अम्ल क्षारक एवं लवण
हमारे आसपास पाए जाने वाले अनेक पदार्थ जैसे – नींबू, सिरका, दूध, साबुन, बेकिंग सोडा आदि में अलग-अलग स्वाद और गुण पाए जाते हैं।
इनमें कुछ खट्टे स्वाद के होते हैं जिन्हें अम्ल (Acids) कहा जाता है, कुछ फिसलन वाले और कड़वे होते हैं जिन्हें क्षारक (Bases) कहते हैं,
और जब अम्ल व क्षारक परस्पर अभिक्रिया करते हैं तो वे लवण (Salts) बनाते हैं।
यह अध्याय इन तीनों प्रकार के पदार्थों के गुण, उपयोग और उनके रासायनिक व्यवहार को सरल भाषा में समझने में मदद करेगा।
इस अध्याय में आप जानेंगे –
- अम्ल क्षारक एवं लवण के प्रकार
- सामान्य प्राकृतिक और कृत्रिम अम्ल
- सार्वत्रिक संकेतक (Universal Indicator) का प्रयोग
- न्यूट्रलाइजेशन अभिक्रिया (Neutralization Reaction)
- लवणों के उपयोग और दैनिक जीवन में महत्व
पदार्थों का स्वाद
| पदार्थ | स्वाद (खट्टा/कड़वा/कोई अन्य) |
|---|---|
| नींबू का रस | खट्टा |
| संतरे का रस | खट्टा |
| सिरका | खट्टा |
| दही | खट्टा |
| इमली | खट्टा |
| शक्कर | मीठा |
| नमक | नमकीन |
| आँवला | खट्टा-कसैला |
| खाने का सोडा | कड़वा |
| अंगूर | मीठा-खट्टा |
| कच्चा आम | खट्टा |
| खीरा | फीका |
जबकि कड़वे स्वाद वाले पदार्थों में क्षारक की उपस्थिति होती है।
अम्ल और क्षारक : परिभाषा, गुण एवं उदाहरण
अम्ल (Acids)
वे पदार्थ जो पानी में घुलने पर हाइड्रोजन आयन (H+) उत्पन्न करते हैं,
उन्हें अम्ल कहा जाता है। अधिकांश अम्लों का स्वाद खट्टा होता है।
प्राकृतिक अम्ल हमें फल, दही, सिरका आदि में मिलते हैं जबकि कुछ अम्ल प्रयोगशाला में तैयार किए जाते हैं।
अम्ल के प्रमुख गुण :
- अम्लों का स्वाद प्रायः खट्टा होता है।
- ये धातुओं के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं।
- अम्ल नीले लिटमस को लाल रंग में बदल देते हैं।
- अम्ल विद्युत का संचालन करते हैं (जब जल में घुले हों)।
अम्ल के उदाहरण :
| अम्ल का नाम | कहाँ पाया जाता है |
|---|---|
| सिट्रिक अम्ल | नींबू, संतरा |
| लैक्टिक अम्ल | दही |
| एसीटिक अम्ल | सिरका |
| हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) | पेट में पाया जाता है |
क्षारक (Bases)
वे पदार्थ जो पानी में घुलने पर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH−) उत्पन्न करते हैं,
उन्हें क्षारक कहा जाता है। इनका स्वाद सामान्यतः कड़वा होता है और ये स्पर्श में फिसलन वाले होते हैं।
क्षारकों के प्रमुख गुण :
- क्षारकों का स्वाद कड़वा होता है।
- ये स्पर्श में फिसलन वाले होते हैं।
- क्षारक लाल लिटमस को नीला बना देते हैं।
- अम्ल के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
क्षारकों के उदाहरण :
| क्षारक का नाम | कहाँ पाया जाता है / उपयोग |
|---|---|
| सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) | साबुन बनाने में |
| कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)₂) | चूना जल में |
| अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH) | सफाई द्रवों में |
| मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड | एंटासिड (पेट की अम्लता घटाने के लिए) |
अम्ल खट्टे और लिटमस को लाल बनाते हैं, जबकि क्षारक कड़वे होते हैं और लिटमस को नीला बना देते हैं।
हमारे आसपास के प्राकृतिक सूचक
कुछ ऐसे प्राकृतिक पदार्थ हैं जिनसे हम यह पहचान सकते हैं कि कोई द्रव
अम्लीय है या क्षारीय। इन्हें प्राकृतिक सूचक (Natural Indicators) कहा जाता है।
ये अम्ल या क्षार के संपर्क में आने पर अपना रंग बदल लेते हैं।
कुछ सामान्य प्राकृतिक सूचक और उनका रंग परिवर्तन
| प्राकृतिक सूचक | अम्लीय विलयन में रंग | क्षारीय विलयन में रंग |
|---|---|---|
| लिटमस (Litmus) | लाल | नीला |
| हल्दी (Turmeric) | पीला | लाल-भूरा |
| लाल गोभी का रस (Red Cabbage Juice) | लाल या गुलाबी | हरा या पीला |
| गुलाब की पंखुड़ियों का रस | लाल | हरा या नीला |
प्राकृतिक सूचक हमें यह पहचानने में मदद करते हैं कि कोई पदार्थ अम्लीय है या क्षारीय।
जैसे — हल्दी का रंग क्षार के संपर्क में आने पर बदल जाता है।
अम्ल का नाम और उनके स्रोत:-
| अम्ल का नाम | किसमें पाया जाता है |
|---|---|
| ऐसीटिक अम्ल | सिरका |
| फ़ॉर्मिक अम्ल | चींटी का डंक |
| साइट्रिक अम्ल | नींबू कुल के (सिट्रस) फल जैसे संतरा, नींबू आदि |
| लैक्टिक अम्ल | दही |
| ऑक्सैलिक अम्ल | पालक |
| एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C) | आँवला, सिट्रस फल |
| टार्टरिक अम्ल | इमली, अंगूर, कच्चे आम आदि |
नोट: ऊपर बताए गए सभी अम्ल प्रकृति में पाए जाते हैं।
क्षारक का नाम और उनके स्रोत
| क्षारक का नाम | किसमें पाया जाता है |
|---|---|
| कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड | चूने का पानी |
| अमोनियम हाइड्रॉक्साइड | खिड़की के काँच आदि साफ़ करने के लिए उपयुक्त मार्जक |
| सोडियम हाइड्रॉक्साइड / पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड | साबुन |
| मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड | दूधिया मैग्नीशियम (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) |
सूचक के रूप में हल्दी और गुड़हल:-
कुछ प्राकृतिक पदार्थ ऐसे होते हैं जो यह बताने में मदद करते हैं कि कोई वस्तु अम्लीय (Acidic) है या क्षारीय (Basic)। ऐसे पदार्थों को सूचक (Indicator) कहा जाता है। हमारे आसपास पाए जाने वाले हल्दी और गुड़हल (हिबिस्कस) भी प्राकृतिक सूचक हैं।
| सूचक | अम्ल के साथ परिवर्तन | क्षारक के साथ परिवर्तन |
|---|---|---|
| हल्दी | कोई परिवर्तन नहीं होता (पीली ही रहती है) | पीली से लाल या नारंगी रंग में बदल जाती है |
| गुड़हल (हिबिस्कस) | लाल या गुलाबी रंग दिखाती है | हरा या नीला रंग प्रदर्शित करती है |
इस प्रकार, हल्दी और गुड़हल हमारे आस-पास पाए जाने वाले प्राकृतिक सूचक हैं जो अम्ल और क्षारक के बीच भेद बताने में मदद करते हैं।
अम्ल, क्षारक और लवण हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण रसायन हैं। जब अम्ल और क्षारक मिलते हैं तो उदासीनीकरण अभिक्रिया होती है, जिससे लवण बनता है। अम्ल वर्षा पर्यावरण को हानि पहुँचाती है। चींटी का डंक अम्लीय होता है, जबकि हल्दी और गुड़हल प्राकृतिक सूचक के रूप में कार्य करते हैं।
उदासीनीकरण:-
जब किसी अम्ल का अभिक्रिया किसी क्षारक से होती है, तो दोनों एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं।
इस प्रक्रिया को उदासीनीकरण कहा जाता है।
इस अभिक्रिया में लवण और जल का निर्माण होता है।
उदाहरण:
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) + सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) → सोडियम क्लोराइड (NaCl) + जल (H2O)
उदासीनीकरण के मुख्य बिंदु:
- अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से लवण एवं जल बनता है।
- इस प्रक्रिया में ऊष्मा उत्पन्न होती है (यह उष्माक्षेपी अभिक्रिया होती है)।
- इससे बने विलयन का स्वभाव न तो अम्लीय होता है, न ही क्षारीय।
दैनिक जीवन में उदाहरण:
- पेट में अधिक अम्ल बनने पर एंटासिड (जैसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) देने से राहत मिलती है।
- मधुमक्खी के डंक से उत्पन्न अम्लीय दर्द पर बेकिंग सोडा लगाने से राहत मिलती है।
- चींटी के डंक में बना अम्ल, साबुन के क्षारक से निष्क्रिय किया जा सकता है।
अम्ल वर्षा :-
जब वातावरण में उपस्थित हानिकारक गैसें जैसे सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) वायु में मौजूद जलवाष्प के साथ मिलकर अम्ल बनाती हैं, तो वे वर्षा के जल के साथ नीचे गिरती हैं।
इसे ही अम्ल वर्षा कहा जाता है।
अम्ल वर्षा के बनने की प्रक्रिया:
- वाहनों, कारखानों और बिजली घरों से सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड गैसें निकलती हैं।
- ये गैसें वायुमंडल में जलवाष्प के साथ अभिक्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) और नाइट्रिक अम्ल (HNO3) बनाती हैं।
- ये अम्ल वर्षा के जल में मिलकर अम्लीय वर्षा का रूप ले लेते हैं।
अम्ल वर्षा के प्रभाव:
- मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है।
- पौधों और पेड़ों की पत्तियाँ झुलस जाती हैं।
- झीलों और नदियों का जल अम्लीय होकर जलीय जीवों को नुकसान पहुँचाता है।
- लोहे, संगमरमर और धातु की इमारतों का क्षरण होता है।
अम्ल वर्षा को रोकने के उपाय:
- कारखानों और वाहनों से निकलने वाले धुएँ को नियंत्रित करना।
- स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर एवं पवन ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना।
- वृक्षारोपण करना ताकि वातावरण में गैसों का संतुलन बना रहे।
दैनिक जीवन में उदासीनीकरण के उदाहरण
उदासीनीकरण (Neutralization) केवल प्रयोगशाला में ही नहीं, बल्कि हमारे दैनिक जीवन में भी अनेक परिस्थितियों में देखा जा सकता है।
नीचे कुछ प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं:
1. अपाचन (Indigestion)
जब पेट में अधिक अम्ल (Hydrochloric Acid) बन जाता है, तो हमें जलन और दर्द महसूस होता है।
इस स्थिति में एंटासिड जैसे मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Milk of Magnesia) दिया जाता है, जो क्षारीय होता है और पेट के अम्ल को निष्क्रिय (neutralize) कर देता है।
2. चींटी का डंक (Ant Sting)
चींटी के डंक में फ़ॉर्मिक अम्ल होता है, जो त्वचा पर जलन पैदा करता है।
इसे शांत करने के लिए बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रॉक्साइड का घोल) या साबुन का घोल लगाया जाता है, जो क्षारीय होता है और अम्ल को निष्क्रिय कर देता है।
3. मृदा उपचार (Treatment of Soil)
कभी-कभी मृदा (soil) अत्यधिक अम्लीय या क्षारीय हो जाती है।
अम्लीय मृदा में चूना (कैल्सियम ऑक्साइड या कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) डाला जाता है ताकि उसका अम्लीयपन कम हो सके।
इसी प्रकार यदि मृदा क्षारीय है, तो उसमें गोबर खाद या जैविक पदार्थ मिलाए जाते हैं ताकि वह संतुलित हो जाए।
4. कारखानों का अपशिष्ट (Factory Waste)
कई कारखानों से निकलने वाला अपशिष्ट अम्लीय होता है, जो नालियों और नदियों के लिए हानिकारक है।
इन अपशिष्टों में छोड़ने से पहले क्षारक मिलाए जाते हैं ताकि उन्हें उदासीन किया जा सके।
इससे पर्यावरण प्रदूषण को कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष: उदासीनीकरण हमारे जीवन में बहुत उपयोगी प्रक्रिया है जो अम्ल और क्षारक के हानिकारक प्रभावों को संतुलित करती है।
अम्ल, क्षारक और लवण हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण रसायन हैं। जब अम्ल और क्षारक मिलते हैं तो उदासीनीकरण अभिक्रिया होती है, जिससे लवण बनता है। अम्ल वर्षा पर्यावरण को हानि पहुँचाती है। चींटी का डंक अम्लीय होता है, जबकि हल्दी और गुड़हल प्राकृतिक सूचक के रूप में कार्य करते हैं।
अम्ल, क्षारक और लवणों के नाम, रासायनिक नाम एवं सूत्र
अम्ल (Acids)
| क्रम | सामान्य नाम | रासायनिक नाम | रासायनिक सूत्र |
|---|---|---|---|
| 1 | हाइड्रोक्लोरिक अम्ल | Hydrochloric Acid | HCl |
| 2 | सल्फ्यूरिक अम्ल | Sulphuric Acid | H₂SO₄ |
| 3 | नाइट्रिक अम्ल | Nitric Acid | HNO₃ |
| 4 | ऐसिटिक अम्ल | Acetic Acid | CH₃COOH |
| 5 | कार्बोनिक अम्ल | Carbonic Acid | H₂CO₃ |
| 6 | फ़ॉर्मिक अम्ल | Formic Acid | HCOOH |
| 7 | ऑक्सैलिक अम्ल | Oxalic Acid | (COOH)₂ |
| 8 | टार्टरिक अम्ल | Tartaric Acid | C₄H₆O₆ |
| 9 | लैक्टिक अम्ल | Lactic Acid | C₃H₆O₃ |
| 10 | साइट्रिक अम्ल | Citric Acid | C₆H₈O₇ |
| 11 | बोरिक अम्ल | Boric Acid | H₃BO₃ |
| 12 | फॉस्फोरिक अम्ल | Phosphoric Acid | H₃PO₄ |
| 13 | हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल | Hydrofluoric Acid | HF |
| 14 | हाइड्रोब्रोमिक अम्ल | Hydrobromic Acid | HBr |
| 15 | हाइड्रोआयोडिक अम्ल | Hydroiodic Acid | HI |
| 16 | क्लोरिक अम्ल | Chloric Acid | HClO₃ |
| 17 | परक्लोरिक अम्ल | Perchloric Acid | HClO₄ |
| 18 | एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C) | Ascorbic Acid | C₆H₈O₆ |
| 19 | हाइड्रोस्यानिक अम्ल | Hydrocyanic Acid | HCN |
| 20 | सिलिसिक अम्ल | Silicic Acid | H₄SiO₄ |
क्षारक (Bases)
| क्रम | सामान्य नाम | रासायनिक नाम | रासायनिक सूत्र |
|---|---|---|---|
| 1 | सोडियम हाइड्रॉक्साइड | Sodium Hydroxide | NaOH |
| 2 | पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड | Potassium Hydroxide | KOH |
| 3 | कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड | Calcium Hydroxide | Ca(OH)₂ |
| 4 | अमोनियम हाइड्रॉक्साइड | Ammonium Hydroxide | NH₄OH |
| 5 | मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड | Magnesium Hydroxide | Mg(OH)₂ |
| 6 | लिथियम हाइड्रॉक्साइड | Lithium Hydroxide | LiOH |
| 7 | बेरियम हाइड्रॉक्साइड | Barium Hydroxide | Ba(OH)₂ |
| 8 | स्ट्रॉन्शियम हाइड्रॉक्साइड | Strontium Hydroxide | Sr(OH)₂ |
| 9 | एल्युमिनियम हाइड्रॉक्साइड | Aluminium Hydroxide | Al(OH)₃ |
| 10 | फेरस हाइड्रॉक्साइड | Ferrous Hydroxide | Fe(OH)₂ |
| 11 | फेरिक हाइड्रॉक्साइड | Ferric Hydroxide | Fe(OH)₃ |
| 12 | कॉपर हाइड्रॉक्साइड | Copper Hydroxide | Cu(OH)₂ |
| 13 | जिंक हाइड्रॉक्साइड | Zinc Hydroxide | Zn(OH)₂ |
| 14 | लेड हाइड्रॉक्साइड | Lead Hydroxide | Pb(OH)₂ |
| 15 | क्रोमियम हाइड्रॉक्साइड | Chromium Hydroxide | Cr(OH)₃ |
| 16 | निकेल हाइड्रॉक्साइड | Nickel Hydroxide | Ni(OH)₂ |
| 17 | कैडमियम हाइड्रॉक्साइड | Cadmium Hydroxide | Cd(OH)₂ |
| 18 | थैलियम हाइड्रॉक्साइड | Thallium Hydroxide | TlOH |
| 19 | बिस्मथ हाइड्रॉक्साइड | Bismuth Hydroxide | Bi(OH)₃ |
| 20 | टिन हाइड्रॉक्साइड | Tin Hydroxide | Sn(OH)₂ |
लवण (Salts)
| क्रम | सामान्य नाम | रासायनिक नाम | रासायनिक सूत्र |
|---|---|---|---|
| 1 | साधारण नमक | Sodium Chloride | NaCl |
| 2 | बेकिंग सोडा | Sodium Bicarbonate | NaHCO₃ |
| 3 | वॉशिंग सोडा | Sodium Carbonate | Na₂CO₃ |
| 4 | पोटैश एलम | Potassium Aluminium Sulphate | KAl(SO₄)₂·12H₂O |
| 5 | कॉपर सल्फेट | Copper Sulphate | CuSO₄·5H₂O |
| 6 | जिप्सम | Calcium Sulphate Dihydrate | CaSO₄·2H₂O |
| 7 | ब्लू स्टोन | Copper Sulphate | CuSO₄ |
| 8 | सोडियम नाइट्रेट | Sodium Nitrate | NaNO₃ |
| 9 | कैल्सियम क्लोराइड | Calcium Chloride | CaCl₂ |
| 10 | अमोनियम सल्फेट | Ammonium Sulphate | (NH₄)₂SO₄ |
अभ्यास प्रश्न — अम्ल, क्षारक एवं लवण
प्रश्न 1. अम्लों और क्षारकों के बीच अंतर बताइए।
| अम्ल (Acids) | क्षारक (Bases) |
|---|---|
| अम्ल खट्टे स्वाद के होते हैं। | क्षारक कड़वे स्वाद के होते हैं। |
| लाल लिटमस को नीला नहीं करते, नीले लिटमस को लाल करते हैं। | नीले लिटमस को लाल नहीं करते, लाल लिटमस को नीला करते हैं। |
| इनका pH मान 7 से कम होता है। | इनका pH मान 7 से अधिक होता है। |
| अम्ल में H⁺ आयन उपस्थित रहते हैं। | क्षारक में OH⁻ आयन उपस्थित रहते हैं। |
| उदाहरण: HCl, H₂SO₄ | उदाहरण: NaOH, KOH |
प्रश्न 2. अनेक घरेलू उत्पादों, जैसे खिड़की साफ़ करने के मार्जकों आदि में अमोनिया पाया जाता है। ये लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। इनकी प्रकृति क्या है?
उत्तर: ऐसे उत्पाद क्षारकीय (Basic) प्रकृति के होते हैं, क्योंकि ये लाल लिटमस को नीला करते हैं।
प्रश्न 3. उस स्रोत का नाम बताइए, जिससे लिटमस विलयन को प्राप्त किया जाता है। इस विलयन का क्या उपयोग है?
उत्तर: लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है जो लाइकन (Lichen) नामक पौधे से प्राप्त होता है।
इसका उपयोग किसी पदार्थ की अम्लीय या क्षारकीय प्रकृति पहचानने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 4. क्या आसुत जल अम्लीय/क्षारकीय/उदासीन होता है? आप इसकी पुष्टि कैसे करेंगे?
उत्तर: आसुत जल उदासीन (Neutral) होता है।
इसे लिटमस या pH पेपर से जाँचने पर यह किसी भी रंग परिवर्तन को नहीं दिखाता, जिससे पुष्टि होती है कि यह न तो अम्लीय है न क्षारकीय।
प्रश्न 5. उदासीनीकरण के प्रक्रम को एक उदाहरण देते हुए समझाइए।
उत्तर: जब किसी अम्ल की अभिक्रिया किसी क्षारक से होती है, तो लवण और जल का निर्माण होता है तथा दोनों एक-दूसरे को निष्क्रिय कर देते हैं।
उदाहरण:
HCl + NaOH → NaCl + H₂O
यह अभिक्रिया उदासीनीकरण कहलाती है।
प्रश्न 6. निम्नलिखित कथन यदि सही हैं, तो (T) अथवा गलत हैं, तो (F) लिखिए।
| कथन | उत्तर |
|---|---|
| (क) नाइट्रिक अम्ल लाल लिटमस को नीला कर देता है। | F |
| (ख) सोडियम हाइड्रॉक्साइड नीले लिटमस को लाल कर देता है। | F |
| (ग) सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक-दूसरे को उदासीन करके लवण और जल बनाते हैं। | T |
| (घ) सूचक वह पदार्थ है, जो अम्लीय और क्षारकीय विलयनों में भिन्न रंग दिखाता है। | T |
| (च) दंत क्षय, क्षार की उपस्थिति के कारण होता है। | F |
प्रश्न 7. दोरजी के रेस्टोरेन्ट में शीतल पेय की कुछ बोतलें हैं जो चिह्नित नहीं हैं। एक ग्राहक अम्लीय पेय चाहता है, दूसरा क्षारकीय और तीसरा उदासीन पेय चाहता है। दोरजी यह कैसे तय करेगा?
उत्तर: दोरजी लिटमस पेपर या pH पेपर की सहायता से प्रत्येक पेय की जाँच करेगा:
- जो पेय लाल लिटमस को नीला करे → क्षारकीय है।
- जो पेय नीले लिटमस को लाल करे → अम्लीय है।
- जो किसी भी लिटमस के रंग को न बदले → उदासीन है।
इस प्रकार वह तय कर सकेगा कि कौन-सा पेय किस ग्राहक को देना है।
प्रश्न 8. समझाइए, ऐसा क्यों होता है –
(क) जब आप अतिअम्लता से पीड़ित होते हैं, तो प्रतिअम्ल की गोली लेते हैं।
उत्तर: पेट में अधिक अम्ल (HCl) बनने से जलन और दर्द होता है। प्रतिअम्ल (Antacid) क्षारीय पदार्थ होते हैं जैसे मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, जो अम्ल को उदासीन कर देते हैं और जलन मिटा देते हैं।
(ख) जब चींटी काटती है, तो त्वचा पर कैलेमाइन का विलयन लगाया जाता है।
उत्तर: चींटी के डंक में फ़ॉर्मिक अम्ल होता है जो त्वचा पर जलन पैदा करता है। कैलेमाइन (Calamine) हल्का क्षारीय होता है, जो अम्ल को निष्क्रिय कर देता है और जलन कम कर देता है।
(ग) कारखाने के अपशिष्ट को जलाशयों में बहाने से पहले उसे उदासीन किया जाता है।
उत्तर: कई औद्योगिक अपशिष्ट अत्यधिक अम्लीय या क्षारीय होते हैं जो पर्यावरण को हानि पहुँचाते हैं। इन्हें पहले उदासीन (neutralize) किया जाता है ताकि उनका pH संतुलित हो जाए और वे जलाशयों को प्रदूषित न करें।
प्रश्न 9. आपको तीन द्रव दिए गए हैं – हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, सोडियम हाइड्रॉक्साइड और शक्कर का विलयन। हल्दी को सूचक के रूप में उपयोग करके इनकी पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर:
- तीनों द्रवों की थोड़ी मात्रा अलग-अलग बर्तनों में लें।
- हर एक में हल्दी डालें और रंग परिवर्तन देखें।
| परिणाम | द्रव की प्रकृति |
|---|---|
| हल्दी का रंग लाल या नारंगी हो जाए | क्षार (NaOH) |
| हल्दी का रंग न बदले | अम्ल (HCl) या उदासीन (शक्कर) |
अब इन दोनों (HCl और शक्कर) में अंतर जानने के लिए बेकिंग सोडा डालें:
- यदि बुलबुले बनें → अम्ल (HCl)
- यदि कोई प्रतिक्रिया न हो → उदासीन (शक्कर का विलयन)
प्रश्न 10. नीला लिटमस पत्र किसी विलयन में डुबोया गया। यह नीला ही रहता है। विलयन की प्रकृति क्या है?
उत्तर: यदि नीला लिटमस नीला ही रहता है तो विलयन अम्लीय नहीं है। यह या तो उदासीन या क्षारकीय हो सकता है।
पुष्टि के लिए लाल लिटमस डालें – यदि लाल नीला हो जाए तो विलयन क्षारकीय है; यदि कोई परिवर्तन न हो तो विलयन उदासीन है।
प्रश्न 11. निम्नलिखित वक्तव्यों को ध्यान से पढ़ें –
- अम्ल और क्षारक दोनों सभी सूचकों के रंगों को परिवर्तित कर देते हैं।
- यदि कोई सूचक अम्ल के साथ रंग परिवर्तित कर देता है, तो वह क्षारक के साथ रंग परिवर्तन नहीं करता।
- यदि कोई सूचक क्षारक के साथ रंग परिवर्तन नहीं करता, पर अम्ल के साथ करता है, तो वह अम्ल के लिए संवेदनशील है।
- अम्ल और क्षारक में रंग परिवर्तन सूचक के प्रकार पर निर्भर करता है।
सही उत्तर: केवल (घ) वक्तव्य सही है।
सही विकल्प: (iv) केवल (घ)
अम्ल, क्षारक और लवण हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण रसायन हैं। जब अम्ल और क्षारक मिलते हैं तो उदासीनीकरण अभिक्रिया होती है, जिससे लवण बनता है। अम्ल वर्षा पर्यावरण को हानि पहुँचाती है। चींटी का डंक अम्लीय होता है, जबकि हल्दी और गुड़हल प्राकृतिक सूचक के रूप में कार्य करते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न:-
- कौन-सा पदार्थ अम्लीय है?
(a) नींबू का रस
(b) बेकिंग सोडा
(c) साबुन
(d) चूना पानी
उत्तर: (a) नींबू का रस - निम्नलिखित में से कौन क्षारीय पदार्थ है?
(a) सिरका
(b) नींबू का रस
(c) दूध
(d) बेकिंग सोडा
उत्तर: (d) बेकिंग सोडा - लिटमस विलयन किससे प्राप्त किया जाता है?
(a) शैवाल से
(b) लाइकेन से
(c) कवक से
(d) शैवाल और कवक दोनों से
उत्तर: (b) लाइकेन से - अम्ल का स्वाद कैसा होता है?
(a) मीठा
(b) नमकीन
(c) खट्टा
(d) कड़वा
उत्तर: (c) खट्टा - क्षारकों का स्वाद कैसा होता है?
(a) खट्टा
(b) कड़वा और फिसलनदार
(c) मीठा
(d) नमकीन
उत्तर: (b) कड़वा और फिसलनदार - निम्नलिखित में से कौन-सा प्राकृतिक सूचक है?
(a) फिनॉल्फ्थेलीन
(b) मीथाइल ऑरेंज
(c) हल्दी
(d) न्यूट्रल रेड
उत्तर: (c) हल्दी - हल्दी का रंग क्षार में कैसा हो जाता है?
(a) पीला
(b) लाल
(c) नीला
(d) हरा
उत्तर: (b) लाल - अम्ल वर्षा का कारण कौन-सी गैसें हैं?
(a) CO₂ और O₂
(b) SO₂ और NO₂
(c) H₂ और N₂
(d) CH₄ और CO
उत्तर: (b) SO₂ और NO₂ - अम्ल और क्षार की प्रतिक्रिया से क्या बनता है?
(a) केवल अम्ल
(b) केवल जल
(c) लवण और जल
(d) केवल गैस
उत्तर: (c) लवण और जल - चींटी के डंक में कौन-सा अम्ल होता है?
(a) एसीटिक अम्ल
(b) फ़ॉर्मिक अम्ल
(c) नाइट्रिक अम्ल
(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
उत्तर: (b) फ़ॉर्मिक अम्ल - दूध के खराब होने पर कौन-सा अम्ल बनता है?
(a) लैक्टिक अम्ल
(b) एसीटिक अम्ल
(c) साइट्रिक अम्ल
(d) फ़ॉर्मिक अम्ल
उत्तर: (a) लैक्टिक अम्ल - कौन-सा अम्ल सिरके में पाया जाता है?
(a) एसीटिक अम्ल
(b) नाइट्रिक अम्ल
(c) सल्फ्यूरिक अम्ल
(d) कार्बोनिक अम्ल
उत्तर: (a) एसीटिक अम्ल - कौन-सा पदार्थ उदासीन है?
(a) सिरका
(b) साबुन
(c) शुद्ध जल
(d) नींबू का रस
उत्तर: (c) शुद्ध जल - फिनॉल्फ्थेलीन सूचक क्षार में कौन-सा रंग दिखाता है?
(a) लाल
(b) नीला
(c) गुलाबी
(d) पीला
उत्तर: (c) गुलाबी - अम्लीय विलयन का pH मान कैसा होता है?
(a) 7 से अधिक
(b) 7 के बराबर
(c) 7 से कम
(d) 10
उत्तर: (c) 7 से कम - क्षारकीय विलयन का pH मान होता है —
(a) 7 से अधिक
(b) 7 से कम
(c) 0
(d) 7 के बराबर
उत्तर: (a) 7 से अधिक - निम्न में से कौन एक क्षार है?
(a) HCl
(b) NaOH
(c) H₂SO₄
(d) CH₃COOH
उत्तर: (b) NaOH - सामान्य नमक (Common Salt) का रासायनिक सूत्र है —
(a) KCl
(b) Na₂CO₃
(c) NaCl
(d) CaCO₃
उत्तर: (c) NaCl - कौन-सा अम्ल मानव पेट में पाया जाता है?
(a) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
(b) सल्फ्यूरिक अम्ल
(c) नाइट्रिक अम्ल
(d) कार्बोनिक अम्ल
उत्तर: (a) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल - लवण का निर्माण किस प्रक्रिया से होता है?
(a) निष्कर्षण
(b) उदासीनीकरण
(c) आसवन
(d) गलन
उत्तर: (b) उदासीनीकरण
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External Resources – अम्ल, क्षारक और लवण
- NCERT Official Textbook – Class 10 Science
- BYJU’S – Class 10 Science Chapter 2: Acids, Bases and Salts
- Vedantu – NCERT Solutions for Chapter 2 Acids, Bases and Salts
- Toppr – Chapter Summary & Practice Questions
- BBC Bitesize – Acids, Bases and Alkalis (Chemistry Basics)
- Khan Academy – Acids, Bases and Salts (Videos & Notes)
- LearnCBSE – NCERT Solutions and Important Questions

