंदर पाए जाने वाले दो प्रमुख प्राकृतिक ईंधनों (Natural Fuels) —
कोयला (Coal) और पेट्रोलियम (Petroleum) — के बारे में जानेंगे।
ये दोनों जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) हैं, जो लाखों वर्ष पहले जीवित वनस्पतियों और जीवों के अवशेषों से बने हैं।
ये हमारे energy resources का मुख्य आधार हैं और उद्योग (Industry), परिवहन (Transportation) तथा घरों में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत हैं।
Fact Box:
- Coal एक ठोस ईंधन (Solid Fuel) है जबकि Petroleum एक तरल ईंधन (Liquid Fuel) है।
- ये दोनों fossil fuels लाखों वर्ष पहले जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के अवशेषों से बने हैं।
- इनका अत्यधिक उपयोग air pollution और global warming को बढ़ाता है।
इस अध्याय में आप सीखेंगे — (In this Chapter You Will Learn)
- कोयला और पेट्रोलियम की उत्पत्ति (Formation of Coal and Petroleum)
- कोयले के प्रकार (Types of Coal) और पेट्रोलियम की रिफाइनिंग प्रक्रिया (Petroleum Refining Process)
- इनके प्रमुख उपयोग (Major Uses) — बिजली उत्पादन (Power Generation), उद्योग, और परिवहन।
- इनके सीमित स्रोत (Non-Renewable Resources) होने के कारण संरक्षण (Conservation) की आवश्यकता।
- वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत (Alternative Energy Sources) जैसे सौर ऊर्जा (Solar Energy) और बायोगैस।
| जानने योग्य बातें (Important Points) | प्रयोग (Uses) |
|---|---|
| कोयले के प्रकार – Peat, Lignite, Bituminous, Anthracite | थर्मल पावर प्लांट (Thermal Power Plant), आयरन उद्योग (Iron Industry) |
| पेट्रोलियम से प्राप्त उत्पाद – Petrol, Diesel, Kerosene, Lubricants | वाहन ईंधन (Transport Fuel), उद्योग, रसायन उत्पादन (Chemical Industry) |
प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)
पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिए हमें अनेक प्रकार के संसाधनों की आवश्यकता होती है।
इन संसाधनों को हम प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) कहते हैं।
इनका उपयोग हम अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति जैसे भोजन, ऊर्जा, आवास और परिवहन के लिए करते हैं।
वे सभी वस्तुएँ जो प्रकृति से सीधे प्राप्त होती हैं और मानव जीवन के लिए उपयोगी हैं, उन्हें
प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) कहा जाता है।
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार (Types of Natural Resources)
प्राकृतिक संसाधनों को दो मुख्य वर्गों में बाँटा गया है —
| अक्षय प्राकृतिक संसाधन (Renewable Resources) | समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन (Non-Renewable Resources) |
|---|---|
| ये वे संसाधन हैं जो समय के साथ पुनः बन सकते हैं या जिन्हें बार-बार उपयोग किया जा सकता है।
Examples: सूर्य की ऊर्जा (Solar Energy), हवा (Wind Energy), जल (Water), बायोमास (Biomass) आदि। |
ये वे संसाधन हैं जो सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और एक बार समाप्त होने पर दोबारा नहीं बन सकते।
Examples: कोयला (Coal), पेट्रोलियम (Petroleum), प्राकृतिक गैस (Natural Gas), धातुएँ (Metals) आदि। |
- Renewable resources को “अक्षय संसाधन” इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे प्रकृति द्वारा पुनः उत्पन्न हो जाते हैं।
- Non-renewable resources बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए इनका विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।
- ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation) और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत (Alternative Energy Sources) का प्रयोग भविष्य के लिए जरूरी है।
इसलिए हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण (Conservation of Natural Resources) करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इनका लाभ उठा सकें।
कोयला (Coal)
कोयला (Coal) एक ठोस जीवाश्म ईंधन (solid fossil fuel) है जो लाखों वर्ष पहले धरती पर उगे
घने जंगलों के पेड़-पौधों के अवशेषों से बना है। जब ये पेड़-पौधे दलदल या जलमग्न क्षेत्रों में दब गए,
तो समय के साथ उन पर मिट्टी और चट्टानों की परतें चढ़ गईं। पृथ्वी की गर्मी और दबाव के कारण
उनमें रासायनिक परिवर्तन हुए और धीरे-धीरे वे कोयले में बदल गए।
कोयला बनने की इस पूरी प्रक्रिया को कार्बनीकरण (Carbonisation) कहा जाता है।
इसे पूरा होने में millions of years लगते हैं।
कोयले की कहानी (Story of Coal)
बहुत समय पहले पृथ्वी पर घने जंगल हुआ करते थे। इन जंगलों में बड़े-बड़े पेड़ और पौधे थे।
जब वे सूखकर गिर गए, तो दलदली क्षेत्रों (swampy areas) में दब गए।
धीरे-धीरे उन पर मिट्टी और रेत की मोटी परतें जमा होती गईं। समय के साथ-साथ
इन परतों के नीचे ताप (heat) और दबाव (pressure) बढ़ता गया जिससे
लकड़ी में उपस्थित कार्बनिक पदार्थ (organic matter) धीरे-धीरे कोयले में बदल गया।
यही है **“कोयले की कहानी” — The Story of Coal.**
| कोयले के प्रकार (Types of Coal) | कार्बन प्रतिशत (Carbon Content) |
|---|---|
| पीट (Peat) | सबसे कम (Least) — लगभग 40% |
| लिग्नाइट (Lignite) | लगभग 60% |
| बिटुमिनस (Bituminous) | लगभग 70–85% |
| एंथ्रासाइट (Anthracite) | सबसे अधिक (Highest) — लगभग 90% से अधिक |
Uses of Coal (कोयले के उपयोग):
- बिजली उत्पादन (Electricity generation) — Thermal Power Plants में।
- लोहा एवं इस्पात निर्माण (Iron & Steel Industry)।
- ईंधन के रूप में घरेलू और औद्योगिक उपयोग।
- कोयले से बनने वाले उत्पाद — कोयला गैस (Coal Gas), कोयला टार (Coal Tar), कोक (Coke)।
कोयला एक non-renewable resource है — इसका विवेकपूर्ण उपयोग (judicious use) आवश्यक है।
बिजली, गैस और अन्य ऊर्जा स्रोतों को बर्बाद न करें।
कोक, कोलतार और कोयला गैस (Coke, Coal Tar and Coal Gas)
जब कोयले को हवा की अनुपस्थिति (absence of air) में गर्म किया जाता है, तो यह तीन महत्वपूर्ण पदार्थों में बदल जाता है —
कोक (Coke), कोलतार (Coal Tar) और कोयला गैस (Coal Gas)।
इस प्रक्रिया को Destructive Distillation of Coal (कोयले का अपघटन आसवन) कहा जाता है।
जब कोयले को लगभग 1000°C पर ऑक्सीजन रहित वातावरण में गर्म किया जाता है, तो ये तीन पदार्थ अलग-अलग बनते हैं।
| पदार्थ (Substance) | विवरण (Description) | उपयोग (Uses) |
|---|---|---|
| कोक (Coke) | यह काले रंग का ठोस पदार्थ (black porous solid) है जो लगभग पूर्णतः कार्बन (almost pure carbon) से बना होता है। यह कोयले से अधिक ऊष्मा देता है। |
|
| कोलतार (Coal Tar) | यह एक गाढ़ा काला तरल (thick black liquid) है जिसमें अनेक कार्बनिक यौगिक जैसे बेंज़ीन (Benzene), टोल्यून (Toluene), फिनॉल (Phenol) आदि पाए जाते हैं। |
|
| कोयला गैस (Coal Gas) | यह एक ज्वलनशील गैस मिश्रण (mixture of combustible gases) है जिसमें हाइड्रोजन (H₂), मिथेन (CH₄) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) होती हैं। |
|
कोयले से प्राप्त ये तीनों पदार्थ — Coke, Coal Tar, और Coal Gas —
हमारे उद्योगों और ऊर्जा उत्पादन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
लेकिन ये non-renewable resources हैं, इसलिए इनका सीमित और सावधानीपूर्वक उपयोग करना चाहिए।
पेट्रोलियम (Petroleum)
पेट्रोलियम एक गाढ़ा, तैलीय (oily) तरल पदार्थ है जो पृथ्वी की सतह के नीचे गहराई में पाया जाता है।
यह हाइड्रोकार्बनों (Hydrocarbons) का मिश्रण होता है, जो कार्बन (Carbon) और हाइड्रोजन (Hydrogen) से मिलकर बने यौगिक हैं।
पेट्रोलियम को अक्सर “कच्चा तेल” (Crude Oil) कहा जाता है।
पेट्रोलियम का परिशोधन (Refining of Petroleum)
कच्चा पेट्रोलियम (Crude Petroleum) विभिन्न उपयोगी पदार्थों का मिश्रण होता है। इसे प्रयोग योग्य बनाने के लिए इसका परिशोधन (Refining) किया जाता है।
यह प्रक्रिया रिफाइनरी (Refinery) में की जाती है।
परिशोधन की प्रक्रिया को भिन्न-भिन्न आसवन (Fractional Distillation) कहा जाता है, जिसमें पेट्रोलियम को गर्म किया जाता है और अलग-अलग तापमानों पर इसके विभिन्न घटक (fractions) अलग-अलग परतों में प्राप्त किए जाते हैं।
| घटक (Fraction) | तापमान सीमा (Temperature Range) | उपयोग (Uses) |
|---|---|---|
| पेट्रोल (Petrol or Gasoline) | 40°C – 120°C | कारों और स्कूटरों में ईंधन के रूप में |
| केरोसीन (Kerosene) | 150°C – 250°C | घरेलू रसोई और जेट ईंधन में |
| डीजल (Diesel) | 250°C – 350°C | ट्रकों और बसों के लिए ईंधन |
| लुब्रिकेटिंग ऑयल (Lubricating Oil) | 350°C – 400°C | मशीनों में घर्षण कम करने के लिए |
| बिटुमेन (Bitumen) | >400°C | सड़कों के निर्माण में |
प्राकृतिक गैस (Natural Gas)
प्राकृतिक गैस (Natural Gas) एक स्वच्छ (clean) और कुशल (efficient) जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) है।
यह मुख्य रूप से मीथेन (Methane – CH₄) गैस से बनी होती है और भूमिगत पेट्रोलियम क्षेत्रों (Petroleum fields) में उच्च दबाव पर पाई जाती है।
इसे पाइपों (Pipelines) के माध्यम से सीधे घरों, उद्योगों और बिजली संयंत्रों तक पहुँचाया जाता है।
प्राकृतिक गैस के प्रमुख भंडार (Major Natural Gas Reserves)
भारत में प्राकृतिक गैस के प्रमुख भंडार निम्नलिखित क्षेत्रों में पाए जाते हैं —
- अस्सम (Assam) — डिगबोई (Digboi) और नहरकटिया (Naharkatiya)
- गुजरात (Gujarat) — अंकलेश्वर (Ankleshwar) और कच्छ (Kutch)
- महाराष्ट्र (Maharashtra) — बॉम्बे हाई (Mumbai High)
- त्रिपुरा (Tripura) — अग्रतला के पास
प्राकृतिक गैस के उपयोग (Uses of Natural Gas)
| उपयोग का क्षेत्र (Field of Use) | विवरण (Description) |
|---|---|
| घरेलू उपयोग (Domestic use) | रसोई में खाना पकाने के लिए (CNG – Compressed Natural Gas) |
| वाहनों में (Vehicles) | कारों, बसों, और ऑटो में CNG के रूप में ईंधन |
| उद्योगों में (Industries) | काँच, उर्वरक, और कपड़ा उद्योग में ऊर्जा स्रोत के रूप में |
| बिजली उत्पादन (Power generation) | गैस आधारित बिजली संयंत्रों में |
पेट्रोलियम के संघटक और उनके उपयोग (Constituents of Petroleum and their Uses)
कच्चा पेट्रोलियम (Crude Petroleum) विभिन्न घटकों (fractions) का मिश्रण होता है।
इन घटकों को भिन्न-भिन्न आसवन (Fractional Distillation) प्रक्रिया द्वारा अलग किया जाता है।
प्रत्येक घटक का अपना विशिष्ट उपयोग (specific use) होता है।
| क्रम सं. | संघटक (Constituent) | तापमान सीमा (Boiling Range) | मुख्य उपयोग (Main Uses) |
|---|---|---|---|
| 1. | पेट्रोलियम गैस (Petroleum Gas) | 20°C से कम | LPG (Liquefied Petroleum Gas) के रूप में खाना पकाने और वाहनों में |
| 2. | पेट्रोल या गैसोलीन (Petrol or Gasoline) | 40°C – 120°C | कारों, मोटरसाइकिलों आदि में ईंधन |
| 3. | केरोसीन (Kerosene) | 150°C – 250°C | घरेलू ईंधन और जेट ईंधन के रूप में |
| 4. | डीजल (Diesel) | 250°C – 350°C | बसों, ट्रकों, ट्रैक्टरों के लिए ईंधन |
| 5. | लुब्रिकेटिंग ऑयल (Lubricating Oil) | 350°C – 400°C | मशीनों में घर्षण कम करने के लिए |
| 6. | पैराफिन मोम (Paraffin Wax) | ~400°C | मोमबत्तियाँ, पॉलिश, क्रीम और वैक्स पेपर में |
| 7. | बिटुमेन (Bitumen) | > 400°C | सड़कों और छतों के निर्माण में |
कुछ प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं (Some Natural Resources are Limited)
प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) वे पदार्थ हैं जो हमें प्रकृति से प्राप्त होते हैं — जैसे जल (Water), वायु (Air), मिट्टी (Soil), खनिज (Minerals), वन (Forests) आदि।
इनमें से कुछ संसाधन जैसे जल और वायु नवीकरणीय (Renewable) हैं, लेकिन कुछ संसाधन अक्षय नहीं (Non-renewable) होते हैं।
कोयला (Coal), पेट्रोलियम (Petroleum), और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) ऐसे संसाधन हैं जो लाखों वर्षों में बने हैं।
यदि इनका अत्यधिक उपयोग किया जाए, तो ये शीघ्र ही समाप्त (Exhausted) हो सकते हैं।
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार (Types of Natural Resources)
| प्रकार (Type) | उदाहरण (Examples) | विशेषता (Characteristics) |
|---|---|---|
| अक्षय संसाधन (Renewable Resources) | सौर ऊर्जा (Solar Energy), वायु ऊर्जा (Wind Energy), जल (Water) | ये बार-बार प्राप्त किए जा सकते हैं, समाप्त नहीं होते। |
| अनविकरणीय संसाधन (Non-Renewable Resources) | कोयला (Coal), पेट्रोलियम (Petroleum), प्राकृतिक गैस (Natural Gas) | ये सीमित मात्रा में हैं और एक बार समाप्त होने पर दोबारा नहीं बनते। |
ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों (Alternative Energy Sources) जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बायोगैस का उपयोग बढ़ाना चाहिए।
प्रमुख शब्द (Important Terms)
| शब्द (Term) | अर्थ / परिभाषा (Meaning / Definition) |
|---|---|
| कोयला (Coal) | एक काला ठोस पदार्थ (black solid substance) जो पौधों के अवशेषों से लाखों वर्ष पहले बना। यह एक महत्वपूर्ण जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) है। |
| कोयला गैस (Coal Gas) | कोयले के बिना हवा के गर्म करने पर बनने वाली ज्वलनशील गैस, जिसका उपयोग प्रकाश और ऊष्मा (lighting & heating) के लिए किया जाता है। |
| कोलतार (Coal Tar) | कोयले से प्राप्त एक गाढ़ा काला तरल (thick black liquid) जिसमें अनेक रासायनिक पदार्थ होते हैं। इसका उपयोग दवाओं, रंगों, और प्लास्टिक के निर्माण में होता है। |
| कोक (Coke) | कोयले का एक शुद्ध रूप (pure form of coal) जिसमें कार्बन की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसका उपयोग इस्पात निर्माण (steel making) में किया जाता है। |
| जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) | वे ईंधन जो लाखों वर्ष पहले जीवित पौधों और जानवरों के अवशेषों से बने — जैसे कोयला, पेट्रोलियम, और प्राकृतिक गैस। |
| प्राकृतिक गैस (Natural Gas) | एक स्वच्छ ईंधन (clean fuel) जो मुख्य रूप से मीथेन (Methane – CH₄) से बनी होती है। इसका उपयोग रसोई, वाहनों और बिजली संयंत्रों में किया जाता है। |
| पेट्रोलियम (Petroleum) | भूमिगत पाया जाने वाला गाढ़ा तैलीय पदार्थ (thick oily liquid), जिसे कच्चा तेल (Crude Oil) भी कहा जाता है। इससे पेट्रोल, डीज़ल, केरोसीन आदि प्राप्त होते हैं। |
| पेट्रोलियम परिष्करणी (Petroleum Refinery) | वह स्थान (place) जहाँ कच्चे तेल (crude oil) को भिन्न-भिन्न आसवन (Fractional Distillation) द्वारा अलग-अलग उपयोगी पदार्थों में विभाजित किया जाता है। |
परीक्षा में इनकी परिभाषाएँ अक्सर पूछी जाती हैं।
अभ्यास — उत्तर (Practice — Answers)
1. सीएनजी और एलपीजी का ईंधन के रूप में उपयोग करने के क्या लाभ हैं? (Advantages of using CNG and LPG)
1. कम प्रदूषण (Less Pollution): CNG (Compressed Natural Gas) और LPG (Liquefied Petroleum Gas) जलने पर पेट्रोल/डीज़ल की तुलना में कम धुआँ और कम हानिकारक गैसें (NOx, SOx, particulate matter) छोड़ते हैं — इसलिए वायु गुणवत्ता बेहतर रहती है।
2. उच्च ज्वलनशीलता पर नियंत्रण (Cleaner Combustion): इन गैसों का दहन (combustion) अपेक्षाकृत स्वच्छ होता है — इंजन में कार्बन जमा कम होता है।
3. कम लागत (Cost-effective in some cases): लंबी अवधि में पेट्रोल/डीज़ल के मुकाबले CNG कई जगह सस्ता साबित होता है (स्थानीय कीमतों पर निर्भर)।
4. कम शोर और बेहतर इंजन जीवन (Less engine wear): गैसीय ईंधन इंजन में कम अशुद्धियाँ बनाती हैं, जिससे इंजन के पार्ट्स पर कम घिसाव होता है।
5. कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन (Lower greenhouse emissions): CO₂ उत्सर्जन प्रति यूनिट ऊर्जा आमतौर पर CNG/LPG से कम होता है।
2. पेट्रोलियम का कौन सा उत्पाद सड़क निर्माण हेतु उपयोग में लाया जाता है? (Which petroleum product is used for road construction?)
उत्तर (Answer): बिटुमेन (Bitumen) — यह पेट्रोलियम का वह भारी भाग है जिसे गर्म करके सड़क बिछाने (road surfacing/bituminous roads) और छतों पर सील करने के लिए उपयोग किया जाता है।
3. वर्णन कीजिए — मृत वनस्पति से कोयला किस प्रकार बनता है? यह प्रक्रिया क्या कहलाती है? (Describe how coal is formed from dead plants? Name the process.)
बहुत लंबे समय पहले (millions of years ago) जब पृथ्वी पर घने जंगल और दलदली क्षेत्र थे, तो पेड़-पौधे गिरकर दलदल में दब गए।
इन पर मिट्टी और अन्य तलछट की परतें जमा हुईं और समय के साथ दबाव (pressure) और ताप (heat) बढ़ा।
इन परिस्थितियों में लकड़ी और पौधों के कार्बनिक पदार्थ रासायनिक रूप से बदलते गए — नमी और कुछ हल्के कार्बनिक यौगिक निकल गए, और कार्बन की मात्रा बढ़ती गई।
इस क्रम में चरणबद्ध रूप से पीट (Peat) → लिग्नाइट (Lignite) → बिटुमिनस (Bituminous) → एंथ्रासाइट (Anthracite) बनते गए।
इस पूरी प्रक्रिया को सामान्यतः कार्बनीकरण (Carbonisation) या प्लांट-रैश (coalification) कहा जाता है।
4. रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks)
- (क) कोयला (Coal) तथा पेट्रोलियम (Petroleum) — जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) हैं।
- (ख) पेट्रोलियम के विभिन्न संघटकों (fractions) को पृथक करने का क्रम भिन्न-भिन्न आसवन (Fractional Distillation) कहलाता है।
- (ग) वाहनों के लिए सबसे कम प्रदूषक ईंधन — सामान्यतः CNG (Compressed Natural Gas) माना जाता है।
5. निम्नलिखित कथनों के सामने सत्य/असत्य लिखिए (Write True/False)
- (क) जीवाश्म ईंधन प्रयोगशाला में बनाए जा सकते हैं। — असत्य (False).क्यों: जीवाश्म ईंधन (coal, petroleum, natural gas) बनने में लाखों वर्षों का समय लगता है और वे प्राकृतिक प्रक्रियाओं से बनते हैं — इसलिए प्रयोगशाला में तुरंत नहीं बनाए जा सकते।
- (ख) पेट्रोल की अपेक्षा सीएनजी अधिक प्रदूषक ईंधन है। — असत्य (False).क्यों: CNG जलने पर आमतौर पर कम प्रदूषण करता है; इसलिए यह पेट्रोल की तुलना में कम प्रदूषक माना जाता है।
- (ग) कोक, कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है। — सत्य (True).क्यों: कोक (Coke) कोयले को destructive distillation से गर्म करने पर बनता है और इसमें कार्बन की मात्रा बहुत अधिक होती है।
- (घ) कोलतार विभिन्न पदार्थों का मिश्रण है। — सत्य (True).क्यों: Coal tar में अनेक कार्बनिक यौगिक (benzene, phenol आदि) मिश्रित रहते हैं।
- (ङ) मिट्टी का तेल एक जीवाश्म ईंधन नहीं है। — असत्य (False).क्यों: ‘मिट्टी का तेल’ से अभिप्राय अक्सर केरोसीन/मिट्टी का तेल होता है, जो पेट्रोलियम-उत्पन्न है; इसलिए यह जीवाश्म ईंधन है।
6. समझाइए — जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन क्यों हैं? (Explain why fossil fuels are finite.)
कारण (Reasons):
- जीवाश्म ईंधन (Coal, Petroleum, Natural Gas) बनने में लाखों-करोड़ों वर्ष लगते हैं — यह एक बहुत धीमी भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है।
- मानव गतिविधियाँ (उद्योग, परिवहन, बिजली उत्पादन) इन संसाधनों का तेज़ी से उपभोग कर रही हैं।
- चूँकि उनकी पुनःनिर्माण दर (replenishment rate) बहुत धीमी है जबकि उपयोग की दर तेज है, अतः वे सीमित (finite) और शीघ्र समाप्त हो सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion): इसलिए इनका समुचित संरक्षण (conservation) और वैकल्पिक ऊर्जा-स्रोतों (renewable sources) पर निर्भरता बढ़ाना आवश्यक है।
7. कोक के अभिलक्षणों और उपयोगों का वर्णन कीजिए। (Describe properties and uses of Coke.)
अभिलक्षण (Properties):
- कोक एक काला, छिद्रयुक्त (porous) ठोस पदार्थ है और लगभग शुद्ध कार्बन से बना होता है।
- इसका ज्वलन मान (calorific value) उच्च होता है — यानी यह अच्छी मात्रा में ऊष्मा (heat) देता है।
- कोक में नमी और अन्य अशुद्धियाँ कम होती हैं, इसलिए यह बहुत गर्म तापमान उत्पन्न कर सकता है।
उपयोग (Uses):
- लौह–इस्पात (Iron & Steel) उद्योग में कोक का सबसे बड़ा उपयोग है — यह कच्चे लोहे (iron ore) से ऑक्सीजन हटाने में (as reducing agent in blast furnace) मदद करता है।
- उच्च ताप की आवश्यकता वाले प्रसंस्करण (high temperature heating) कार्यों में ईंधन के रूप में उपयोग होता है।
- कुछ रासायनिक प्रक्रियाओं में, और कोयला-गैस/कोलतार प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी कोक का उपयोग होता है।
प्रश्न 8. पेट्रोलियम-निर्माण के क्रम को समझाइए। (Explain the process related to petroleum.)
नीचे दो अर्थ लिए जा सकते हैं — (A) पेट्रोलियम का प्राकृतिक निर्माण (formation) और (B) कच्चे तेल का परिशोधन (refining). दोनों संक्षेप में:
- A — पेट्रोलियम का निर्माण (Formation of Petroleum):समुद्री और जलीय प्राणियों तथा पौधों के अवशेष सागर के तल में जमा हुए। इन पर तलछट की परतें जमा हुईं और वर्षों के दबाव व ताप के प्रभाव से जैविक पदार्थ रासायनिक रूप से बदलकर हाइड्रोकार्बन-समृद्ध तेल और गैस में परिवर्तित हो गए। यह प्रक्रिया भी लाखों वर्षों में होती है।
- B — पेट्रोलियम का परिशोधन (Refining of Crude Oil):कच्चे तेल (Crude Oil) को रिफाइनरी में भिन्न-भिन्न आसवन (Fractional Distillation) के द्वारा अलग-अलग घटकों (fractions) में बाँटा जाता है — गैसोलिन (petrol), केरोसीन, डीजल, लुब्रिकेंट्स, बिटुमेन आदि। हर घटक की अलग-अलग उबलने की श्रेणी (boiling range) होती है इसलिए वे अलग हो जाते हैं।
Tips for Students:
- प्रत्येक शब्द (जैवाश्म ईंधन, fractional distillation, carbonisation आदि) की संक्षेप परिभाषा याद रखें।
- कोयला → कोक, कोयला गैस, कोलतार के बीच संबंध पर ध्यान दें (destructive distillation)।
- प्रदूषण और conservation के तर्क आसान भाषा में लिखने का अभ्यास करें — परीक्षा में अच्छा जाता है।
प्रश्न 9. भारत में विद्युत की कुल कमी (Electricity Deficit in India)
नीचे दी गई सारणी में वर्ष 2004 से 2010 तक भारत में विद्युत की कुल कमी प्रतिशत (%) में दर्शाई गई है।
इन आँकड़ों को Y-अक्ष पर कमी (%) और X-अक्ष पर वर्ष के रूप में ग्राफ में प्रदर्शित किया जा सकता है।
| क्रम सं. | वर्ष (Year) | कमी (%) |
|---|---|---|
| 1 | 2004 | 7.8 |
| 2 | 2005 | 8.6 |
| 3 | 2006 | 9.0 |
| 4 | 2007 | 9.5 |
| 5 | 2008 | 9.9 |
| 6 | 2009 | 11.2 |
| 7 | 2010 | 10.0 |
➤ 2004 में विद्युत की कमी 7.8% थी।
➤ 2009 में यह अधिकतम 11.2% तक पहुँच गई।
➤ 2010 में कमी थोड़ी घटकर 10% रह गई।
इससे स्पष्ट होता है कि 2004 से 2009 के बीच बिजली की मांग बढ़ी, जबकि उत्पादन पर्याप्त नहीं हुआ।
भारत में ऊर्जा संसाधनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
यदि हम कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस पर निर्भर रहेंगे तो ऊर्जा की यह कमी और बढ़ सकती है।
अतः नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (Renewable Energy Sources) जैसे सौर, पवन और जल ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना आवश्यक है।
स्रोत – CME, D&B Research, cea.nic.in
कक्षा 8 विज्ञान – अध्याय : कोयला और पेट्रोलियम (Coal and Petroleum) MCQs
नीचे दिए गए प्रश्नों से इस अध्याय की आपकी समझ की परीक्षा होगी। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
- कोयला किसका उदाहरण है?
(a) अक्षय संसाधन (Renewable Resource)
(b) अनविकरणीय संसाधन (Non-renewable Resource)
(c) कृत्रिम पदार्थ
(d) जैव ईंधन
उत्तर: (b) अनविकरणीय संसाधन - कोयले का प्रमुख घटक कौन-सा तत्व है?
(a) ऑक्सीजन
(b) कार्बन
(c) नाइट्रोजन
(d) हाइड्रोजन
उत्तर: (b) कार्बन - कोयला किस प्रक्रिया से बनता है?
(a) प्रकाश संश्लेषण
(b) जीवाश्मीकरण (Carbonization)
(c) संघनन
(d) अपघटन
उत्तर: (b) जीवाश्मीकरण - पेट्रोलियम का कच्चा रूप क्या कहलाता है?
(a) डीज़ल
(b) केरोसीन
(c) कच्चा तेल (Crude Oil)
(d) नैफ्था
उत्तर: (c) कच्चा तेल - पेट्रोलियम से विभिन्न उत्पादों को अलग करने की प्रक्रिया कहलाती है —
(a) आसवन (Distillation)
(b) परिष्करण (Refining)
(c) वाष्पीकरण
(d) संघनन
उत्तर: (b) परिष्करण - कोक का उपयोग किस उद्योग में किया जाता है?
(a) खाद्य उद्योग
(b) इस्पात उद्योग (Steel Industry)
(c) वस्त्र उद्योग
(d) औषधि उद्योग
उत्तर: (b) इस्पात उद्योग - कोयले से प्राप्त तरल पदार्थ है —
(a) कोलतार (Coal Tar)
(b) कोक
(c) पेट्रोल
(d) नेफ्था
उत्तर: (a) कोलतार - कोयले से प्राप्त गैसीय उत्पाद है —
(a) कोक
(b) कोल गैस (Coal Gas)
(c) डीज़ल
(d) पेट्रोल
उत्तर: (b) कोल गैस - जीवाश्म ईंधन कौन-कौन से हैं?
(a) कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस
(b) कोयला, लकड़ी, पानी
(c) मिट्टी का तेल, बायोगैस
(d) लकड़ी, सौर ऊर्जा
उत्तर: (a) कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस - सीएनजी (CNG) का पूरा नाम है —
(a) Compressed Natural Gas
(b) Combined Natural Gas
(c) Composed Natural Gas
(d) Clean Natural Gas
उत्तर: (a) Compressed Natural Gas - पेट्रोलियम का सबसे हल्का उत्पाद कौन सा है?
(a) डीज़ल
(b) पेट्रोल
(c) केरोसीन
(d) बिटुमेन
उत्तर: (b) पेट्रोल - प्राकृतिक गैस का प्रमुख घटक है —
(a) प्रोपेन
(b) ब्यूटेन
(c) मीथेन (Methane)
(d) एथेन
उत्तर: (c) मीथेन - पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग किसमें नहीं किया जाता?
(a) वाहन
(b) औषधि
(c) बिजली उत्पादन
(d) बर्फ निर्माण
उत्तर: (d) बर्फ निर्माण - भारत में प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा क्षेत्र कहाँ है?
(a) असम
(b) बॉम्बे हाई (Mumbai High)
(c) राजस्थान
(d) झारखंड
उत्तर: (b) बॉम्बे हाई - कौन-सा ईंधन सबसे स्वच्छ (cleanest fuel) है?
(a) कोयला
(b) डीज़ल
(c) एलपीजी / सीएनजी
(d) मिट्टी का तेल
उत्तर: (c) एलपीजी / सीएनजी - पेट्रोलियम परिष्करणी (Refinery) में कौन-सी प्रक्रिया होती है?
(a) मिश्रण
(b) पृथक्करण (Separation)
(c) दहन
(d) अपघटन
उत्तर: (b) पृथक्करण - जीवाश्म ईंधन समाप्त होने में कितना समय लगता है?
(a) कुछ वर्ष
(b) हजारों वर्ष
(c) लाखों वर्ष
(d) कुछ दिन
उत्तर: (c) लाखों वर्ष - पेट्रोलियम का अवशेष भाग कहलाता है —
(a) बिटुमेन (Bitumen)
(b) पेट्रोल
(c) नैफ्था
(d) कोलतार
उत्तर: (a) बिटुमेन - “काला सोना” (Black Gold) किसे कहा जाता है?
(a) कोयला
(b) पेट्रोलियम
(c) कोक
(d) टार
उत्तर: (b) पेट्रोलियम - प्राकृतिक गैस का उपयोग कहाँ नहीं किया जाता?
(a) रसोई में
(b) वाहन में
(c) बिजली संयंत्रों में
(d) कपड़ा धोने में
उत्तर: (d) कपड़ा धोने में
जैसे जीवाश्म ईंधन, परिष्करण, उत्पाद, उपयोग और संरक्षण।
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NCERT Official Textbook – Class 8 Science (Chapter: Coal and Petroleum)
एनसीईआरटी की आधिकारिक वेबसाइट पर अध्याय का मूल पाठ।
BYJU’S – NCERT Solutions for Class 8 Science Chapter 5: Coal and Petroleum
प्रत्येक प्रश्न का सरल और सटीक उत्तर।
LearnCBSE – Class 8 Science Chapter 5 Notes & Solutions
अध्याय के सारांश, महत्वपूर्ण बिंदु और प्रश्नोत्तर।
Toppr – Coal and Petroleum NCERT Solutions & Revision Notes
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