कक्षा 7 अध्याय 5 : भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

कक्षा 7 विज्ञान अध्याय ‘भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन’ — एक संपूर्ण नोट्स पृष्ठ जिसमें परिभाषा, स्पष्ट उदाहरण, जंग लगने के कारण व रोकथाम, क्रिस्टलीकरण की विधि, अभ्यास प्रश्नोत्तर और MCQs शामिल हैं। यह Class 7 Science Notes in Hindi छात्रों के लिए परीक्षा-उन्मुख, NCERT अनुरूप और पढ़ने में सहज रूप में तैयार किया गया है। यहाँ आप physical and chemical changes के फ़र्क़, प्रयोगशाला उदाहरण, रोज़मर्रा की घटनाएँ और त्वरित revision पॉइंट पाएँगे। हिंदी में उपलब्ध यह resource शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी है

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अध्याय 5 : भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

हम अपने आसपास अनेक परिवर्तन देखते हैं — जैसे बर्फ का पिघलना, दूध का फटना, लोहे का जंग लगना या मोमबत्ती का पिघलना।
इनमें से कुछ परिवर्तन अस्थायी होते हैं और कुछ स्थायी। इन परिवर्तनों को दो मुख्य प्रकारों में बाँटा गया है —
भौतिक परिवर्तन और रासायनिक परिवर्तन

भौतिक परिवर्तन (Physical Change)

जब किसी पदार्थ के आकार, अवस्था या रूप में परिवर्तन होता है लेकिन उसका रासायनिक संघटन वही रहता है,
तो इसे भौतिक परिवर्तन कहते हैं।

  • नया पदार्थ नहीं बनता।
  • यह परिवर्तन आमतौर पर उल्टा किया जा सकता है (reversible)।
  • उदाहरण: बर्फ का पिघलना, जल का वाष्प बनना, कागज को काटना।

रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change)

जब किसी पदार्थ का रासायनिक संघटन बदल जाता है और नया पदार्थ बन जाता है, तो उसे
रासायनिक परिवर्तन कहा जाता है।

  • नया पदार्थ बनता है।
  • यह परिवर्तन स्थायी होता है (irreversible)।
  • उदाहरण: लोहे में जंग लगना, दूध का फटना, भोजन का पचना।

तुलना तालिका : भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

आधार भौतिक परिवर्तन रासायनिक परिवर्तन
नया पदार्थ नहीं बनता बनता है
परिवर्तन की प्रकृति उल्टा किया जा सकता है उल्टा नहीं किया जा सकता
उदाहरण बर्फ का पिघलना दूध का फटना

रोचक तथ्य

  • मोमबत्ती के जलने में दोनों प्रकार के परिवर्तन होते हैं — मोम का पिघलना (भौतिक) और जलना (रासायनिक)।
  • जंग लगना एक धीमा रासायनिक परिवर्तन है।
  • पानी का जमना और पिघलना दोनों एक-दूसरे के उलट भौतिक परिवर्तन हैं।

भौतिक परिवर्तन (Physical Change)

जब किसी पदार्थ के आकार, रूप, रंग या अवस्था में परिवर्तन होता है लेकिन उसका रासायनिक संघटन (chemical composition)
वही रहता है, तो ऐसे परिवर्तन को भौतिक परिवर्तन कहा जाता है।
इसमें पदार्थ की पहचान नहीं बदलती, केवल उसकी भौतिक अवस्था या रूप बदलता है।

भौतिक परिवर्तन की मुख्य विशेषताएँ:

  • नया पदार्थ नहीं बनता।
  • यह परिवर्तन प्रायः अस्थायी होता है।
  • इस परिवर्तन को उल्टा किया जा सकता है (Reversible)।
  • पदार्थ के रासायनिक गुण नहीं बदलते।

भौतिक परिवर्तन के उदाहरण:

  1. बर्फ का पानी में पिघलना।
  2. जल का भाप में बदलना।
  3. कागज को काटना या मोड़ना।
  4. काँच का टूटना।
  5. लोहे का हथौड़े से पीटना (उसका आकार बदलना)।
  6. नमक का पानी में घुलना।
  7. पानी का जमकर बर्फ बनना।
  8. मोमबत्ती का पिघलना (सिर्फ पिघलना तक)।

इन सभी उदाहरणों में पदार्थ का स्वरूप या अवस्था बदलती है,
लेकिन पदार्थ की पहचान और रासायनिक गुण नहीं बदलते। इसलिए इन्हें भौतिक परिवर्तन कहा जाता है।

रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change)

जब किसी पदार्थ के रासायनिक संघटन (chemical composition) में परिवर्तन होता है
और नया पदार्थ बन जाता है, तो ऐसे परिवर्तन को रासायनिक परिवर्तन कहा जाता है।
इस प्रकार के परिवर्तन में पदार्थ के भौतिक गुणों के साथ-साथ उसके रासायनिक गुण भी बदल जाते हैं।

रासायनिक परिवर्तन की मुख्य विशेषताएँ:

  • नया पदार्थ बनता है।
  • यह परिवर्तन प्रायः स्थायी होता है।
  • इस परिवर्तन को उल्टा नहीं किया जा सकता (Irreversible)।
  • परिवर्तन के दौरान ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन होता है।
  • रंग, गंध या तापमान में परिवर्तन देखा जा सकता है।

रासायनिक परिवर्तन के उदाहरण:

  1. लोहे में जंग लगना।
  2. दूध का फटना।
  3. भोजन का पचना।
  4. कागज का जलना।
  5. फल या सब्जियों का सड़ना।
  6. अंडे का पकना।
  7. सिरके और बेकिंग सोडा के मिलने पर बुलबुले बनना (कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निकलना)।
  8. मैग्नीशियम रिबन का जलना।

इन सभी उदाहरणों में नया पदार्थ बनता है और मूल पदार्थ की पहचान समाप्त हो जाती है।
इसलिए इन्हें रासायनिक परिवर्तन कहा जाता है।

रासायनिक परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण

1. मैग्नीशियम फीते का जलना

जब मैग्नीशियम फीता (Magnesium Ribbon) को जलाया जाता है, तो यह तेज़ सफेद लौ के साथ जलता है
और मैग्नीशियम ऑक्साइड (Magnesium Oxide) नामक सफेद रंग का नया पदार्थ बनाता है।
यह नया पदार्थ जल में घुलकर क्षारीय विलयन बनाता है।
यह परिवर्तन स्थायी है और नया पदार्थ बनने के कारण यह रासायनिक परिवर्तन है।

रासायनिक अभिक्रिया: Mg + O2 → 2MgO


2. कॉपर सल्फेट विलयन का नीले से हरा होना

जब लौह की कील (Iron nail) को नीले रंग के कॉपर सल्फेट (CuSO4) विलयन में डाला जाता है,
तो विलयन का रंग धीरे-धीरे नीले से हरा हो जाता है।
इस प्रक्रिया में लौह, ताँबे को विस्थापित कर देता है और नया पदार्थ आयरन सल्फेट (FeSO4) बनता है।
यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि नया पदार्थ बनता है और रंग में परिवर्तन होता है।

भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

रासायनिक अभिक्रिया: Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu


3. चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित करने पर

जब कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस को चूने के पानी (Ca(OH)2) में प्रवाहित किया जाता है,
तो चूने का पानी दूधिया (दूध जैसा सफेद) हो जाता है क्योंकि इसमें
कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) का निर्माण होता है।
यदि गैस को अधिक देर तक प्रवाहित किया जाए तो विलयन फिर से साफ़ हो जाता है, क्योंकि
कैल्शियम कार्बोनेट आगे प्रतिक्रिया कर कैल्शियम बाइकार्बोनेट (Ca(HCO3)2) बनाता है।
यह पूरा परिवर्तन रासायनिक है।

रासायनिक अभिक्रिया:

Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O
CaCO3 + CO2 + H2O → Ca(HCO3)2

लोहे में जंग लगना (Rusting of Iron)

जब लोहे की वस्तुएँ हवा के ऑक्सीजन और नमी (जल वाष्प) के संपर्क में आती हैं,
तो उनके ऊपर लाल-भूरे रंग की परत बन जाती है, जिसे जंग (Rust) कहा जाता है।
इस प्रक्रिया में लोहे का ऑक्सीकरण होता है और नया यौगिक Iron(III) oxide hydrate (Fe2O3.xH2O) बनता है।
यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें नया पदार्थ बनता है।

रासायनिक अभिक्रिया:

Fe + O2 + H2O → Fe2O3·xH2O (जंग)

जंग लगने के लिए आवश्यक शर्तें:

  • हवा में उपस्थित ऑक्सीजन।
  • नमी या जल वाष्प की उपस्थिति।

लोहे में जंग लगने के हानिकारक प्रभाव:

  • लोहा कमजोर और भुरभुरा हो जाता है।
  • धातु की वस्तुओं की आयु घट जाती है।
  • आर्थिक हानि होती है।
  • मशीनों, पुलों और लोहे की संरचनाओं की मजबूती कम हो जाती है।

जंग से बचने के उपाय (Prevention of Rusting)

जंग से बचाव के लिए लोहे को हवा और नमी के संपर्क से बचाना आवश्यक है।
इसके लिए विभिन्न विधियाँ अपनाई जाती हैं:

  • रंगाई या पेंट करना: लोहे की सतह पर रंग या पेंट लगाने से हवा और नमी का संपर्क नहीं होता।
  • तैलीकरण या चिकनाई लगाना: मशीनों के भागों पर तेल या ग्रीस लगाने से नमी का असर नहीं पड़ता।
  • गैल्वनाइजेशन (Galvanization): लोहे की वस्तुओं पर जिंक (Zn) की पतली परत चढ़ाई जाती है जिससे वे जंग से सुरक्षित रहती हैं।
  • क्रोम चढ़ाना (Chrome Plating): लोहे पर क्रोमियम की परत चढ़ाई जाती है, जो उसे चमकदार और सुरक्षित बनाती है।
  • स्टेनलेस स्टील का उपयोग: इसमें क्रोमियम और निकल मिलाने से यह जंग नहीं खाता।

इन सभी विधियों से लोहे की वस्तुएँ अधिक समय तक सुरक्षित रहती हैं और उनकी मजबूती बनी रहती है।

क्रिस्टलीकरण (Crystallization)

क्रिस्टलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ के शुद्ध ठोस कण (क्रिस्टल) उसके विलयन से प्राप्त किए जाते हैं।
यह एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता, केवल पदार्थ की शुद्ध अवस्था में परिवर्तन होता है।

क्रिस्टलीकरण की परिभाषा:

किसी ठोस पदार्थ को उसके अशुद्ध विलयन से शुद्ध ठोस रूप (क्रिस्टल) में प्राप्त करने की प्रक्रिया को
क्रिस्टलीकरण कहा जाता है।

क्रिस्टलीकरण की विधि:

1. किसी पदार्थ (जैसे नमक या तांबा सल्फेट) को पानी में घोलकर संतृप्त विलयन तैयार किया जाता है।

2. इस विलयन को गर्म किया जाता है और फिर धीरे-धीरे ठंडा होने दिया जाता है।

3. ठंडा होने पर पदार्थ के शुद्ध क्रिस्टल विलयन से अलग हो जाते हैं।

4. इन क्रिस्टलों को छानकर सुखा लिया जाता है।

क्रिस्टलीकरण के उदाहरण:

  1. कॉपर सल्फेट (CuSO4) के नीले क्रिस्टल प्राप्त करना।
  2. नमक (NaCl) को शुद्ध करने के लिए।
  3. अशुद्ध चीनी से शुद्ध चीनी प्राप्त करने के लिए।

क्रिस्टलीकरण का महत्व:

  • यह पदार्थों को शुद्ध करने की एक उपयोगी विधि है।
  • उद्योगों में रासायनिक पदार्थों की शुद्धता बढ़ाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
  • यह भौतिक परिवर्तन का अच्छा उदाहरण है, क्योंकि पदार्थ की रासायनिक संरचना नहीं बदलती।

इस प्रकार, क्रिस्टलीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे हम किसी अशुद्ध ठोस पदार्थ को
उसके शुद्ध क्रिस्टलीय रूप में प्राप्त करते हैं, और यह पूरी तरह से भौतिक परिवर्तन है।


प्रमुख शब्दावली (Key Terms)

1. भौतिक परिवर्तन (Physical Change)

वह परिवर्तन जिसमें किसी पदार्थ के आकार, अवस्था या रूप में परिवर्तन होता है परंतु उसके रासायनिक गुणों में कोई परिवर्तन नहीं होता,
भौतिक परिवर्तन कहलाता है।
उदाहरण: बर्फ का पिघलना, जल का वाष्प बनना।

2. रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change)

वह परिवर्तन जिसमें किसी पदार्थ की रासायनिक संरचना बदल जाती है और नया पदार्थ बनता है,
रासायनिक परिवर्तन कहलाता है।
उदाहरण: दूध का फटना, लोहे में जंग लगना।

3. रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction)

वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक पदार्थ (अभिकारक) आपस में क्रिया करके नए पदार्थ (उत्पाद) बनाते हैं,
उसे रासायनिक अभिक्रिया कहा जाता है।
उदाहरण: Fe + O2 + H2O → Fe2O3·xH2O (जंग लगना)

4. क्रिस्टलीकरण (Crystallization)

किसी पदार्थ के अशुद्ध विलयन से शुद्ध ठोस क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया को क्रिस्टलीकरण कहते हैं।
उदाहरण: कॉपर सल्फेट के नीले क्रिस्टल बनाना।

5. यशद्-लेपन (Galvanization)

लोहे की वस्तुओं को जंग से बचाने के लिए उन पर जिंक (Zn) की पतली परत चढ़ाने की प्रक्रिया को
यशद्-लेपन या गैल्वनाइजेशन कहते हैं।

6. जंग लगना (Rusting)

जब लोहे की वस्तुएँ नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आती हैं तो उन पर लाल-भूरे रंग की परत बन जाती है,
इसे जंग लगना कहते हैं।
यह एक रासायनिक परिवर्तन है।
अभिक्रिया: Fe + O2 + H2O → Fe2O3·xH2O

7. स्फटीकरण (Crystallization)

किसी ठोस पदार्थ के कणों का नियमित और सुव्यवस्थित रूप में ठोस संरचना बनाना स्फटीकरण कहलाता है।
यह क्रिस्टलीकरण की ही एक अवस्था है।

8. दहन (Combustion)

जब कोई पदार्थ ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलकर ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करता है,
तो उसे दहन कहते हैं।
उदाहरण: मोमबत्ती का जलना।

9. अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)

वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक पदार्थों में बदल जाता है,
अपघटन अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण: 2H2O → 2H2 + O2

10. संयोग अभिक्रिया (Combination Reaction)

वह अभिक्रिया जिसमें दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं,
संयोग अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण: H2 + Cl2 → 2HCl

कक्षा 7 विज्ञान अध्याय ‘भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन’ — एक संपूर्ण नोट्स पृष्ठ जिसमें परिभाषा, स्पष्ट उदाहरण, जंग लगने के कारण व रोकथाम, क्रिस्टलीकरण की विधि, अभ्यास प्रश्नोत्तर और MCQs शामिल हैं। यह Class 7 Science Notes in Hindi छात्रों के लिए परीक्षा-उन्मुख, NCERT अनुरूप और पढ़ने में सहज रूप में तैयार किया गया है। यहाँ आप physical and chemical changes के फ़र्क़, प्रयोगशाला उदाहरण, रोज़मर्रा की घटनाएँ और त्वरित revision पॉइंट पाएँगे। हिंदी में उपलब्ध यह resource शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी है


अभ्यास

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रक्रमों के अंतर्गत होने वाले परिवर्तनों को भौतिक अथवा रासायनिक परिवर्तन के रूप में वर्गीकृत कीजिए।

  1. प्रकाश संश्लेषण – रासायनिक परिवर्तन
  2. जल में शक्कर को घोलना – भौतिक परिवर्तन
  3. कोयले को जलाना – रासायनिक परिवर्तन
  4. मोम को पिघलाना – भौतिक परिवर्तन
  5. ऐलुमिनियम के टुकड़े को पीटकर उसका पतला पत्र (फॉइल) बनाना – भौतिक परिवर्तन
  6. भोजन का पाचन – रासायनिक परिवर्तन

प्रश्न 2. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य। यदि कथन असत्य हो तो, अपनी अभ्यास पुस्तिका में उसे सही करके लिखिए।

  1. लकड़ी के लट्ठ को टुकड़ों में काटना एक रासायनिक परिवर्तन है।उत्तर: असत्य — यह एक भौतिक परिवर्तन है।
  2. पत्तियों से खाद का बनना एक भौतिक परिवर्तन है।उत्तर: असत्य — यह एक रासायनिक परिवर्तन है।
  3. जस्ते (जिंक) लेपित लोहे के पाइपों में आसानी से जंग नहीं लगती है।उत्तर: सत्य — क्योंकि जस्ता की परत लोहा को वायु और नमी से बचाती है।
  4. लोहा और जंग एक ही पदार्थ हैं।
    उत्तर: असत्य — लोहा शुद्ध तत्व है, जबकि जंग लोहा, ऑक्सीजन और जलवाष्प के संयोजन से बना यौगिक (Fe2O3.xH2O) है।
  5. भाप का संघनन रासायनिक परिवर्तन नहीं है।
    उत्तर: सत्य — यह केवल भौतिक अवस्था का परिवर्तन है, कोई नया पदार्थ नहीं बनता।

प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों में रिक्त स्थानों को भरिए–

  1. जब कार्बन डाइऑक्साइड को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है, तो यह कैल्शियम कार्बोनेट के बनने के कारण दूधिया हो जाता है।
  2. खाने के सोडे का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO3) है।
  3. ऐसी दो विधियाँ, जिनके द्वारा लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है — रंगाई (Painting) और जस्ते का लेपन (Galvanization) हैं।
  4. ऐसे परिवर्तन भौतिक परिवर्तन कहलाते हैं, जिनमें किसी पदार्थ के केवल गुणों में परिवर्तन होता है।
  5. ऐसे परिवर्तन जिनमें नए पदार्थ बनते हैं, रासायनिक परिवर्तन कहलाते हैं।

प्रश्न 4. जब नींबू के रस में खाने का सोडा मिलाया जाता है, तो बुलबुले बनते हैं और गैस निकलती है। यह किस प्रकार का परिवर्तन है? समझाइए।

जब नींबू के रस (जिसमें अम्ल होता है) में खाने का सोडा (NaHCO3) मिलाया जाता है, तो रासायनिक अभिक्रिया होती है और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है।

यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें नया पदार्थ (CO2 गैस) बनता है और यह परिवर्तन स्थायी होता है।

प्रश्न 5. जब कोई मोमबत्ती जलती है, तो भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों होते हैं। इन परिवर्तनों की पहचान कीजिए। ऐसे ही किसी ज्ञात प्रक्रम का एक और उदाहरण दीजिए, जिसमें भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों होते हैं।

उत्तर:

  • भौतिक परिवर्तन: मोमबत्ती की मोम का पिघलना — यह केवल अवस्था परिवर्तन है।
  • रासायनिक परिवर्तन: मोम का जलना — इसमें नये पदार्थ (कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प) बनते हैं।

एक और उदाहरण: लकड़ी का जलना — इसमें लकड़ी का जलना (रासायनिक परिवर्तन) और पानी की भाप का बनना (भौतिक परिवर्तन) दोनों होते हैं।

प्रश्न 6. आप यह कैसे दिखाएँगे कि दही का जमना एक रासायनिक परिवर्तन है?

दूध में लैक्टिक अम्ल जीवाणुओं की क्रिया से लैक्टिक अम्ल बनता है, जो दूध के प्रोटीन को जमाकर दही बना देता है।
दही बनने पर नया पदार्थ बनता है और यह परिवर्तन स्थायी होता है — दही को फिर से दूध में नहीं बदला जा सकता।
इसलिए, दही का जमना एक रासायनिक परिवर्तन है।

प्रश्न 7. समझाइए कि लकड़ी के जलने और उसे छोटे टुकड़ों में काटने को दो भिन्न प्रकार के परिवर्तन क्यों माना जाता है।

जब लकड़ी को छोटे टुकड़ों में काटा जाता है, तो उसका केवल आकार और आकारिक रूप बदलता है, कोई नया पदार्थ नहीं बनता — यह एक भौतिक परिवर्तन है।

लेकिन जब लकड़ी जलती है, तो राख, धुआँ और गैसें बनती हैं, जो नए पदार्थ हैं — इसलिए यह रासायनिक परिवर्तन है।
इस प्रकार, दोनों परिवर्तन एक-दूसरे से भिन्न हैं।

8. कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल कैसे बनाते हैं — वर्णन

कॉपर सल्फेट (CuSO4) के नीले क्रिस्टल बनाने की सामान्य विधि इस प्रकार है:

  1. संतृप्त विलयन तैयार करना: गर्म पानी लें और उसमें कॉपर सल्फेट पाउडर धीरे-धीरे मिलाते हुए घोलें जब तक और अधिक घुलने की क्षमता न रहे (यानी विलयन संतृप्त हो जाए)।
  2. छानना (यदि आवश्यक हो): यदि विलयन में कोई अशुद्धि या अनघुलनशील कण हैं तो उसे साफ कपड़े/फिल्टर पेपर से छान लें ताकि क्रिस्टल शुद्ध हों।
  3. ठंडा करना: संतृप्त गरम विलयन को ठंडा करने पर विलयन में घुले हुए पदार्थ का अतिरिक्त भाग बाहर आकर क्रिस्टल का रूप ले लेता है। धीरे-धीरे ठंडा करने से बड़े और सुंदर क्रिस्टल बनते हैं।
  4. बीज क्रिस्टल (Seed crystal) का उपयोग: चाहें तो एक छोटा सा क्रिस्टल डालकर बड़ी क्रिस्टल को बढ़ाया जा सकता है — इससे आकार नियंत्रित रहता है।
  5. सुखाना और संग्रहित करना: बन चुके क्रिस्टल को फ़िल्टर करके कागज़ पर रख कर हल्का सुखाया जाता है और सूखी जगह पर रखा जाता है।

नोट: गर्मी और धीरे-धीरे शीतलन बड़े क्रिस्टल देते हैं; यदि बहुत जल्दी ठंडा किया जाए तो छोटे क्रिस्टल बनते हैं। प्रयोगशाला में सुरक्षा के नियम अपनाएँ — हाथों पर ग्लव्स और आँखों की सुरक्षा।

9. लोहे के गेट को पेंट करने से जंग क्यों नहीं लगती — समझाइए

पेंट करने से लोहे की सतह पर एक ठोस सुरक्षात्मक परत बन जाती है, जो हवा और नमी को लोहा तक पहुँचने से रोकती है। जंग लगने के लिए लोहे को ऑक्सीजन और पानी चाहिए; पेंट इन दोनों का संपर्क बंद कर देता है। अतः पेंट एक बाधा (barrier) का कार्य करता है और लोहे के रासायनिक ऑक्सीकरण को रोकता है।

ध्यान दें कि अगर पेंट पर दरार या छींटे हों तो वहाँ से पानी और ऑक्सीजन पहुँच कर स्थानीय रूप से जंग शुरू कर सकता है — इसलिए पेंट सही तरह से और समय-समय पर रिपेयर करना आवश्यक है।

10. रेगिस्तानी क्षेत्रों की अपेक्षा समुद्रतटीय क्षेत्रों में जंग अधिक क्यों लगती है — समझाइए

समुद्रतटीय (coastal) क्षेत्रों में हवा में नमक (सॉल्ट) के सूक्ष्म कण और आर्द्रता अधिक होती है। नमक (मुख्यतः NaCl) पानी में घुलकर विलयन की विद्युत चालकता बढ़ा देता है और क्लोराइड आयन लोहे की सतह पर जंग की प्रक्रिया को तेज करते हैं। अधिक आर्द्रता का अर्थ है सतह पर लगातार नमी बनी रहना — यही जंग को तेज करता है। रेगिस्तानी क्षेत्रों में हवा सूखी और नमक कम होने के कारण जंग की दर कम रहती है।

11. LPG के द्रव → गैस (प्रक्रियA) और गैस का जलना (प्रक्रियB) — कौन-सा रासायनिक परिवर्तन है?

प्रक्रिय-A: सिलिंडर से बाहर आने पर LPG का द्रव्(लिक्विड) गैस में बदलना — यह केवल भौतिक परिवर्तन (वाष्पीकरण) है क्योंकि पदार्थ वही है, रासायनिक परिवर्तन नहीं हुआ।
प्रक्रिय-B: गैस का जलना (दहन) — यह रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि गैस ऑक्सीजन के साथ मिलकर नए पदार्थ (CO2 और H2O) बनाती है और ऊर्जा (ऊष्मा/प्रकाश) निकलती है।

सही विकल्प: (ख) — प्रक्रम-B एक रासायनिक परिवर्तन है।

12. अवायवीय जीवाणु जैविक अपशिष्ट पदार्थों को अपघटित कर जैव गैस (बायोगैस) बनाते हैं (परिवर्तन-A)। फिर जैव गैस ईंधन के रूप में जलाई जाती है (परिवर्तन-B)। सही कथन चुनिए।

परिवर्तन-A: अवायवीय जीवाणु (Anaerobic bacteria) जैविक पदार्थों को अपघटित कर नए पदार्थ (मुख्यतः मीथेन, CO2 आदि) बनाते हैं।
यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि नए पदार्थ बनते हैं।
परिवर्तन-B: जब बायोगैस जलाई जाती है, तो वह ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर जलवाष्प और कार्बन डाइऑक्साइड बनाती है।
यह भी एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि दहन में नए पदार्थ बनते हैं और ऊर्जा उत्सर्जित होती है।

सही उत्तर: (ग) प्रक्रम-A और प्रक्रम-B दोनों ही रासायनिक परिवर्तन हैं।


भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन (Class 7 Science)

  1. किसी पदार्थ का केवल आकार या अवस्था बदलने पर वह परिवर्तन कहलाता है —
    (A) रासायनिक परिवर्तन
    (B) भौतिक परिवर्तन
    (C) स्थायी परिवर्तन
    (D) अपूर्ण परिवर्तन
    उत्तर: (B) भौतिक परिवर्तन
  2. निम्न में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन है?
    (A) बर्फ का पिघलना
    (B) लोहे का जंग खाना
    (C) पानी का वाष्प बनना
    (D) धातु को पीटना
    उत्तर: (B) लोहे का जंग खाना
  3. कॉपर सल्फेट विलयन में लोहे की कील डालने पर क्या होता है?
    (A) विलयन का रंग नीला रहता है
    (B) विलयन का रंग हरा हो जाता है
    (C) कोई परिवर्तन नहीं होता
    (D) गैस बनती है
    उत्तर: (B) विलयन का रंग हरा हो जाता है
  4. मैग्नीशियम फीते को जलाने पर क्या बनता है?
    (A) Mg(OH)2
    (B) MgCO3
    (C) MgO
    (D) MgCl2
    उत्तर: (C) MgO
  5. भोजन का पाचन किस प्रकार का परिवर्तन है?
    (A) भौतिक
    (B) रासायनिक
    (C) दोनों
    (D) कोई नहीं
    उत्तर: (B) रासायनिक
  6. जंग का रासायनिक सूत्र क्या है?
    (A) Fe2O3.xH2O
    (B) FeO
    (C) Fe(OH)2
    (D) Fe3O4
    उत्तर: (A) Fe2O3.xH2O
  7. पानी का वाष्प बनना किस प्रकार का परिवर्तन है?
    (A) रासायनिक
    (B) भौतिक
    (C) स्थायी
    (D) अपूर्ण
    उत्तर: (B) भौतिक
  8. लोहे को जंग लगने से बचाने की सामान्य विधि है —
    (A) जलाना
    (B) पॉलिश करना
    (C) जस्ते का लेपन
    (D) पानी में डालना
    उत्तर: (C) जस्ते का लेपन
  9. क्रिस्टलीकरण किस प्रकार का परिवर्तन है?
    (A) रासायनिक
    (B) भौतिक
    (C) जैविक
    (D) अस्थायी
    उत्तर: (B) भौतिक
  10. जब नींबू के रस में खाने का सोडा मिलाया जाता है तो कौन सी गैस बनती है?
    (A) ऑक्सीजन
    (B) नाइट्रोजन
    (C) कार्बन डाइऑक्साइड
    (D) हाइड्रोजन
    उत्तर: (C) कार्बन डाइऑक्साइड
  11. कौन-सा परिवर्तन दोनों प्रकार का (भौतिक और रासायनिक) है?
    (A) मोमबत्ती का जलना
    (B) पानी का उबलना
    (C) बर्फ का पिघलना
    (D) कागज़ को फाड़ना
    उत्तर: (A) मोमबत्ती का जलना
  12. रासायनिक परिवर्तन में —
    (A) केवल आकार बदलता है
    (B) नया पदार्थ बनता है
    (C) कोई परिवर्तन नहीं होता
    (D) अवस्था बदलती है
    उत्तर: (B) नया पदार्थ बनता है
  13. भाप का संघनन किस प्रकार का परिवर्तन है?
    (A) भौतिक
    (B) रासायनिक
    (C) जैविक
    (D) स्थायी
    उत्तर: (A) भौतिक
  14. लकड़ी का जलना है —
    (A) भौतिक परिवर्तन
    (B) रासायनिक परिवर्तन
    (C) अस्थायी परिवर्तन
    (D) दोनों
    उत्तर: (B) रासायनिक परिवर्तन
  15. खाने के सोडे का रासायनिक नाम क्या है?
    (A) सोडियम कार्बोनेट
    (B) सोडियम बाइकार्बोनेट
    (C) कैल्शियम कार्बोनेट
    (D) पोटेशियम सल्फेट
    उत्तर: (B) सोडियम बाइकार्बोनेट
  16. कौन-सा कथन सत्य है?
    (A) दही का जमना भौतिक परिवर्तन है
    (B) जंग लगना रासायनिक परिवर्तन है
    (C) बर्फ का पिघलना रासायनिक परिवर्तन है
    (D) पानी का उबालना स्थायी परिवर्तन है
    उत्तर: (B) जंग लगना रासायनिक परिवर्तन है
  17. LPG का गैस में बदलना है —
    (A) रासायनिक परिवर्तन
    (B) भौतिक परिवर्तन
    (C) अपघटन
    (D) संयोजन
    उत्तर: (B) भौतिक परिवर्तन
  18. LPG के जलने से क्या बनता है?
    (A) केवल भाप
    (B) CO2 और H2O
    (C) कार्बन मोनोऑक्साइड
    (D) ऑक्सीजन
    उत्तर: (B) CO2 और H2O
  19. रेगिस्तानी क्षेत्रों की तुलना में समुद्र तटीय क्षेत्रों में लोहे को जंग जल्दी लगती है क्योंकि —
    (A) वहाँ गर्मी अधिक होती है
    (B) नमी और नमक अधिक होता है
    (C) हवा तेज़ होती है
    (D) मिट्टी में लोहा अधिक होता है
    उत्तर: (B) नमी और नमक अधिक होता है
  20. दही का जमना है —
    (A) भौतिक परिवर्तन
    (B) रासायनिक परिवर्तन
    (C) मिश्रण
    (D) वाष्पीकरण
    उत्तर: (B) रासायनिक परिवर्तन

मुझे आशा है कि ये नोट्स आपको अच्छे लगे होंगे। कक्षा 7 विज्ञान अध्याय ‘भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन’ — एक संपूर्ण नोट्स पृष्ठ जिसमें परिभाषा, स्पष्ट उदाहरण, जंग लगने के कारण व रोकथाम, क्रिस्टलीकरण की विधि, अभ्यास प्रश्नोत्तर और MCQs शामिल हैं। यह Class 7 Science Notes in Hindi छात्रों के लिए परीक्षा-उन्मुख, NCERT अनुरूप और पढ़ने में सहज रूप में तैयार किया गया है। यहाँ आप physical and chemical changes के फ़र्क़, प्रयोगशाला उदाहरण, रोज़मर्रा की घटनाएँ और त्वरित revision पॉइंट पाएँगे। हिंदी में उपलब्ध यह resource शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी है


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