कक्षा 8 विज्ञान – पाठ 11: कुछ प्राकृतिक घटनाएँ

कक्षा 8 विज्ञान अध्याय “कुछ प्राकृतिक घटनाएँ” (Some Natural Phenomena) के सरल NCERT Notes और PDF इस पेज some natural phenomena class 8 notes in hindi पर उपलब्ध हैं। इस अध्याय में तड़ित, रगड़ द्वारा आवेशन, आवेश का स्थानांतरण, बिजली गिरने से सुरक्षा, विद्युत आवेशों के प्रकार और भूकंप के कारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में समझाया गया है। यह पेज परीक्षा के लिए उपयोगी संक्षिप्त नोट्स, मुख्य बिंदु, हल्की परिभाषाएँ और डाउनलोड करने योग्य PDF प्रदान करता है। छात्र यहाँ तेजी से रिवीजन कर सकते हैं।

Table of Contents

कुछ प्राकृतिक घटनाएँ

अध्याय नोट्स|NCERT आधारित|दिनांक: 20 नवम्बर 2025


प्रकृति में अनेक घटनाएँ अपने आप होती रहती हैं, जैसे मौसम बदलना, हवा का बहना, वर्षा होना या दिन-रात का होना। ये घटनाएँ सामान्य और नियमित होती हैं, लेकिन कुछ प्राकृतिक घटनाएँ अचानक घटित होती हैं और कभी-कभी नुकसान भी पहुँचा देती हैं।

इस अध्याय में हम दो महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटनाओं— बिजली (Lightning) और भूकंप (Earthquake)—के बारे में अध्ययन करेंगे। हम जानेंगे कि बिजली कैसे बनती है, बादलों में आवेश कैसे इकट्ठा होता है, भूकंप क्यों आते हैं, और इन घटनाओं से बचाव के कौन-कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं।

तड़ित (Lightning)

तड़ित वायुमंडल में होने वाली एक प्राकृतिक विद्युत घटना है, जो बादलों तथा पृथ्वी के बीच या बादल-बादल के बीच विद्युत आवेशों के तीव्र आदान-प्रदान के कारण उत्पन्न होती है। इसके परिणामस्वरूप आकाश में चमकदार प्रकाश दिखाई देता है और इसके बाद गर्जना सुनाई देती है।

घर्षण, तापमान तथा आर्द्रता के कारण बादलों में धनात्मक और ऋणात्मक आवेश अलग-अलग क्षेत्रों में एकत्र हो जाते हैं। जब ये आवेश संतुलन स्थिति में नहीं रह पाते, तब अचानक विद्युत निर्वहन होता है जिसे तड़ित कहा जाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य:
तड़ित की चमक पहले दिखाई देती है और गर्जना बाद में सुनाई देती है, क्योंकि प्रकाश की गति ध्वनि की गति से अधिक होती है।

यूनानी जिन “चिंगारियों” के बारे में जानते थे

प्राचीन यूनानी एक विशेष प्रकार की चिंगारी-जैसी घटना के बारे में जानते थे, जो ऐंबर (Amber / राल) को फर या ऊन से रगड़ने पर दिखाई देती थी। इस प्रक्रिया से ऐंबर में स्थैतिक विद्युत (Static Electricity) उत्पन्न हो जाती थी, जिसके कारण वह छोटे कागज़ के टुकड़ों या तिनकों को अपनी ओर आकर्षित करता था।

यूनानी इस आकर्षण को चिंगारी जैसी रहस्यमयी शक्ति मानते थे। बाद में पता चला कि यह विद्युत आवेशों का प्रभाव है। “इलेक्ट्रिसिटी” शब्द भी यूनानी शब्द “इलेक्ट्रॉन” से ही बना है, जिसका अर्थ है ऐंबर।

महत्वपूर्ण तथ्य:
ऐंबर को रगड़ने पर उत्पन्न स्थैतिक आवेश छोटे कणों को आकर्षित करता है—इसी घटना को यूनानी लोग चिंगारी जैसा प्रभाव मानते थे।

रगड़ द्वारा आवेशन (Charging by Friction)

जब दो भिन्न पदार्थों को आपस में रगड़ा जाता है, तो उनके बीच इलेक्ट्रॉनों का आदान-प्रदान होता है। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप एक वस्तु पर ऋणात्मक आवेश तथा दूसरी पर धनात्मक आवेश आ जाता है। इसे ही रगड़ द्वारा आवेशन कहा जाता है।

उदाहरण के लिए, यदि ऐंबर (राल) को फर से रगड़ा जाए, तो ऐंबर इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर लेता है और ऋणात्मक आवेशित हो जाता है, जबकि फर इलेक्ट्रॉन खोकर धनात्मक आवेशित हो जाता है।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • रगड़ने से इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है।
  • एक वस्तु धनात्मक, दूसरी ऋणात्मक आवेशित हो जाती है।
  • ऐंबर और फर का उदाहरण सबसे प्रसिद्ध है।
  • स्थैतिक विद्युत इसी प्रक्रिया का परिणाम है।

रगड़ द्वारा आवेशन का उपयोग गुब्बारे को बालों से रगड़ने पर दीवार से चिपकाने या धूल कणों को आकर्षित करने जैसी दैनिक घटनाओं में भी देखा जाता है।

सारणी

रगड़ी गयी वस्तु पदार्थ जिससे रगड़ा जाए कागज के टुकड़ों को आकर्षित करती है/ नहीं करती है आवेशित/अवेशित नहीं
रिफिल पॉलीथीन, ऊनी वस्त्र हाँ आवेशित
गुब्बारा पॉलीथीन, ऊनी वस्त्र, शुष्क बाल हाँ आवेशित
रबर ऊन हाँ आवेशित
स्टील का चम्मच पॉलीथीन, ऊनी वस्त्र नहीं अवेशित नहीं

आवेशों के प्रकार तथा इनकी अन्योन्य क्रिया

वस्तुओं के अंदर इलेक्ट्रॉनों की संख्या में परिवर्तन होने पर उनमें एक विशेष प्रकार का विद्युत गुण उत्पन्न होता है, जिसे आवेश (Charge) कहा जाता है। यह विद्युत आवेश किसी वस्तु को आकर्षण या विकर्षण की क्षमता प्रदान करता है। आवेश हमारी दैनिक जीवन की कई घटनाओं के पीछे छिपा मूल कारण है—जैसे कंघी द्वारा कागज़ के टुकड़ों का उठना, गुब्बारे का दीवार से चिपक जाना, या कपड़ों में रगड़ने पर चिपचिपाहट आना।

1. आवेश कैसे उत्पन्न होता है?

सभी पदार्थों में इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं। सामान्य अवस्था में वस्तु में धनात्मक और ऋणात्मक आवेश बराबर होते हैं। परंतु जब दो भिन्न पदार्थ आपस में रगड़े जाते हैं, तो एक से दूसरे में इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण हो जाता है। इस कारण:

  • जिस वस्तु से इलेक्ट्रॉन निकल जाते हैं, वह धनात्मक आवेशित हो जाती है।
  • जिस वस्तु में अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन चले जाते हैं, वह ऋणात्मक आवेशित हो जाती है।

यह प्रक्रिया रगड़ द्वारा आवेशन कहलाती है और यही आवेशों की अन्योन्य क्रिया की शुरुआत का कारण है।

2. आवेशों के प्रकार

आवेश दो प्रकार के होते हैं:

➤ धनात्मक आवेश (Positive Charge):
जब वस्तु इलेक्ट्रॉन खो देती है, तब उस पर धनात्मक आवेश आता है। उदाहरण: फर को ऐंबर से रगड़ने पर फर पर धनात्मक आवेश आता है।

➤ ऋणात्मक आवेश (Negative Charge):
जब वस्तु इलेक्ट्रॉन प्राप्त करती है, तो वह ऋणात्मक आवेशित हो जाती है। उदाहरण: ऐंबर इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके ऋणात्मक आवेशित हो जाता है।

3. आवेशों की अन्योन्यक्रिया (Interaction of Charges)

आवेशित वस्तुएँ एक-दूसरे पर आकर्षण (Attraction) या विकर्षण (Repulsion) का प्रभाव डालती हैं। यह विद्युत आवेश का मूलभूत नियम है।

  • समान आवेश (Like Charges) → विकर्षण
    धनात्मक–धनात्मक या ऋणात्मक–ऋणात्मक आवेश पास आने पर एक-दूसरे को धक्का देते हैं।
  • विषम आवेश (Unlike Charges) → आकर्षण
    धनात्मक–ऋणात्मक आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

यह क्रिया प्रकृति में बहुत हल्के बल से लेकर बहुत तीव्र बल तक हो सकती है—स्थैतिक विद्युत की छोटी चिंगारियों से लेकर आकाश में होने वाली तड़ित (Lightning) जैसी विशाल घटनाएँ इसी नियम पर आधारित हैं।

4. दैनिक जीवन में आवेशों के उदाहरण

  • कंघी को सूखे बालों में चलाने पर छोटे कागज़ के टुकड़े आकर्षित होना।
  • गुब्बारे को बालों से रगड़ने पर वह दीवार से चिपक जाता है।
  • कपड़ों को रगड़ने पर उनमें चिपचिपाहट और चटचटाहट महसूस करना।
  • टीवी या कंप्यूटर स्क्रीन पर धूल का चिपक जाना।
  • तड़ित या बिजली का चमकना—बादलों और पृथ्वी के बीच आवेशों का भारी आदान-प्रदान।

5. वैज्ञानिक महत्व

आवेशों की अन्योन्य क्रिया ने विद्युत विज्ञान की नींव रखी। आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों से इलेक्ट्रिक सर्किट, विद्युत धारा, कैपेसिटर, तथा समस्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विकास हुआ।

आवेश का स्थानांतरण (Transfer of Charge)

किसी वस्तु से दूसरी वस्तु में इलेक्ट्रॉनों का जाना या आना आवेश का स्थानांतरण कहलाता है। जब दो वस्तुएँ एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं, रगड़ी जाती हैं या निकट लाई जाती हैं, तो उनके बीच आवेश का आदान-प्रदान हो सकता है। स्थानांतरण की प्रकृति इस बात पर निर्भर करती है कि वस्तुएँ धातु हैं, अधातु हैं, इन्सुलेटर हैं या कंडक्टर।

1. रगड़ द्वारा आवेश का स्थानांतरण

दो भिन्न पदार्थों को रगड़ने पर इलेक्ट्रॉन एक वस्तु से दूसरी वस्तु में चले जाते हैं। परिणामस्वरूप:

  • एक वस्तु इलेक्ट्रॉन खोकर धनात्मक आवेशित होती है।
  • दूसरी वस्तु इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर ऋणात्मक आवेशित होती है।

उदाहरण: ऐंबर को फर से रगड़ने पर ऐंबर ऋणात्मक और फर धनात्मक आवेशित हो जाता है।

2. संपर्क (Conducting) द्वारा आवेश का स्थानांतरण

यदि आवेशित वस्तु किसी निर्आवेशित धातु वस्तु को छूती है, तो धातु में इलेक्ट्रॉन सरलता से प्रवाहित हो जाते हैं। इस प्रक्रिया को संपर्क द्वारा आवेशन कहते हैं। इस प्रकार:

  • यदि आवेशित वस्तु ऋणात्मक है—तो वह इलेक्ट्रॉन दूसरी वस्तु में भेजेगी।
  • यदि आवेशित वस्तु धनात्मक है—तो वह इलेक्ट्रॉन दूसरी वस्तु से खींचेगी।

आखिर में दोनों वस्तुएँ समान प्रकार का आवेश धारण कर लेती हैं।

3. प्रेरण (Induction) द्वारा आवेश का स्थानांतरण

प्रेरण एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें आवेशित वस्तु किसी दूसरी वस्तु को बिना छुए ही प्रभावित करती है। यह केवल धातु (conductors) में संभव है।

जब एक आवेशित वस्तु किसी धातु की निर्आवेशित वस्तु के पास लाई जाती है, तो धातु के अंदर इलेक्ट्रॉन अपनी स्थिति बदल लेते हैं:

  • यदि पास लाई गई वस्तु ऋणात्मक है, तो धातु के इलेक्ट्रॉन दूर चले जाते हैं।
  • यदि पास लाई गई वस्तु धनात्मक है, तो धातु के इलेक्ट्रॉन उसकी ओर आ जाते हैं।

इसके बाद धातु की वस्तु को पृथ्वी से छुआकर (Earthing) उस पर स्थायी आवेश उत्पन्न किया जा सकता है। यह आवेशन का सर्वोत्तम और बिना छुए किया जाने वाला तरीका है।

4. आवेश की संरक्षा का नियम

आवेश का स्थानांतरण हमेशा इस नियम का पालन करता है कि—
कुल आवेश न तो उत्पन्न होता है, न नष्ट होता है।
यह केवल एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित होता है।

5. दैनिक जीवन के उदाहरण

  • गुब्बारे को बालों से रगड़ने पर दीवार से चिपक जाना (रगड़ द्वारा स्थानांतरण)।
  • कंघी चलाने पर कागज़ के टुकड़ों का आकर्षित होना (रगड़ + प्रेरण)।
  • कपड़ों को रगड़ने पर उनमें चटचटाहट आना (रगड़ द्वारा)।
  • धातु के दरवाज़े को छूने पर हल्का झटका लगना (संपर्क)।

तड़ित की कहानी (Story of Lightning)

आकाश में बिजली चमकना और बादलों का गरजना हमें डराता जरूर है, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी बहुत रोचक है। तड़ित यानी बिजली का चमकना वास्तव में बादलों और पृथ्वी के बीच आवेशों का विशाल आदान-प्रदान है। यह प्रकृति में होने वाली सबसे शक्तिशाली विद्युत घटनाओं में से एक है।

1. बादल कैसे आवेशित होते हैं?

आकाश में बादल छोटे-छोटे जलकणों और बर्फ के कणों से बने होते हैं। बादलों के अंदर तेज़ हवाओं और घर्षण के कारण कण आपस में टकराते हैं। इस टकराव से:

  • बादल का ऊपरी भाग धनात्मक आवेशित हो जाता है।
  • बादल का निचला भाग ऋणात्मक आवेशित बन जाता है।

यही असमान आवेश आगे चलकर बिजली का कारण बनता है।

2. पृथ्वी पर आवेश क्यों इकट्ठा होता है?

जब बादल का निचला भाग ऋणात्मक आवेशित हो जाता है, तो वह पृथ्वी की सतह पर धनात्मक आवेश को आकर्षित करने लगता है।
धीरे-धीरे पृथ्वी का एक हिस्सा बहुत अधिक धनात्मक आवेशित हो जाता है।
इस प्रकार बादल और पृथ्वी के बीच एक बहुत बड़ा आवेश अंतर पैदा हो जाता है।

3. अचानक संतुलन बिगड़ता है – बिजली चमकती है

जब बादल और पृथ्वी के बीच आवेश का अंतर बहुत अधिक हो जाता है, तब हवा बीच में इन्सुलेटर की तरह रुक नहीं पाती।
एक क्षण में हवा आयनित हो जाती है और आवेश तेजी से एक जगह से दूसरी जगह प्रवाहित होता है।
इसी तीव्र प्रवाह को हम तड़ित या बिजली की चमक के रूप में देखते हैं।

इस प्रक्रिया में अत्यधिक ऊर्जा निकलती है, जो प्रकाश और गरज की आवाज पैदा करती है।

4. तड़ित के प्रकार

  • बादल से पृथ्वी तक (Cloud to Ground): यह सबसे खतरनाक तड़ित होती है।
  • बादल से बादल तक (Cloud to Cloud): यह अधिकतर आकाश में ही चमकती है।
  • पृथ्वी से बादल तक: बहुत कम देखने को मिलती है।

5. बिजली क्यों गरजती है?

जब बिजली चमकती है, तब उसके आसपास की हवा बहुत तेजी से गर्म होकर फैलती है।
इस तेज फैलाव से हवा में कंपन होता है, जिसे हम गरज (Thunder) के रूप में सुनते हैं।

6. तड़ित से सुरक्षा

  • बारिश या गरज के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
  • खुले मैदान में खड़े होने से बचें।
  • घर में बिजली के उपकरणों को छूने से बचें।
  • तड़ितचालक (Lightning Conductor) भवनों को सुरक्षित रखते हैं।

7. निष्कर्ष

तड़ित प्रकृति का अद्भुत लेकिन खतरनाक विद्युत प्रदर्शन है। यह हमें बताता है कि हमारा वातावरण विद्युत ऊर्जा से भरा है और सही समझ व सावधानी बरतकर हम इससे सुरक्षित रह सकते हैं।

भूकंप (Earthquake)

भूकंप पृथ्वी की सतह का अचानक और तेज़ कम्पन है, जो पृथ्वी के अंदर ऊर्जा के अचानक मुक्त होने या टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण होता है। इससे जमीन हिलती है और कई बार मानव-निर्मित व प्राकृतिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचता है।

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भूकंप के कारण

  • प्लेट विवर्तनिकी: पृथ्वी की पपड़ी की प्लेटें टकराती, अलग होती या एक-दूसरे के नीचे/ऊपर सरकती हैं; इन क्रियाओं से तनाव बनता है जो अचानक मुक्त होकर भूकंप उत्पन्न करता है।
  • ज्वालामुखीय गतिविधियाँ: ज्वालामुखी फटने या मैग्मा के उठने से भी भूकंपीय तरंगें बन सकती हैं।
  • मानवीय कारण: बड़े बांधों में जल संचयन, भूमिगत खनन, भू-गर्भीय गैस का इंजेक्शन आदि छोटे-छोटे भूकंप उत्पन्न कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण शब्दावली

फोकस (Focus): वह बिंदु जहाँ पृथ्वी के अंदर भूकंप की ऊर्जा सबसे पहले निकलती है।

उपकेंद्र (Epicenter): फोकस के ठीक ऊपर की सतह पर स्थित बिंदु; यहीं कम्पन सबसे अधिक महसूस होता है।

भूकंपीय तरंगें: P-वेव (तीव्रतम), S-वेव और L-वेव (सतही, अधिक विनाशकारी) प्रमुख हैं।

भूकंप की माप

  • रिक्टर स्केल: भूकंप की मात्रा (Magnitude) मापता है।
  • मर्कैली स्केल: भूकंप के प्रभाव/नुकसान के आधार पर तीव्रता (Intensity) बताता है।

प्रभाव

  • भवनों, सड़कों, पुलों का क्षतिग्रस्त होना।
  • जल, बिजली और संचार सेवाओं का बाधित होना।
  • भूस्खलन, सुनामी (यदि समुद्री फोकस हो), आग, तथा मानवीय और आर्थिक नुक्सान।

भारत में भूकंपीय क्षेत्र

भारत को भूकंपीय जोनों में बाँटा गया है — Zone V (अत्यधिक), Zone IV (उच्च), Zone III (मध्यम), Zone II (कम)। हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी भारत सबसे अधिक संवेदनशील हैं।

सुरक्षा — पहले, दौरान और बाद में

भूकंप से पहले

  • घर में भारी वस्तुएँ, शीशे व टेलीविजन को सुरक्षित रखें; फर्नीचर दीवार से बाँधें।
  • आपात किट: टॉर्च, रेडियो, पानी, प्राथमिक उपचार किट और जरूरी दवाइयाँ रखें।
  • परिवार में evacuation योजना और सुरक्षित स्थान (open ground, स्तम्भ के पास नहीं) तय करें।

भूकंप के दौरान

  • Drop – Cover – Hold On: गिरें, मास्टर/मेज़ के नीचे छिपें और पकड़ें।
  • कहाँ से बाहर भागने की कोशिश न करें—सीढ़ियों/दरवाज़ों से दूर रहें।
  • खिड़कियों, शीशे, भारी अलमारियों और बिजली के उपकरणों से दूर रहें।
  • यदि बाहर हों—खुले स्थान में रहें; ऊँचे पेड़ों, बिजली के खंबों और इमारतों से दूर रहें।

भूकंप के बाद

  • गैस, बिजली और पानी की आपूर्ति बंद कर दें (यदि रिस्क हो)।
  • घायल लोगों की प्राथमिक सहायता करें और मोबाइल पर केवल आवश्यक कॉल करें।
  • ढह चुकी इमारतों में प्रवेश न करें; आफ्टरशॉक्स के लिए सतर्क रहें।

चित्र (सहायक)

   (प्लेट)  ←—— तनाव ——→  (प्लेट)
               ↓ टूटना
             Focus (भूगर्भ)
               ↑
          Epicenter (सतह)

निष्कर्ष

भूकंप प्रकृति की एक शक्तिशाली घटना है परंतु उचित तैयारी, जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार से इसके प्रभाव काफी हद तक घटाए जा सकते हैं।


भूकंप और विद्युत के प्रमुख शब्द

क्र.सं. प्रमुख शब्द अर्थ / व्याख्या
1 भूपर्पटी पृथ्वी की सतह पर उपस्थित स्थल या भूमि।
2 विसर्जन भूकंप या किसी घटना के दौरान ऊर्जा का अचानक निकलना।
3 पृथ्वी की प्लेट पृथ्वी की कठोर पपड़ी के बड़े- बड़े टुकड़े।
4 विद्युतदर्शी विद्युत को देखने या महसूस करने वाला यंत्र।
5 तड़ित चालक तड़ित (बिजली) को सुरक्षित रूप से पृथ्वी तक ले जाने वाला मार्ग।
6 ऋणावेश ऋणात्मक विद्युत आवेश; इलेक्ट्रॉन की अधिकता।
7 धनावेश धनात्मक विद्युत आवेश; इलेक्ट्रॉन की कमी।
8 रिक्टर पैमाना भूकंप की तीव्रता को मापने का पैमाना।
9 भूकम्पलेखी भूकंप को रिकॉर्ड करने वाला यंत्र (Seismograph)।
10 तड़ित झंझा तड़ित की चमक या विद्युत झटका।
11 आवेश-स्थानान्तरण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण।
12 सुनामी समुद्र में भूकंप या ज्वालामुखी के कारण उठने वाली विशाल लहर।
13 भूस्पन्दन भूकंप के समय पृथ्वी में उत्पन्न कम्पन या स्पंदन।

आपने क्या सीखा?

  • कुछ वस्तुओं को अन्य वस्तुओं से रगड़कर आवेशित किया जा सकता है।
  • आवेश दो प्रकार के होते हैं: धनावेश तथा ऋणावेश
  • सजातीय आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित और विजातीय आवेश एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
  • रगड़ द्वारा उत्पन्न विद्युत आवेशों को स्थिर आवेश कहते हैं।
  • जब आवेश गति करते हैं तो विद्युत धारा बनती है।
  • कोई वस्तु आवेशित है या नहीं, इसकी पहचान करने के लिए विद्युतदर्शी का उपयोग किया जाता है।
  • किसी आवेशित वस्तु के आवेश को पृथ्वी में स्थानांतरित करने को भूसंपर्कण कहते हैं।
  • बादलों तथा पृथ्वी अथवा विभिन्न बादलों के बीच विद्युत विसर्जन के कारण तड़ित उत्पन्न होती है।
  • गरजन: तड़ित के समय उत्पन्न आवाज।
  • तड़ित आघात जीवन तथा सम्पत्ति को नष्ट कर सकता है।
  • तड़ित चालक भवनों को तड़ित के प्रभाव से बचा सकता है।
  • पृथ्वी के अचानक काँपने अथवा धरधराने को भूकम्प कहते हैं।
  • भूपर्पटी के भीतर गहराई में विक्षोभ के कारण भूकम्प आते हैं।
  • भूकम्प आने की भविष्यवाणी संभव नहीं है।
  • पृथ्वी की प्लेटों की सीमाओं पर भूकम्प आने की प्रवृत्ति होती है। इन क्षेत्रों को अंश क्षेत्र कहते हैं।
  • किसी भूकम्प की विनाशकारी ऊर्जा की माप रिक्टर पैमाने पर की जाती है।
  • रिक्टर पैमाने पर 7 से अधिक माप वाले भूकम्प जीवन तथा सम्पत्ति की अपार क्षति कर सकते हैं।
  • हमें भूकम्पों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतनी चाहिए।

अभ्यास –

विस्तृत हल के साथ MCQ, सही/गलत, लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से किसे घर्षण द्वारा आसानी से आवेशित नहीं किया जा सकता?




सही उत्तर: (ख) तांबे की छड़
विश्लेषण: तांबा एक चालक है। चालकों में आवेश एक स्थान पर नहीं टिकता, वह पूरे पदार्थ में फैल जाता है या धरती में चला जाता है। इसलिए घर्षण से आवेशित नहीं किया जा सकता।
प्लास्टिक, गुब्बारा, ऊन — ये कुचालक हैं, इनमें आवेश टिकता है।

प्रश्न 2. जब काँच की छड़ को रेशम के कपड़े से रगड़ते हैं तो छड़—




सही उत्तर: (ख) धनावेशित हो जाती है तथा कपड़ा ऋणावेशित हो जाता है
त्रिभुज नियम: काँच → रेशम से पहले आता है → काँच धनावेशित, रेशम ऋणावेशित
याद रखें: काँच को रेशम से रगड़ने पर काँच (+), रेशम (-)

प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों के सामने सही के सामने T तथा गलत के सामने F लिखिए।




सही उत्तर: (क) F, (ख) T, (ग) F, (घ) F
विश्लेषण:
• सजातीय आवेश प्रतिक्षेप करते हैं, विजातीय आकर्षण
• काँच (+) और प्लास्टिक (-) → विजातीय → आकर्षण।
• तड़ित चालक सुरक्षा करता है
• भूकम्प की सटीक भविष्यवाणी अभी संभव नहीं

प्रश्न 4. सर्दियों में स्वेटर उतारते समय चट-चट की ध्वनि सुनाई देती है। व्याख्या कीजिए।

व्याख्या: घर्षण के कारण स्थिर वैद्युत आवेश उत्पन्न होता है। जब स्वेटर उतारा जाता है, आवेशित भागों के बीच चिंगारी उत्पन्न होती है, जिससे चट-चट की ध्वनि होती है।

प्रश्न 5. जब हम किसी आवेशित वस्तु को हाथ से छूते हैं तो वह अपना आवेश खो देती है, व्याख्या कीजिए।

हमारा शरीर चालक है और धरती से जुड़ा है। आवेश हाथ → शरीर → धरती में चला जाता है। इसलिए वस्तु अवेशित हो जाती है।

प्रश्न 6. उस पैमाने का नाम लिखिए जिस पर भूकम्पों की तीव्रता मापी जाती है। क्या इससे अधिक होती होगी?

पैमाना: रिक्टर पैमाना (Richter Scale)
अधिकतम: 3 है? नहीं, 9 तक रिकॉर्ड हुआ है। इससे अधिक होने पर पृथ्वी टूट सकती है।

प्रश्न 7. तड़ित से अपनी सुरक्षा के तीन उपाय सुझाइए।

1. घर के अंदर रहें, खिड़कियाँ बंद करें।
2. धातु की वस्तुओं, बिजली के उपकरणों से दूर रहें।
3. तड़ित चालक युक्त भवनों में रहें।

प्रश्न 8. आवेशित गुब्बारा दूसरे आवेशित गुब्बारे को प्रतिकर्षित करता है, जबकि अनावेशित गुब्बारा आवेशित गुब्बारे द्वारा आकर्षित किया जाता है। व्याख्या कीजिए।

• आवेशित + आवेशित = सजातीयप्रतिक्षेप
• आवेशित + अनावेशित = प्रेरित आवेशआकर्षण

प्रश्न 9. चित्र की सहायता से किसी ऐसे उपकरण का वर्णन कीजिए जिसका उपयोग किसी आवेशित वस्तु को पहचान में होता है।

उपकरण: विद्युत दर्शी (Electroscope)
कार्य: आवेश आने पर पत्तियाँ खुल जाती हैं

प्रश्न 10. भारत के उन तीन राज्यों (प्रदेशों) की सूची बनाइए जहाँ भूकम्पों के झटके अधिक संभावित हैं।

1. जम्मू-कश्मीर
2. हिमाचल प्रदेश
3. उत्तराखंड

प्रश्न 11. मान लीजिए, आप घर से बाहर हैं तथा भूकम्प के झटके लगते हैं। आप अपने बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतेंगे?

• खुले मैदान में जाएँ।
• पेड़, भवन, बिजली के खंभों से दूर रहें।
• यदि गाड़ी में हैं, तो रुक जाएँ।

प्रश्न 12. मौसम विभाग यह भविष्यवाणी करता है कि किसी निश्चित दिन तड़ित झंझा की संभावना है और मान लीजिए उस दिन आपको बाहर जाना है। क्या आप छतरी लेकर जाएंगे? व्याख्या कीजिए।

नहीं। धातु की छतरी तड़ित को आकर्षित करती है। प्लास्टिक/लकड़ी की छतरी ले सकते हैं।

भूकंप और तड़ित – 20 MCQ

1. भूकंप क्या है?
A. पृथ्वी की सतह का स्थिर होना
B. पृथ्वी के अचानक हिलना या काँपना
C. बादलों का गरजना
D. जल का बहाव
सही उत्तर: B

2. रिक्टर पैमाना किस चीज़ को मापता है?
A. भूकंप की तीव्रता
B. भूकंप की मात्रा (Magnitude)
C. भूकंप की दिशा
D. भूकंप की अवधि
सही उत्तर: B

3. भूकंप का उपकेंद्र (Epicenter) कहाँ होता है?
A. पृथ्वी की सतह पर फोकस के ऊपर
B. पृथ्वी के अंदर सबसे गहरा बिंदु
C. बादल के अंदर
D. समुद्र की सतह पर
सही उत्तर: A

4. भूकंप का सबसे मुख्य कारण क्या है?
A. ज्वालामुखी विस्फोट
B. टेक्टोनिक प्लेटों का तनाव
C. भारी बारिश
D. हवा का बहाव
सही उत्तर: B

5. भूकंप से पैदा होने वाली तरंगें क्या कहलाती हैं?
A. विद्युत तरंगें
B. भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves)
C. ध्वनि तरंगें
D. प्रकाश तरंगें
सही उत्तर: B

6. भूकंप से पहले सुरक्षा के लिए क्या करना चाहिए?
A. भारी वस्तुओं को दीवार से बाँधना
B. बिजली के उपकरण चालू रखना
C. घर छोड़कर बाहर भागना
D. कोई तैयारी न करना
सही उत्तर: A

7. भूकंप के दौरान सुरक्षित व्यवहार कौन सा है?
A. Drop – Cover – Hold On करना
B. इमारत से भागना
C. खिड़कियों के पास खड़ा होना
D. बिजली के उपकरण छूना
सही उत्तर: A

8. तड़ित किसके कारण उत्पन्न होती है?
A. बादलों में गर्मी
B. बादलों और पृथ्वी/विभिन्न बादलों के बीच विद्युत विसर्जन
C. हवा के बहाव
D. वर्षा
सही उत्तर: B

9. तड़ित का सबसे बड़ा खतरा क्या है?
A. जीवन और सम्पत्ति का नाश
B. वर्षा का रुकना
C. हवा का बहाव
D. बादलों का हटना
सही उत्तर: A

10. तड़ित चालक किसलिए उपयोग किया जाता है?
A. भवनों को तड़ित से बचाने के लिए
B. पानी की आपूर्ति के लिए
C. भूकंप मापने के लिए
D. बारिश रोकने के लिए
सही उत्तर: A

11. स्थिर आवेश किससे उत्पन्न होता है?
A. रगड़ द्वारा
B. बिजली की तारों से
C. पृथ्वी की प्लेटों से
D. हवा के बहाव से
सही उत्तर: A

12. आवेश दो प्रकार के होते हैं:
A. धनावेश और ऋणावेश
B. गर्मी और ठंडा
C. पानी और हवा
D. स्थिर और गतिशील
सही उत्तर: A

13. विजातीय आवेश एक-दूसरे को:
A. प्रतिकर्षित करता है
B. आकर्षित करता है
C. स्थिर रखता है
D. बढ़ाता है
सही उत्तर: B

14. सजातीय आवेश एक-दूसरे को:
A. आकर्षित करता है
B. प्रतिकर्षित करता है
C. स्थिर करता है
D. बढ़ाता है
सही उत्तर: B

15. विद्युतदर्शी का उपयोग किसके लिए किया जाता है?
A. किसी वस्तु को रंगने के लिए
B. यह पता करने के लिए कि कोई वस्तु आवेशित है या नहीं
C. पानी मापने के लिए
D. ताप मापने के लिए
सही उत्तर: B

16. भूसंपर्कण क्या है?
A. तड़ित चमकना
B. आवेश को पृथ्वी में स्थानांतरित करना
C. प्लेटों का हिलना
D. भूकंप की माप
सही उत्तर: B

17. भूकंप की भविष्यवाणी संभव है या नहीं?
A. संभव है
B. असंभव है
C. केवल समुद्री भूकंप का अनुमान संभव है
D. केवल पर्वतीय क्षेत्रों में संभव है
सही उत्तर: B

18. पृथ्वी की किन सीमाओं पर भूकंप आने की प्रवृत्ति अधिक होती है?
A. सागर के बीच
B. पर्वतीय क्षेत्रों और प्लेट सीमाओं पर
C. रेगिस्तान में
D. मैदानों में
सही उत्तर: B

19. रिक्टर पैमाने पर 7 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप:
A. केवल हल्का नुकसान करते हैं
B. जीवन और सम्पत्ति की अपार क्षति कर सकते हैं
C. अनुभव नहीं किए जाते
D. केवल पानी प्रभावित करते हैं
सही उत्तर: B

20. भूकंप से बचाव के लिए सबसे आवश्यक कदम क्या है?
A. सावधानियाँ अपनाना और तैयारी रखना
B. कोई कदम न उठाना
C. केवल बाहर भागना
D. बिजली के तारों को छूना
सही उत्तर: A


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