पाठ 8: बल एवं दाब (Force and Pressure)
इस पाठ में हम बल और दाब के बारे में सीखेंगे। बल वह प्रभाव है जो किसी वस्तु की गति या दिशा को बदल सकता है। दाब किसी सतह पर लगने वाले बल को प्रति इकाई क्षेत्रफल में व्यक्त करता है। हम इसके प्रकार, सूत्र और दैनिक जीवन में इनके उदाहरणों के बारे में भी जानेंगे।
बल: अभिकर्षण और अपकर्षण
1. अभिकर्षण बल (Attractive Force)
अभिकर्षण बल वह बल है जो दो वस्तुओं को आपस में खींचता है। यह बल वस्तुओं को एक-दूसरे के पास लाने का काम करता है। यह बल हमें रोज़मर्रा की जिंदगी में कई जगह दिखाई देता है।
उदाहरण:
- पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु को खींचना – जैसे जब आप कोई वस्तु छोड़ते हैं तो वह नीचे गिरती है। यह गुरुत्वाकर्षण का उदाहरण है।
- चुम्बक द्वारा लोहे या स्टील को खींचना।
- सौरमंडल में ग्रहों का सूर्य की ओर खिंचना।
2. अपकर्षण बल (Repulsive Force)
अपकर्षण बल वह बल है जो दो वस्तुओं को दूर धकेलता है। यह बल वस्तुओं को आपस में टकराने से रोकता है और उन्हें अलग करता है।
उदाहरण:
- समान ध्रुव वाले दो चुम्बक एक-दूसरे को धकेलते हैं।
- विद्युत आवेश – समान आवेश वाली वस्तुएँ आपस में दूर रहती हैं।
नोट:
संक्षेप में, अभिकर्षण बल = आकर्षित करना, और अपकर्षण बल = दूर धकेलना। ये दोनों बल हमारे चारों ओर प्राकृतिक और कृत्रिम प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अभिकर्षण और अपकर्षण में अंतर
| विशेषता | अभिकर्षण बल (Attractive Force) | अपकर्षण बल (Repulsive Force) |
|---|---|---|
| परिभाषा | यह बल दो वस्तुओं को आपस में खींचता है। | यह बल दो वस्तुओं को दूर धकेलता है। |
| दिशा | वस्तुओं की ओर (towards each other) | वस्तुओं से दूर (away from each other) |
| उदाहरण | पृथ्वी का किसी वस्तु को खींचना, चुम्बक द्वारा लोहे को खींचना | समान ध्रुव वाले चुम्बक एक-दूसरे को धकेलना, समान आवेश वाली वस्तुएँ दूर रहना |
| प्रकृति | आकर्षित करने वाली | दूर करने वाली |
कुछ कार्यों को अभिकर्षण और अपकर्षण के रूप में पहचानना
| कार्य | प्रकार | व्याख्या / उदाहरण |
|---|---|---|
| पृथ्वी द्वारा वस्तु को नीचे गिराना | अभिकर्षण बल | पृथ्वी वस्तु को खींचती है, जैसे जब कोई गेंद छोड़ते हैं। |
| समान ध्रुव वाले दो चुम्बक एक-दूसरे को दूर करना | अपकर्षण बल | समान ध्रुवों के कारण चुम्बक आपस में धकेलते हैं। |
| चुम्बक द्वारा लोहे को खींचना | अभिकर्षण बल | चुम्बक लोहे को अपनी ओर खींचता है। |
| समान आवेश वाली वस्तुएँ दूर रहना | अपकर्षण बल | इलेक्ट्रॉनों या समान आवेश वाली वस्तुएँ आपस में धकेलती हैं। |
| सौरमंडल में ग्रहों का सूर्य की ओर खिंचना | अभिकर्षण बल | गुरुत्वाकर्षण के कारण ग्रह सूर्य के चारों ओर रहते हैं। |
बल अन्योन्यक्रिया के कारण लगते हैं
किसी वस्तु पर बल हमेशा अन्योन्यक्रिया (interaction) के कारण ही लगता है। इसका अर्थ है कि कोई वस्तु अकेले अपने आप बल नहीं लगा सकती। बल तब लगता है जब दो वस्तुएँ आपस में संपर्क में आती हैं या एक-दूसरे पर प्रभाव डालती हैं।
उदाहरण:
- हाथ से बॉल को धक्का देना – यह संपर्क बल है।
- पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु को खींचना – यह गुरुत्वाकर्षण के कारण होने वाला असंपर्क बल है।
- चुम्बक द्वारा लोहे को खींचना – चुम्बकीय बल अन्योन्यक्रिया के कारण लगता है।
नोट: बल किसी वस्तु की गति या दिशा बदलने का कारण बनता है और यह हमेशा किसी अन्य वस्तु के साथ क्रिया-प्रतिक्रिया से उत्पन्न होता है।
बल (Force)
1. परिभाषा
बल वह प्रभाव है जो किसी वस्तु की गति (speed) या दिशा (direction) को बदल सकता है। बल केवल वस्तुओं पर क्रिया-प्रतिक्रिया (interaction) के कारण लगता है।
2. बल के प्रकार
- संपर्क बल (Contact Force): बल तब लगता है जब दो वस्तुएँ आपस में छूती हैं। उदाहरण: धक्का देना, खींचना, घर्षण बल।
- असंपर्क बल (Non-contact Force): बल तब लगता है जब वस्तुएँ बिना छुए प्रभावित होती हैं। उदाहरण: गुरुत्वाकर्षण, चुम्बकीय बल, विद्युत बल।
3. बल का सूत्र
यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान m और त्वरण a है, तो बल दिया जाता है:
F = m × a
जहाँ,
F = बल (Force in Newton, N)
m = द्रव्यमान (Mass in kg)
a = त्वरण (Acceleration in m/s²)
4. बल का मात्रक और प्रतीक
- SI मात्रक: न्यूटन (Newton, N)
- प्रतीक: F
5. बल के उदाहरण
- हाथ से बॉल को धक्का देना।
- पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु को खींचना।
- चुम्बक द्वारा लोहे को खींचना।
- समान ध्रुव वाले चुम्बक का एक-दूसरे को धकेलना।
बलों की खोजबीन (Applications of Forces)
बल का प्रभाव हमारे चारों ओर हर जगह दिखाई देता है। किसी वस्तु पर बल लगने के कारण उसकी गति या दिशा बदल जाती है। आइए कुछ उदाहरण देखें:
1. गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)
यह बल पृथ्वी द्वारा वस्तुओं को नीचे की ओर खींचता है।
- उदाहरण: जब आप गेंद को ऊपर फेंकते हैं, तो यह नीचे गिरती है।
- उदाहरण: पानी की बोतल जमीन पर रहती है।
2. चुम्बकीय बल (Magnetic Force)
यह बल चुम्बक और लोहे जैसी वस्तुओं के बीच क्रिया-प्रतिक्रिया से उत्पन्न होता है।
- उदाहरण: चुम्बक द्वारा लोहे के टुकड़े को खींचना।
- उदाहरण: कंपास की सुई हमेशा उत्तर की ओर इशारा करती है।
3. घर्षण बल (Frictional Force)
यह बल सतहों के बीच संपर्क होने पर उत्पन्न होता है और गति को रोकता या धीमा करता है।
- उदाहरण: सड़क पर चलने वाले वाहन की टायर और सड़क के बीच घर्षण।
- उदाहरण: कागज पर पेंसिल से लिखना।
4. दाब (Pressure) के कारण बल
जब कोई वस्तु सतह पर बल लगाती है, तो वह दाब उत्पन्न करती है।
- उदाहरण: कील को लकड़ी में ठोकना – दाब अधिक होने के कारण लकड़ी में छेद बनता है।
- उदाहरण: बर्फ पर बर्फ के जूते पहनना – दाब कम होने के कारण पैर नहीं धंसते।
5. अन्य दैनिक जीवन के उदाहरण
- खेलों में गेंद को धक्का देना या किक मारना।
- दरवाजा खोलते समय हाथ द्वारा लगाया गया बल।
- पानी के प्रवाह को पाइप में रोकने या खोलने के लिए बल लगाना।
बल वस्तु की गति को अवस्था में बदल सकता है
बल किसी वस्तु की गति या दिशा बदलने में सक्षम होता है। इसका अर्थ है कि जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है, तो वह या तो:
- धीमी गति से चल रही वस्तु को तेज कर सकता है – उदाहरण: बाइक को धक्का देना।
- तेज़ चल रही वस्तु को धीमा कर सकता है – उदाहरण: ब्रेक लगाना।
- वस्तु की दिशा बदल सकता है – उदाहरण: फुटबॉल को दाईं या बाईं ओर किक मारना।
- स्थिर वस्तु को गति दे सकता है – उदाहरण: रखी हुई गेंद को धक्का देना।
संक्षेप में, बल किसी वस्तु की गति की अवस्था (motion) को बदलने का मुख्य कारण है। यह न्यूटन के पहले और दूसरे नियमों से स्पष्ट होता है।
बल किसी वस्तु की आकृति में परिवर्तन कर सकता है
बल केवल वस्तु की गति ही नहीं बदलता, बल्कि यह किसी वस्तु की आकृति या आकार में भी परिवर्तन कर सकता है। जब कोई बल किसी लचीली या परतदार वस्तु पर लगाया जाता है, तो वह विकृत हो सकती है।
उदाहरण:
- कपड़े को खींचना – कपड़ा फैल जाता है।
- लोहे की छड़ी को मोड़ना – छड़ी की आकृति बदल जाती है।
- स्प्रिंग को खींचना या दबाना – स्प्रिंग लंबी या छोटी हो जाती है।
- गोंद या मिट्टी को दबाना – आकृति बदल जाती है।
संक्षेप में, किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसकी आकृति और आकार दोनों को बदल सकता है। यह बल की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
विभिन्न वस्तुओं पर बल के प्रभाव का अध्ययन
| वस्तु | लागू बल | प्रभाव / परिणाम |
|---|---|---|
| गेंद | धक्का या किक | गेंद अपनी गति बदलती है और दिशा बदल सकती है। |
| कपड़ा | खींचना | कपड़ा फैल जाता है, आकार बदलता है। |
| स्प्रिंग | खींचना या दबाना | स्प्रिंग लंबी या छोटी हो जाती है। |
| लकड़ी की छड़ी | मोड़ना | छड़ी की आकृति बदल जाती है। |
| पानी की बोतल | धक्का देना | बोतल अपने स्थान से सरकती है। |
| समान ध्रुव वाले चुम्बक | निकट लाना | चुम्बक एक-दूसरे को धकेलते हैं (अपकर्षण)। |
बल किसी वस्तु में क्या-क्या कर सकता है
बल किसी वस्तु पर लगने से उसे विभिन्न प्रकार के परिवर्तन कर सकता है। मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं:
- गति में परिवर्तन: बल किसी वस्तु की गति को बढ़ा या घटा सकता है।
उदाहरण: बाइक को धक्का देना या ब्रेक लगाना। - दिशा में परिवर्तन: बल किसी वस्तु की दिशा बदल सकता है।
उदाहरण: फुटबॉल को दाईं या बाईं ओर किक मारना। - आकृति में परिवर्तन: बल किसी लचीली या कठोर वस्तु की आकृति बदल सकता है।
उदाहरण: स्प्रिंग को खींचना या दबाना, लोहे की छड़ी को मोड़ना। - स्थिति (स्थान) में परिवर्तन: बल किसी वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा सकता है।
उदाहरण: पानी की बोतल को धक्का देकर सरकाना।
संपर्क बल (Contact Force)
परिभाषा: संपर्क बल वह बल है जो तब लगता है जब दो वस्तुएँ आपस में छूती हैं। यह बल केवल संपर्क के माध्यम से ही वस्तु पर प्रभाव डालता है।
उदाहरण:
- हाथ से बॉल को धक्का देना।
- कागज पर पेंसिल से लिखना।
- किसी वस्तु को खींचना या दबाना।
- सड़क पर चलती कार की टायर और सड़क के बीच घर्षण।
विशेषताएँ:
- संपर्क बल हमेशा केवल वस्तुओं के आपस में छूने पर ही लगता है।
- यह वस्तु की गति, दिशा या आकृति बदल सकता है।
- इसका उदाहरण रोज़मर्रा की जिंदगी में बहुतायत से मिलता है।
घर्षण (Friction)
परिभाषा:
घर्षण वह संपर्क बल है जो दो सतहों के बीच वस्तु की गति को रोकने या धीमा करने का काम करता है। यह बल सतहों के आपस में रगड़ने के कारण उत्पन्न होता है।
घर्षण के प्रकार:
- स्थैतिक घर्षण (Static Friction): जब वस्तु स्थिर होती है और उसे गति में लाने के लिए बल लगाया जाता है।
- गतिशील घर्षण (Kinetic / Sliding Friction): जब वस्तु पहले से गति में होती है।
- घर्षण रोलिंग (Rolling Friction): जब कोई वस्तु घूमती हुई सतह पर चलती है, जैसे पहिये।
उदाहरण:
- सड़क पर चलती कार की टायर और सड़क के बीच घर्षण।
- जूतों के तलवे और फर्श के बीच घर्षण।
- पेन या पेंसिल का कागज पर रगड़ना।
महत्व:
- घर्षण से हम चलते समय फिसलते नहीं हैं।
- घर्षण वाहन की ब्रेकिंग में मदद करता है।
- कुछ परिस्थितियों में घर्षण ऊर्जा की हानि भी कर सकता है।
असंपर्क बल (Non-contact Forces)
परिभाषा: असंपर्क बल वह बल है जो किसी वस्तु पर तब लगता है जब वह वस्तु अन्य वस्तु को बिना सीधे छुए प्रभावित करती है। इस प्रकार के बलों में वस्तुएँ आपस में संपर्क में नहीं होती, फिर भी बल का प्रभाव दिखाई देता है।
1. चुंबकीय बल (Magnetic Force)
परिभाषा: चुंबकीय बल वह बल है जो चुम्बक और लोहे जैसी वस्तुओं के बीच उत्पन्न होता है। यह बल वस्तुओं को आकर्षित (खींचना) या अपकर्षित (धकेलना) कर सकता है।
उदाहरण:
- चुम्बक द्वारा लोहे के टुकड़े को खींचना।
- समान ध्रुव वाले दो चुम्बक एक-दूसरे को धकेलते हैं।
- कंपास की सुई हमेशा उत्तर की ओर इशारा करती है।
2. स्थिर विद्युत बल (Electrostatic Force)
परिभाषा: यह बल स्थिर विद्युत आवेश वाली वस्तुओं के बीच उत्पन्न होता है। समान आवेश वाली वस्तुएँ आपस में धकेलती हैं और विपरीत आवेश वाली वस्तुएँ खींचती हैं।
उदाहरण:
- प्लास्टिक रॉड को ऊनी कपड़े से रगड़ना और कागज़ के टुकड़े को आकर्षित करना।
- समान आवेश वाली वस्तुएँ एक-दूसरे से दूर रहती हैं।
- बालों में रबड़ की कंघी के पास आने पर बाल खिंचना।
3. गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)
परिभाषा: यह बल दो वस्तुओं के द्रव्यमान के कारण उत्पन्न होता है। यह बल वस्तुओं को एक-दूसरे की ओर आकर्षित करता है। पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण बल हर वस्तु को नीचे की ओर खींचता है।
उदाहरण:
- पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु को नीचे खींचना – जैसे जब गेंद गिरती है।
- सौरमंडल में ग्रहों का सूर्य की ओर खिंचना।
- जल और वायुमंडलीय पदार्थ पृथ्वी पर बने रहते हैं।
नोट:
संक्षेप में, असंपर्क बल वस्तुओं के बीच बिना संपर्क के उत्पन्न होता है। चुंबकीय बल, स्थिर विद्युत बल और गुरुत्वाकर्षण बल इसके प्रमुख उदाहरण हैं। ये बल वस्तुओं की गति, दिशा और स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
गुरुत्व बल एवं पृथ्वी का गुरुत्वीय बल
1. गुरुत्व बल (Gravitational Force)
परिभाषा: गुरुत्व बल वह बल है जो किसी भी दो वस्तुओं के बीच उनके द्रव्यमान के कारण उत्पन्न होता है। यह बल हमेशा आकर्षित करने वाला होता है और वस्तुओं को एक-दूसरे की ओर खींचता है।
सूत्र:
यदि दो वस्तुओं का द्रव्यमान m₁ और m₂ है और उनके बीच की दूरी r है, तो उनके बीच गुरुत्व बल है:
F = G × (m₁ × m₂) / r²
जहाँ, G = गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (Gravitational constant)
उदाहरण:
- पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर्षण।
- ग्रहों और चंद्रमा के बीच गुरुत्व बल।
- पृथ्वी पर किसी वस्तु का नीचे गिरना।
2. पृथ्वी का गुरुत्वीय बल (Earth’s Gravitational Force)
परिभाषा: पृथ्वी का गुरुत्वीय बल वह बल है जो पृथ्वी किसी वस्तु के द्रव्यमान पर लगाती है। यह बल हमेशा वस्तु को पृथ्वी की सतह की ओर खींचता है।
विशेषताएँ:
- दिशा: यह बल हमेशा पृथ्वी की सतह की ओर होता है।
- मात्रक: पृथ्वी का गुरुत्व बल न्यूटन (N) में मापा जाता है।
- त्वरण: पृथ्वी का गुरुत्वीय त्वरण लगभग g = 9.8 m/s² है।
- गुरुत्व बल = वस्तु का द्रव्यमान × गुरुत्वीय त्वरण → F = m × g
उदाहरण:
- गेंद का गिरना।
- वस्तुएँ जमीन पर रहना।
- जल का सतह पर बने रहना।
संक्षेप में, गुरुत्व बल एक सार्वभौमिक बल है, जबकि पृथ्वी का गुरुत्वीय बल विशेष रूप से पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु पर लगाया गया बल है।
बलों का सारणी (Forces Table)
| बल का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण | विशेषताएँ |
|---|---|---|---|
| संपर्क बल (Contact Force) | वह बल जो दो वस्तुओं के संपर्क में आने पर लगता है। | हाथ से बॉल को धक्का देना, पेंसिल से लिखना, घर्षण बल | संपर्क के माध्यम से ही प्रभाव डालता है; वस्तु की गति, दिशा या आकृति बदल सकता है। |
| असंपर्क बल (Non-contact Force) | वह बल जो वस्तुओं के संपर्क के बिना उत्पन्न होता है। | चुंबकीय बल, स्थिर विद्युत बल, गुरुत्वाकर्षण बल | बिना छूए वस्तु पर प्रभाव डालता है; आकर्षण या प्रतिकर्षण कर सकता है। |
| गुरुत्व बल (Gravitational Force) | वह बल जो किसी भी दो वस्तुओं के द्रव्यमान के कारण उत्पन्न होता है। | पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर्षण, ग्रहों का सूर्य की ओर खिंचना | आकर्षक बल; वस्तुओं को एक-दूसरे की ओर खींचता है; सार्वभौमिक बल। |
| पृथ्वी का गुरुत्वीय बल (Earth’s Gravitational Force) | पृथ्वी द्वारा किसी वस्तु पर लगाया गया बल जो उसे पृथ्वी की सतह की ओर खींचता है। | गेंद का गिरना, जल का सतह पर रहना, वस्तुएँ जमीन पर रहना | दिशा: पृथ्वी की सतह की ओर; F = m × g; गुरुत्वीय त्वरण g = 9.8 m/s² |
दाब (Pressure)
1. परिभाषा:
दाब वह बल है जो किसी वस्तु द्वारा किसी सतह पर लगाया जाता है, प्रति इकाई क्षेत्रफल में। सरल शब्दों में, जब बल किसी सतह पर वितरित होता है, तो वह दाब उत्पन्न करता है।
2. सूत्र:
यदि किसी सतह पर बल F लगाया जाता है और सतह का क्षेत्रफल A है, तो दाब (P) होता है:
P = F / A
जहाँ,
- P = दाब (Pressure in Pascal, Pa)
- F = बल (Force in Newton, N)
- A = सतह का क्षेत्रफल (Area in m²)
3. दाब के प्रकार:
- स्थैतिक दाब (Static Pressure): जब वस्तु स्थिर होती है और सतह पर बल डालती है।
- तरल दाब (Liquid Pressure): तरल में किसी बिंदु पर पड़ने वाला बल प्रति इकाई क्षेत्रफल।
- गैसीय दाब (Gas Pressure): गैस के अणुओं द्वारा किसी सतह पर पड़ने वाला बल।
4. उदाहरण:
- कील को लकड़ी में ठोकना – छोटी सतह होने के कारण अधिक दाब।
- बर्फ पर बर्फ के जूते पहनना – बड़ी सतह होने से दाब कम।
- जल की बोतल या पानी का दबाव – पानी की सतह पर दाब उत्पन्न होता है।
- हवा का दबाव – गैसीय दाब के उदाहरण।
5. नोट:
जितना छोटा सतह क्षेत्र, उतना अधिक दाब। इसलिए नाखून से दबाने पर आसानी से निशान बनता है, जबकि हाथ से दबाने पर नहीं।
द्रवों और गैसों द्वारा लगाया गया दाब
1. द्रवों द्वारा दाब (Pressure in Liquids)
परिभाषा: द्रव किसी भी बिंदु पर चारों दिशाओं में बल डालते हैं। यह बल दाब कहलाता है।
सूत्र:
द्रव का दाब = द्रव का घनत्व × गुरुत्वीय त्वरण × ऊँचाई
P = ρ × g × h
जहाँ,
- ρ = द्रव का घनत्व (Density in kg/m³)
- g = गुरुत्वीय त्वरण (9.8 m/s²)
- h = द्रव की ऊँचाई (Height in meters)
उदाहरण:
- पानी की टंकी के निचले हिस्से पर अधिक दाब।
- हाइड्रोलिक प्रेस में द्रव का दाब वस्तु को दबाने में इस्तेमाल।
विशेषताएँ:
- द्रव किसी भी बिंदु पर समान रूप से चारों दिशाओं में दाब डालता है।
- ऊँचाई और घनत्व बढ़ने पर दाब बढ़ता है।
2. गैसों द्वारा दाब (Pressure in Gases)
परिभाषा: गैसों में अणु लगातार गति करते रहते हैं और जब ये किसी सतह से टकराते हैं, तो बल उत्पन्न करते हैं। इस बल को गैस का दाब कहते हैं।
उदाहरण:
- हवा का दबाव – पंखे में हवा का प्रभाव।
- टायर में हवा का दाब – वाहन के भार को सहना।
- सिलेंडर में गैस का दाब।
विशेषताएँ:
- गैस किसी भी बंद बर्तन में सभी दिशाओं में समान दाब डालती है।
- तापमान और आयतन के अनुसार गैस का दाब बदल सकता है।
वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure)
1. परिभाषा:
वायुमंडलीय दाब वह बल है जो वायुमंडल के वायु कण पृथ्वी की सतह पर प्रति इकाई क्षेत्रफल में डालते हैं। सरल शब्दों में, वायुमंडलीय दाब = वायु का वजन / सतह क्षेत्र।
सूत्र:
P = F / A
जहाँ,
- P = दाब (Pressure in Pascal, Pa)
- F = वायु का बल / वजन (Force in Newton, N)
- A = सतह का क्षेत्रफल (Area in m²)
2. विशेषताएँ:
- वायुमंडलीय दाब हर दिशा में समान रूप से कार्य करता है।
- समुद्र तल पर यह लगभग 1.013 × 10⁵ Pa होता है।
- ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब कम हो जाता है।
3. उदाहरण:
- सिंचाई में पाइप से पानी ऊपर चढ़ना।
- ग्लास में पानी उल्टा रखकर कार्ड लगाना और पानी गिरना नहीं।
- वायुमंडलीय बल की मदद से वैक्यूम पंप का कार्य।
- हवा की वजह से दरवाजा या खिड़की बंद रहना।
4. नोट:
वायुमंडलीय दाब का अनुभव रोज़मर्रा की जिंदगी में कई स्थानों पर होता है। यह दाब हमें बारिश, हवा और मौसम की जानकारी में भी मदद करता है।
प्रमुख शब्द (Key Terms)
- वायुमंडलीय दाब: वायु कणों द्वारा पृथ्वी की सतह पर प्रति इकाई क्षेत्रफल में डाला गया बल।
- संपर्क बल: वह बल जो दो वस्तुओं के संपर्क में आने पर लगता है।
- स्थिर वैद्युत बल (Electrostatic Force): स्थिर विद्युत आवेश वाली वस्तुओं के बीच उत्पन्न बल, जो आकर्षण या प्रतिकर्षण करता है।
- बल (Force): किसी वस्तु पर लगने वाला ऐसा कारण जो उसकी गति, दिशा या आकृति बदल सकता है।
- घर्षण (Friction): वह संपर्क बल जो सतहों के बीच रगड़ से वस्तु की गति को रोकता या धीमा करता है।
- गुरुत्वीय बल (Gravitational Force): दो वस्तुओं के बीच उनके द्रव्यमान के कारण उत्पन्न आकर्षक बल।
- गुरुत्व (Gravity): वह प्राकृतिक गुण जो वस्तुओं को पृथ्वी या अन्य ग्रह की ओर खींचता है।
- चुंबकीय बल (Magnetic Force): चुंबक और लोहे जैसी वस्तुओं के बीच उत्पन्न बल, जो आकर्षित या धकेल सकता है।
- पेशीय बल (Muscular Force): मांसपेशियों द्वारा किसी वस्तु पर लगाया गया बल।
- असंपर्क बल (Non-contact Force): वह बल जो बिना किसी वस्तु को छुए उत्पन्न होता है, जैसे चुंबकीय बल, स्थिर वैद्युत बल, गुरुत्वीय बल।
- दाब (Pressure): किसी सतह पर लगने वाला बल प्रति इकाई क्षेत्रफल।
- अभिकर्षण (खींचना / Tension): वह बल जो वस्तु को खींचने पर लगता है।
- अपकर्षण (धक्का देना / Compression): वह बल जो वस्तु को दबाने या धकेलने पर लगता है।
बल एवं दाब – नोट्स
- बल धक्का देना (अपकर्षित करना) या खींचना (अभिकर्षित करना) हो सकता है।
- बल दो वस्तुओं के बीच अन्योन्यक्रिया के कारण लगता है।
- बल का परिमाण तथा दिशा दोनों होते हैं।
- किसी वस्तु की चाल में परिवर्तन अथवा गति की दिशा में परिवर्तन अथवा दोनों में होने वाले परिवर्तन का अर्थ है इसकी गति की अवस्था में परिवर्तन होना।
- किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसकी गति की अवस्था में अथवा उसकी आकृति में परिवर्तन कर सकता है।
- बल या तो सम्पर्क में आए बिना भी लग सकता है। (असंपर्क बल)
- किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसके साथ सम्पर्क में आने पर भी लग सकता है। (संपर्क बल)
- प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं।
- द्रव तथा गैसें बर्तनों की दीवारों पर दाब लगाते हैं।
- हमारे चारों ओर की वायु द्वारा लगाए गए दाब को वायुमंडलीय दाब कहते हैं।
बल एवं दाब – अभ्यास
1. धक्के या खिचाव के द्वारा वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन के उदाहरण:
- धक्का: फुटबॉल को पैर से धक्का देना।
- धक्का: कार को सड़क पर धक्का लगाना।
- खींचाव: रस्सी को खींचकर गाड़ी को खींचना।
- खींचाव: धनुष से तीर खींचना।
2. लगाए गए बल द्वारा वस्तु की आकृति में परिवर्तन के उदाहरण:
- चपटा करना: आटे का लोई को बेलन से दबाना।
- खींचना: रबर बैंड को खींचना।
- मरोड़ना: लोहे की छड़ को मोड़ना।
- दबाना: स्पंजी गेंद को दबाना।
3. रिक्त स्थान की पूर्ति:
- (क) कुएँ से पानी निकालते समय हम रस्सी को पेशीय पकड़ते हैं।
- (ख) एक आवेशित वस्तु अनावेशित वस्तु को आकर्षित करती है।
- (ग) समान से लदी ट्रॉली को चलाने के लिए हमें उसको सम्पर्क पकड़ना है।
- (घ) किसी चुंबक का उत्तरी ध्रुव दूसरे चुंबक के उत्तरी ध्रुव को अपकर्षित (धकेलना) करता है।
4. धनुष और तीर के उदाहरण पर आधारित रिक्त स्थान:
- (क) धनुष को खींचने के लिए धनुषैर एक बल लगाती है जिसके कारण, इसकी आकृति में परिवर्तन होता है।
- (ख) धनुष को खींचने के लिए धनुषैर द्वारा लगाया गया बल पेशीय बल का उदाहरण है।
- (ग) तीर की गति की अवस्था में परिवर्तन के लिए उत्तरदायी बल का प्रकार असंपर्क बल का उदाहरण है।
- (घ) जब तीर लक्ष्य की ओर गति करता है तो इस पर लगने वाले बल गुरुत्व तथा वायु के घर्षण के कारण होते हैं।
बल एवं दाब – अभ्यास (प्रश्न 5 से 10)
5. बल लगाने वाले कारक, जिस वस्तु पर बल लग रहा है और बल का प्रभाव:
| स्थिति | बल लगाने वाला कारक | वस्तु जिस पर बल लग रहा है | बल का प्रभाव |
|---|---|---|---|
| रस निकालने के लिए नींबू के टुकड़ों को अँगुलियों से दबाना | अँगुलियाँ | नींबू का टुकड़ा | नींबू के टुकड़े की आकृति में परिवर्तन (दबाव/अपकर्षण) |
| दंत मंजन को ट्यूब से पेस्ट बाहर निकालना | हाथ द्वारा ट्यूब को दबाना | ट्यूब में दंत मंजन | पेस्ट का बाहर निकलना (आकृति में परिवर्तन) |
| दीवार में लगे हुए हुक से लटकी कमीज के दूसरे सिरे पर लटका एक भारी वस्तु | वस्तु का वजन (गुरुत्वीय बल) | हुक और कमीज़ | हुक पर तन्य बल, कमीज़ पर तनाव/खींचाव |
| ऊँची कूद करते समय खिलाड़ी हवा में छड़ पार करना | खिलाड़ी की मांसपेशियाँ (पेशीय बल) | खिलाड़ी और छड़ | खिलाड़ी की गति में परिवर्तन (ऊँचाई तक पहुंचना) |
6. लोहार द्वारा हथौड़े से पीटा गया लोहे का टुकड़ा:
हथौड़े द्वारा लगाया गया संपर्क बल लोहे के टुकड़े की आकृति में परिवर्तन करता है। लोहे को पीटने पर उसका आकार फैलता या पतला हो जाता है।
7. फुगला हुआ गुब्बारा दीवार से चिपकना:
दीवार और गुब्बारे के बीच आकर्षण के लिए उत्तरदायी बल: स्थिर वैद्युत बल (Electrostatic Force)
8. पानी से भरी प्लास्टिक बाल्टी हाथ में लटकाना:
बाल्टी पर लगने वाले बल:
- ऊपर की ओर – पेशीय बल (हाथ द्वारा लगाया गया)
- नीचे की ओर – गुरुत्व बल (पानी और बाल्टी का वजन)
इन बलों की दिशा एक-दूसरे के विपरीत होने के कारण बाल्टी स्थिर रहती है। इसलिए उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन नहीं होता।
9. उपग्रह को कक्षा में प्रमोचित करने के लिए रॉकेट:
रॉकेट पर लगने वाले बल:
- ऊपर की ओर – रॉकेट इंजन का बल (पेशीय/संपर्क बल)
- नीचे की ओर – पृथ्वी का गुरुत्वीय बल
10. ड्रॉपर में पानी का चढ़ना:
उत्तर: घ) वायुमंडलीय दाब
जब बल्ब से दबाव हटाया जाता है, तो बाहरी वायु बल के कारण पानी ड्रॉपर में ऊपर चढ़ जाता है।
बल (Force) – महत्वपूर्ण प्रश्न:
- किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन किससे होता है?
उत्तर: बल से - जब आप साइकिल के ब्रेक लगाते हैं, तो कौन-सा बल कार्य करता है?
उत्तर: घर्षण बल - निम्न में से कौन-सा असम्पर्क बल है?
उत्तर: चुंबकीय बल - वायुमंडलीय दाब किसके कारण होता है?
उत्तर: वायु का भार - जब किसी वस्तु की आकृति बदल जाती है, तब उस पर क्या कार्य करता है?
उत्तर: बल - गेंद का पृथ्वी की ओर गिरना किस बल के कारण होता है?
उत्तर: गुरुत्वीय बल - समान ध्रुव वाले दो चुंबक क्या करते हैं?
उत्तर: विकर्षित करते हैं - घर्षण बल किस प्रकार का बल है?
उत्तर: सम्पर्क बल - पानी से भरे ग्लास पर रखी कागज़ की शीट नीचे नहीं गिरती क्योंकि?
उत्तर: वायुमंडलीय दाब - बल की SI इकाई क्या है?
उत्तर: न्यूटन - रस्सी खींचने पर कौन-सा बल कार्य करता है?
उत्तर: पेशीय बल - दाब का सूत्र क्या है?
उत्तर: बल ÷ क्षेत्रफल - वायुमंडलीय दाब किस इकाई में मापा जाता है?
उत्तर: पास्कल - कौन-सा बल वस्तुओं को खींचने या धकेलने का कार्य करता है?
उत्तर: बल - हाथ से गेंद फेंकने में कौन-सा बल प्रयुक्त होता है?
उत्तर: पेशीय बल - कौन-सा बल वस्तुओं को पृथ्वी के केंद्र की ओर खींचता है?
उत्तर: गुरुत्वीय बल - जब दो वस्तुएँ एक-दूसरे को छूती हैं, तो कौन-सा बल कार्य करता है?
उत्तर: सम्पर्क बल - एक आवेशित वस्तु अनावेशित वस्तु को क्या करती है?
उत्तर: आकर्षित - चुंबक का उत्तरी ध्रुव दूसरे चुंबक के उत्तरी ध्रुव को क्या करेगा?
उत्तर: विकर्षित - निम्नलिखित में से कौन-सा बल सम्पर्क बल नहीं है?
उत्तर: गुरुत्वीय बल
बल एवं दाब (Force and Pressure) के बारे में और अधिक पढ़ें –
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